Israel का बड़ा Attack, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के नेवी चीफ Alireza Tangsiri को मार गिराने का दावा।
इजराइल ने बृहस्पतिवार को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना के प्रमुख कमांडर अलीरजा तंगसिरी को मार गिराने का दावा किया। तंगसिरी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की रणनीति की अगुवाई कर रहे थे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक संक्षिप्त वीडियो संदेश में कहा कि इजराइल ईरान पर पूरी ताकत से हमला करना जारी रखे हुए है, जबकि इस्लामी गणराज्य और उसके लेबनानी सहयोगी हिज्बुल्ला ने इजराइल भर में कई हमले किए, जिससे लोगों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा।
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘कल रात हमने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की नौसेना के कमांडर को मार गिराया। इस व्यक्ति के हाथ खून से सने थे, और वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए भी जिम्मेदार था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ईरान के आतंकी शासन के ठिकानों पर पूरी ताकत से हमले करना जारी रखेंगे।’’
बृहस्पतिवार को ईरान और लेबनान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन हमलों के कारण पूरे इजराइल में चेतावनी सायरन बजाए गए, जिससे दोपहर तक लोगों को कई बार आश्रय स्थलों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को इजराइल में हुए इन हमलों में कम से कम दस लोग घायल हुए।
S Jaishankar की 'दलाल' वाली टिप्पणी पर Pakistan को लगी मिर्ची, कहा- ये भाषा हताशा दिखाती है
पाकिस्तान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ‘दलाल’ वाली टिप्पणी पर बृहस्पतिवार को कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भारतीय नेतृत्व की ‘‘गहरी हताशा’’ को दर्शाती है। यहां बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में भारत सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि 1981 से ही अमेरिका उस देश का ‘‘उपयोग’’ करता आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बैठक में उपस्थित लोगों से कहा, ‘‘हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं।’’ पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से शुक्रवार सुबह जयशंकर द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई ‘‘अभद्र भाषा’’ के बारे में पूछा गया, जिस पर उन्होंने कहा: ‘‘सबसे पहले, हम भारतीय बयान को उसी तिरस्कार के साथ खारिज करते हैं जिसका वह हकदार है।’’
भारतीय विदेश मंत्री की टिप्पणियों के बारे में उन्होंने कहा: “इस तरह की गैर-कूटनीतिक बयानबाजी गहरी हताशा को दर्शाती है। जब तर्क कमजोर पड़ जाते हैं, तो अपशब्दों का सहारा लिया जाता है।
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