पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी: वित्त मंत्री
नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।
इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।
वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।
इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। कच्चे तेल की कीमत में भारी वृद्धि के कारण ओएमसी को ईंधन की रिटेल बिक्री पर बड़ा नुकसान हो रहा है।
मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होने को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक अहम कदम बताया।
गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय 140 करोड़ भारतीयों को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करेगा।
पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उठापटक के बावजूद, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करके प्रत्यक्ष मूल्य राहत सुनिश्चित की है। डीजल और एविएशन टरबाइन ईंधन पर रणनीतिक निर्यात शुल्क लगाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत की विकास गति निर्बाध बनी रहे।
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एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूएस एंबेसी ने पीएम मोदी के लिए ट्रंप के बयान को दोहराया, प्रधानमंत्री को 'काम पूरा करने वाला लीडर' बताया
नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। भारत में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए उन्हें “काम पूरा करने वाले नेता” बताया था। इसके साथ ही, दूतावास ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होंगे।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच दूतावास के सोशल मीडिया पोस्ट ने अपनी टाइमिंग और मैसेज की वजह से ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ हमारे शानदार संबंध आगे और भी मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं, ऐसा ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।”
यह अपडेट दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को फोन पर हुई बातचीत के बाद आई है। मंगलवार को टेलीफोनिक बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने ईरान संघर्ष को लेकर अहम चर्चा की। कॉल के बाद, पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाली और वैश्विक व्यापार के लिए होर्मुज स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत पर भारत का पक्ष दोहराया।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया के हालात पर विचारों का अच्छा लेन-देन हुआ। भारत जल्द से जल्द डी-एस्केलेशन और शांति बहाली का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज स्ट्रेट खुला, सुरक्षित और एक्सेसिबल रहे, पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। हम शांति और स्थिरता की कोशिशों के बारे में संपर्क में रहने पर सहमत हुए।”
ट्रंप और पीएम मोदी ने फोन कॉल के दौरान इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने जोर दिया कि होर्मुज की रणनीतिक स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और एक्सेसिबल रखना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है।
दोनों पक्ष इलाके की सुरक्षा और वैश्विक शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर करीबी बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए।
बता दें, यह बातचीत पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़ते तनाव के बीच हुई, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। बदले में, ईरान ने इलाके में अमेरिकी और इजरायली जगहों, इलाके की राजधानियों और सहयोगी सेनाओं को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस लड़ाई ने ग्लोबल मार्केट पर असर डाला है और एनर्जी की कीमतें इलाके के डेवलपमेंट के हिसाब से बहुत ज्यादा सेंसिटिव बनी हुई हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने पिछले कुछ सालों में एक उच्च स्तरीय राजनीतिक साझेदारी बनाए रखी है, जिसमें बड़े पब्लिक इवेंट, रणनीतिक बातचीत और अक्सर एक-दूसरे की तारीफ शामिल है।
उनका सहयोग व्यापार, रक्षा और बड़ी रणनीतिक साझेदारी जैसे खास क्षेत्रों में फैला हुआ है, जो एक तेजी से बढ़ते कई पहलुओं वाले और नतीजों पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों को दिखाता है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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