US को चीनी राजदूत Xu Feihong का जवाब, India-China का विकास भीख नहीं, मेहनत का फल
चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और चीन ने पिछले कुछ दशकों में ‘‘उल्लेखनीय’’ विकास हासिल किया है। यह उनकी ‘‘कड़ी मेहनत’’ के कारण संभव है, न कि दूसरों की ‘‘उदारता’’ के कारण। उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया कि बाहरी शक्तियों ने बीजिंग के आर्थिक उत्थान को बढ़ावा दिया है। शू की टिप्पणियों को काफी हद तक अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ की हालिया टिप्पणियों के खंडन के रूप में देखा जा रहा है।
लैंडो ने हाल ही में चीन के लिए अमेरिकी आर्थिक समर्थन को एक ‘‘गलती’’ बताया था और कहा था कि वाशिंगटन नयी दिल्ली के साथ इसे दोहराने से बचेगा। अमेरिका पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए चीनी राजदूत ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए किसी भी देश का नाम लिए बिना कहा कि कुछ तत्व चीन और भारत को सद्भाव में रहते हुए नहीं देखना चाहते और ‘‘तथाकथित चीन के खतरे’’ को ‘‘बढ़ा-चढ़ाकर’’ पेश करते हैं।
G7 Meeting में भारत की जोरदार मांग, S Jaishankar बोले- अब UNSC में सुधार जरूरी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को फ्रांस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों, शांति स्थापनों के अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय सहायता आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर प्रकाश डाला। जयशंकर ने फ्रांस में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के विषय पर साझेदारों के साथ हुई बैठक में भाषण दिया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘वैश्विक शासन में सुधार पर आमंत्रित साझेदारों के साथ जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के सत्र में भाषण दिया। यूएनएससी में सुधारों, शांतिरक्षा अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय सहायता आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर प्रकाश डाला।’’ पोस्ट में लिखा, ‘‘खास कर वैश्विक दक्षिण की ऊर्जा चुनौतियों, उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उठाया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi













/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)








