देश में नहीं LPG की कोई कमी, सरकार ने 25 दिन में लगाए लाखों पाइप कनेक्शन
देश में बढ़ती एलपीजी आपूर्ति चिंता के बीच भारत सरकार ने एक बार फिर कहा है कि भारत में पर्याप्त एलपीजी है. यही नहीं सरकार ने तनाव के बीच इसके विकल्प पर भी काम किया है. सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए, क्योंकि इन ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है. हालांकि, रसोई गैस के मामले में सरकार अब वैकल्पिक व्यवस्था को तेजी से लागू करने पर जोर दे रही है. बीते 25 दिन में सरकार ने लाखों पाइप गैस कनेक्शन लगा दिए हैं.
PNG को बढ़ावा देने की रणनीति
सरकार का मुख्य फोकस अब पाइप नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना है. पीएनजी एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस की सप्लाई की जाती है. इससे सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और स्टोरेज जैसी समस्याएं खत्म हो जाती हैं. सरकार का मानना है कि पीएनजी न केवल सुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षित और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने वाला विकल्प भी है.
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, "In the last 25 days, 2.5 lakh new connections (PNG) have been given. Additionally, approximately 2.20 lakh consumers have shifted from LPG to PNG. Additionally,… pic.twitter.com/o3pDx5KbMs
— ANI (@ANI) March 25, 2026
LPG कनेक्शन पर नई शर्त
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाना अनिवार्य किया जाएगा. यदि कोई परिवार पीएनजी कनेक्शन लेने से इनकार करता है, तो तीन महीने बाद उसका LPG कनेक्शन बंद किया जा सकता है. हालांकि, जिन इलाकों में पाइपलाइन पहुंचाना संभव नहीं है, वहां एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के आधार पर एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी.
पश्चिम एशिया संकट का असर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है. इस क्षेत्र से एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई में बाधा आने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है. इसी कारण सरकार अब एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है.
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
पीएनजी अपनाने से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिल सकते हैं:
- 24 घंटे निरंतर गैस सप्लाई
- सिलेंडर खत्म होने की चिंता से राहत
- सुरक्षित और किफायती विकल्प
- घर में अतिरिक्त स्टोरेज की जरूरत नहीं
इन सुविधाओं के कारण शहरी क्षेत्रों में पीएनजी की मांग पहले से ही बढ़ रही है.
सरकार की अपील और आगे की राह
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उपलब्ध विकल्पों को अपनाकर सहयोग करें. पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के साथ आने वाले समय में और अधिक शहरों और कस्बों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा. एलपीजी संकट के बीच सरकार का यह कदम एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपूर्ति को स्थिर बनाना है.
पीएनजी को बढ़ावा देकर न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि देश की ऊर्जा निर्भरता भी संतुलित होगी.
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"कीड़े नहीं ये तो केसर है..." वंदे भारत ट्रेन में खाने में परोसा जा रहा है ये, देखकर भी नहीं होगा यकीन
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि वंदे भारत में यात्री खाने की शिकायत करते हुए नजर आ रहे हैं. इस वीडियो ने रेलवे की प्रीमियम सर्विस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक यात्री अपनी पूरी जानकारी देते हुए खाने की खराब क्वालिटी के बारे में बता रहा है. यात्री का कहना है कि उसे जो खाना दिया गया है, वह खाने लायक बिल्कुल भी नहीं है. यह घटना भारत की सबसे आधुनिक मानी जाने वाली ट्रेन की साख पर एक बड़ा धब्बा है.
दही में कीड़े या केसर?
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है जहां यात्री अपने दही के पैकेट को दिखाता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दही के अंदर छोटे-छोटे कीड़े तैर रहे हैं. जब यात्री इसकी शिकायत वहां मौजूद ट्रेन अटेंडेंट से करता है, तो स्टाफ की तरफ से बहुत ही अजीब जवाब मिलता है. अटेंडेंट कहता है कि दही में जो दिख रहा है वह केसर है. हालांकि, यात्री प्लेट में उन कीड़ों को साफ तौर पर दिखाकर यह साबित करता है कि वे केसर नहीं बल्कि गंदगी और कीड़े हैं. स्टाफ का इस तरह से बात को टालना यात्रियों की सेहत के साथ बड़े खिलवाड़ की तरफ इशारा करता है.
यात्रियों ने की शिकायत की मांग
इस पूरी घटना के दौरान यात्री काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं. वीडियो में यात्री को कहते हुए सुना जा सकता है कि आप तुरंत कंप्लेन बुक लेकर आइए, हमें लिखित में शिकायत दर्ज करनी है. इस दौरान ट्रेन के कोच में मौजूद दूसरे यात्री भी खाने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हैं. वीडियो में अटेंडेंट काफी आराम से बात करता हुआ दिखता है, जिससे लगता है कि उसे इस गंभीर मामले का कोई खास असर नहीं हो रहा है. यात्रियों का कहना है कि वे भारी किराया देकर इस लग्जरी ट्रेन में सफर करते हैं और बदले में उन्हें इस तरह का घटिया खाना मिल रहा है.
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लग्जरी ट्रेन की सर्विस पर सवाल
भारत में वंदे भारत जैसी ट्रेनों को लग्जरी और हाई-स्पीड ट्रेनों में गिना जाता है. इन ट्रेनों का किराया भी आम ट्रेनों के मुकाबले काफी ज्यादा होता है. ऐसे में अगर इन ट्रेनों में भी यात्रियों को साफ-सुथरा और अच्छा खाना नहीं मिल रहा है, तो यह रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दिखाता है. यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है कि जिस ट्रेन को आधुनिक भारत की पहचान बताया जाता है, वहां साफ-सफाई और हाइजीन का इतना बुरा हाल है. यात्रियों की सेहत के साथ ऐसी लापरवाही किसी भी हाल में सही नहीं कही जा सकती है.
Kalesh in Vande Bharat train over worms in served food.
— Kapil (@kapsology) March 25, 2026
Attendant said 'Kesar hai..kesar' for the insect leg found in the Dahi. ???? pic.twitter.com/3U4KALgHLc
घटना की जगह और समय पर संशय
हालांकि, इस वायरल वीडियो के साथ यह साफ नहीं हो पाया है कि यह घटना असल में किस तारीख की है और ट्रेन किस रूट पर चल रही थी. वीडियो में यात्री की डिटेल्स और कोच का नजारा तो दिख रहा है, लेकिन रूट और समय की पुख्ता जानकारी अभी सामने नहीं आई है. इसके बावजूद, वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. लोग लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और रेलवे मंत्रालय से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अभी तक रेलवे की तरफ से इस खास वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
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