अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है वहीं ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है और इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं।
मंगलवार को इस्लामिक गणराज्य ईरान ने इजराइल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं वहीं लेबनान के आतंकवादियों के रॉकेट हमलों में इजराइल में एक महिला की मौत हो गई। युद्ध के दौरान लेबनान की ओर से किए गए हमले में इजराइल में मौत का यह पहला मामला है।
इजराइल ने कहा कि उसने ईरान के ‘‘उत्पादन स्थलों’’ पर व्यापक हमले किए, लेकिन उसने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
वहीं, ईरान इजराइल पर लगातार हमले कर रहा है जिससे लाखों इजराइली आश्रयस्थलों में शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं।
हाल में ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब इजराइल ईरान की मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट नहीं पाया और इससे उसके लोग हताहत हुए।
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए ईरान को स्वयं दी गई समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस अहम जलमार्ग के लगभग पूरी तरह बंद होने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। युद्ध की अवधि को लेकर अनिश्चितता के कारण मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन ईरान अपने रुख पर कायम है और एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने ‘‘पूरी तरह जीत हासिल’’ होने तक लड़ाई जारी रखने का प्रण किया।
ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है।
इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बातचीत की और ईरान से खाड़ी के देशों पर हो रहे अस्वीकार्य हमलों को रोकने, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को संरक्षित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आह्वान किया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैंने ईरान से सद्भावनापूर्वक बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया, ताकि तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
Continue reading on the app
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बेबाक और विवादास्पद बयानों के कारण चर्चा में हैं। बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच 'फ्रेंडली फायर' (अपनों की गोलीबारी) में तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों के नष्ट होने की घटना को बेहद मामूली करार दिया। राष्ट्रपति के इस रुख ने रक्षा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं थी, क्योंकि सभी पायलट सुरक्षित बच गए। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती दिनों में 90 मिलियन डॉलर के F-15 विमानों के गिराए जाने की घटना को "एक छोटी सी चूक" कहकर टाल दिया। अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया था कि ये विमान गलती से सहयोगी कुवैती वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराए गए थे। ट्रंप ने कहा, "हमने अपनी मिसाइलों से तीन विमान मार गिराए। वे संयोग से हमारे ही विमान थे। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि पायलट बच गए?"
US सेंट्रल कमांड ने बताया था कि तीनों विमानों में सवार सभी छह क्रू सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकल आए (eject हो गए), उन्हें बचा लिया गया और उनकी हालत स्थिर है। राष्ट्रपति ने कहा, "पायलटों ने देख लिया था कि क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि वे 'पैट्रियट' मिसाइलें हैं, हम 'पैट्रियट' से बच नहीं पाएंगे। इसलिए वे वहां से बहुत जल्दी निकल गए, है ना?" उन्होंने आगे कहा, "तीन पायलट बच गए, और वे आज भी उड़ान भर रहे हैं।"
ट्रंप ने इस घटना का कारण कुवैत द्वारा 'पैट्रियट' सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों का इस्तेमाल बताया। हालांकि, रक्षा विश्लेषकों ने इस बात पर असहमति जताई है। उन्होंने वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि फुटेज से ऐसा लगता है कि यह हवा से हवा में हुई लड़ाई (air-to-air engagement) थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इन विमानों को कुवैती लड़ाकू विमानों ने ही मार गिराया होगा, जिन्होंने गलती से उन्हें दुश्मन का विमान समझ लिया था।
US के सहयोगी देश के प्रति नरम रुख अपनाते हुए, ट्रंप ने कहा कि कुवैती सैनिकों से गलती हो गई थी। US राष्ट्रपति ने कहा, "उन्हें लगा कि वे दुश्मन पर हमला कर रहे हैं। जैसा कि कहावत है, यह 'फ्रेंडली फायर' था।" उन्होंने आगे कहा कि पायलटों का बच जाना "काफी अद्भुत" था। इन टिप्पणियों पर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। सोशल मीडिया यूज़र्स ने विमानों के नुकसान को इतनी हल्के में लेने के लिए ट्रंप की जमकर आलोचना की। एक यूज़र ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, "अपने ही पायलटों को मार गिराने की घटना को जीत के तौर पर पेश करना, सचमुच पागलपन की हद है।" एक अन्य यूज़र ने कहा, "वह शर्मिंदगी और मज़ाक के अलावा और कुछ नहीं हैं।"
एक तीसरे यूज़र ने तंज कसते हुए कहा, "अपने ही विमानों को मार गिराकर युद्ध जीतने की कोशिश करना, वाकई एक अनोखा तरीका है। शायद उन्हें बहादुरी के इस अद्भुत कारनामे की याद में, उन विमानों के मलबे को एक 'युद्ध स्मारक' के तौर पर स्थापित कर देना चाहिए?" ट्रंप इस साफ़ तौर पर दिख रहे 'फ्रेंडली फायर' (अपनी ही सेना की गोलीबारी) की घटना को हल्के में ले रहे हैं, लेकिन जब कहीं और होने वाले टकरावों की बात आती है, तो वह शायद ही कभी इतने बेपरवाह नज़र आते हैं। उन्होंने बार-बार यह दावा किया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई छोटी-सी जंग के दौरान कई जेट विमान मार गिराए गए थे। अभी हाल ही में फरवरी में भी उन्होंने ज़ोर देकर कहा था, "11 जेट विमान मार गिराए गए थे। बहुत महंगे जेट थे," और साथ ही यह भी दावा किया था कि उन्होंने इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम करवाने में मध्यस्थता की थी।
इसके अलावा, ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ द्वीप के पास एक अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया था। अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि मध्य-पूर्व में तैनात सभी अमेरिकी विमान पूरी तरह से काम कर रहे हैं।
इससे पहले, एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरने के दौरान नुकसान पहुँचने के कारण एक क्षेत्रीय अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि विमान को "निशाना बनाया गया था और उसे गंभीर नुकसान पहुँचा था"।
अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है, तो यह मौजूदा टकराव के दौरान ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के सबसे आधुनिक 'स्टेल्थ फाइटर' विमानों में से किसी एक को सफलतापूर्वक निशाना बनाने का पहला ज्ञात मामला होगा।
Continue reading on the app