Harry Potter Series Teaser: हैरी पॉटर सीरीज का टीजर जारी, कास्ट को देंख इमोशनल हुए फैंस; जानिए सीरीज की कहानी के बारे में!
Harry Potter Series Teaser: हैरी पॉटर (Harry Potter) की मचअवेटिड टीवी सीरीज का टीजर रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गया है। जादुई दुनिया की इस नई झलक ने फैंस को एक बार फिर नॉस्टैल्जिक कर दिया, हालांकि नई कास्ट को लेकर ऑडियंस मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
टीजर ने जगाई पुरानी यादें
टीजर सामने आते ही फैंस हॉगवर्ट्स की दुनिया में खो गए। हैरी, हरमाइनी और रॉन की झलक ने लोगों को पुराने दिनों की याद दिला दी। कई यूजर्स ने इसे देखकर इमोशनल रिएक्शन दिए।
नई कास्ट के बारे में
इस बार सीरीज में पूरी तरह नई कास्ट नजर आएगी। हैरी पॉटर का किरदार डोमिनिक मैकलॉघिलन निभा रहे हैं। हरमाइनी ग्रेंजर बनी हैं अरेबेला स्टैंटन इसले अलावा रॉन वीस्ली के रोल में एलास्टेयर स्टाउट दिखेंगे। नई कास्ट को लेकर कुछ फैंस काफी एक्याइटेड हैं, जबकि कुछ पुराने एक्टर्स को मिस कर रहे हैं।
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किताब पर आधारित होगी कहानी
यह सीरीज जे.के राउलिंग (J. K. Rowling) की किताबों पर आधारित है। हर सीजन में एक किताब की कहानी को विस्तार से दिखाया जाएगा। पहले सीजन में ‘फिलॉसफर्स स्टोन’ की कहानी दिखाई जाएगी।
टीजर में क्या है खास?
टीजर में हैरी के हॉगवर्ट्स में पहले साल की झलक दिखाई गई है। जिसमे वह अपने माता-पिता के बारे में जानने की कोशिश करता नजर आता है, जबकि हैगरिड उसे उनके बारे में बताता है।
कब रिलीज होगी सीरीज
यह सीरीज HBO Max पर रिलीज होगी। मेकर्स ने इसे क्रिसमस 2026 पर रिलीज करने की घोषणा की है, हालांकि फाइनल डेट अभी सामने नहीं आई है।
फैंस का मिला-जुला रिएक्शन
टीजर को लेकर फैंस के बीच उत्साह साफ दिख रहा है, लेकिन नई कास्ट को लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आलोचना भी की है।
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बांग्लादेश: राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और प्रधानमंत्री रहमान ने स्वतंत्रता दिवस पर 1971 के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
ढाका, 26 मार्च (आईएएनएस)। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन और प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने गुरुवार को देश के 56वें स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्मारक पर फूल चढ़ाकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद, राष्ट्रपति और पीएम ने मुक्ति संग्राम के शहीदों की सम्मान में कुछ देर का मौन रखा।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि दोनों नेताओं ने स्मारक परिसर में विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर भी किए।
आजादी के लिए अपनी जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में देश 26 मार्च को स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस मनाता है।
आजादी के लिए हथियारबंद संघर्ष 26 मार्च, 1971 की सुबह शुरू हुआ था, जब 25 मार्च, 1971 की रात को पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे बांग्लादेशियों पर बेरहमी से हमला किया था। इस दिन को नरसंहार दिवस के रूप में जाना जाता है।
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी ने बताया कि बांग्लादेश को 16 दिसंबर, 1971 को नौ महीने के लंबे संघर्ष के बाद आजादी मिली, जिसमें 30 लाख लोगों की जान गई और दो लाख महिलाओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हुआ।
स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए, पीएम रहमान ने नागरिकों से एक विकसित, खुशहाल और आलीशान बांग्लादेश बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
बुधवार को पीएम की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, 26 मार्च हमारे देश के जीवन का एक शानदार और ऐतिहासिक दिन है। इस दिन, मैं देश के उन सबसे अच्छे बेटों को बहुत सम्मान के साथ याद करता हूं, जिनकी कुर्बानियों की वजह से हम एक आजाद और संप्रभु बांग्लादेश बना पाए। साथ ही, मैं उन बहादुर लड़ाकों का भी बहुत शुक्रगुजार हूं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया, उन माताओं और बहनों का भी जिन्होंने ज़ुल्म सहा और उन सभी का जिन्होंने आजादी की लड़ाई में खुद को झोंक दिया। मैं सभी शहीदों की आत्मा की शांति के लिए दुआ करता हूं।
लोगों से देश की एकता, सद्भाव और देशभक्ति की भावना बनाए रखने की अपील करते हुए, पीएम ने कहा, आइए हम महान स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस के महत्व से प्रेरणा लें और अपने तरीके से देश की भलाई के लिए खुद को समर्पित करें। आइए हम सब मिलकर एक विकसित, खुशहाल और आलीशान बांग्लादेश बनाने के लिए काम करें।
इस बीच, शोर है कि कई ताकतें अभी भी लिबरेशन वॉर के आदर्शों और सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश में लिप्त हैं। कहा जा रहा है कि मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के अठारह महीने के कार्यकाल के दौरान इसे बढ़ावा मिला।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी इस मुद्दे पर पिछली अंतरिम सरकार की आलोचना की, और आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान, कई युद्ध अपराधियों के ट्रायल की प्रक्रिया रोक दी गई थी, और कई दोषी लोगों को रिहा कर दिया गया था।
उन्होंने कहा, एक मौत की सजा पाए युद्ध अपराधी को राष्ट्रीय संसद का सदस्य भी बना दिया गया, जिससे लाखों शहीदों के बलिदान का अपमान हुआ।
हसीना ने आगे कहा कि इस ट्रेंड को जारी रखते हुए, शहीदों की यादों को जानबूझकर मिटाने और पाकिस्तानी सेना के सहयोगियों को अलग-अलग तरीकों से फिर से बसाने की कोशिशें जारी हैं।
उन्होंने कहा, यह न केवल इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश है, बल्कि आजादी की लड़ाई की भावना पर भी हमला है।
--आईएएनएस
केआर/
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