S Jaishankar की 'दलाल' वाली टिप्पणी पर Pakistan को लगी मिर्ची, कहा- ये भाषा हताशा दिखाती है
पाकिस्तान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ‘दलाल’ वाली टिप्पणी पर बृहस्पतिवार को कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भारतीय नेतृत्व की ‘‘गहरी हताशा’’ को दर्शाती है। यहां बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में भारत सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि 1981 से ही अमेरिका उस देश का ‘‘उपयोग’’ करता आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बैठक में उपस्थित लोगों से कहा, ‘‘हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं।’’ पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से शुक्रवार सुबह जयशंकर द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई ‘‘अभद्र भाषा’’ के बारे में पूछा गया, जिस पर उन्होंने कहा: ‘‘सबसे पहले, हम भारतीय बयान को उसी तिरस्कार के साथ खारिज करते हैं जिसका वह हकदार है।’’
भारतीय विदेश मंत्री की टिप्पणियों के बारे में उन्होंने कहा: “इस तरह की गैर-कूटनीतिक बयानबाजी गहरी हताशा को दर्शाती है। जब तर्क कमजोर पड़ जाते हैं, तो अपशब्दों का सहारा लिया जाता है।
Shubman Gill ही नहीं, Rohit भी 'Impact Player' के खिलाफ, BCCI पर बढ़ा नियम बदलने का दबाव
गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने बुधवार को आईपीएल में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ नियम पर चिंता जताते हुए कहा कि यह ‘खेल से कौशल और चुनौती की अहमियत को कम करता है।’ इस नियम पर पहले भी भारतीय खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई है, जिनमें रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या और हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल शामिल हैं। मुंबई में बुधवार को हुई आईपीएल कप्तानों की बैठक में गिल सहित अधिकांश कप्तानों ने बीसीसीआई से इस नियम की समीक्षा करने की मांग की।
यह नियम 2023 में लागू किया गया था और इसे कम से कम 2027 तक बढ़ाया गया है। गिल ने कहा, “मेरे व्यक्तिगत विचार से ‘इंपैक्ट प्लेयर’ नहीं होना चाहिए। क्रिकेट सामान्यतः 11 खिलाड़ियों का खेल है। इसमें एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज जोड़ने से खेल की वास्तविक चुनौती और खिलाड़ी की कौशल का महत्व कम हो जाता है।” उन्होंने कहा, “खेल में एक निश्चित कौशल होता है। अगर आपकी कुछ मुख्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएं, तो टीम को अच्छी स्कोर तक पहुंचाने के लिए रणनीति और कौशल की जरूरत होती है। लेकिन इस एक अतिरिक्त खिलाड़ी से खेल का झुकाव एकतरफाहो गया है। इससे चुनौती भी कम हो गई है। मेरे लिए आसान पिच पर 220 रन का पीछा करने से ज्यादा रोमांच चुनौतीपूर्ण पिच पर 180 या 160 रन का पीछा करने में है।”
बीसीसीआई इस नियम पर अंतिम फैसला 2027 के बाद ही ले सकेगा। गिल ने कहा, “यह नियम 2027 तक लागू रहेगा। कप्तानों की बैठक में हमने इस पर चर्चा की थी। मुझे समझ है कि यह खेल को थोड़ी मनोरंजक बनाता है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मुझे यह पसंद नहीं है। फैसला बीसीसीआई का होगा।
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