'हम फिजिकल होते रहते हैं', राजपाल यादव ने अक्षय कुमार संग कॉन्ट्रोवर्सी पर तोड़ी चुप्पी, बताया वायरल वीडियो का सच
Rajpal Yadav on Controversy with Akshay Kumar: राजपाल यादव पिछले कुछ समय से चेक बाउंस केस को लेकर चर्चा में हैं. दूसरी ओर एक्टर की फिल्म भूत बंगला (Bhoot Bangla) रिलीज होने जा रही है, जिसमें वो अक्षय कुमार संग नजर आने वाले हैं. इस बीच राजपाल का अक्षय संग एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. जिसे लेकर विवाद भी देखने को मिला और अक्षय पर लोगों ने सवाल खड़े किए. लेकिन अब राजपाल यादव ने उस वीडियो की सच्चाई बताई है और अक्षय को लेकर भी बात की. चलिए जानते हैं, उन्होंने क्या कहा.
अक्षय कुमार ने राजपाल यादव को किया था साइड?
दरअसल, हाल में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) अपनी फिल्म भूत बंगला को प्रोमोट करने के लिए नागिन 7 (Naagin 7) के सेट पर पहुंचे थे. इस दौरान राजपाल यादव (Rajpal Yadav) भी उनके साथ नजर आए थे. सेट से इसकी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुई, जिनमें से एक वीडियो में राजपाल यादव आते हैं और अक्षय उन्हें साइड में खड़े होने के लिए कह देते हैं. वीडियो में एकता कपूर, कनिका मान भी नजर आ रहे हैं. ऐसे में वीडियो देखने के बाद लोगों ने सोशळ मीडिया पर विवाद खड़ कर दिया कि अक्षय राजपाल को साइड कर रहे हैं.
राजपाल यादव ने बताया वीडियो का सच
वहीं, अब राजपाल यादव ने न्यूज एजेंसी ANI से बात की. इस दौरान उन्होंने वायरल वीडियो का सच बताया. राजपाल ने कहा- 'लड़कियां थी तो अक्षय खुद एक तरफ खड़े हो गए और दूसरी तरफ उन्हें खड़े होने को कहा, बीच में लड़कियां थीं. ये सब पहले डिस्कस हुआ था. अक्सर ऐसा होता है कि जब फोटो खिंचवाते हैं और महिलाएं होती हैं तो वो बीच में रहती है और हम साइड में रहते हैं. अक्षय भाई के ये उनके हैं और वो मुझे प्यार करते हैं, मैं भी उन्हें प्यार करता हूं.'
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कैसा है अक्षय और राजपाल यादव का रिश्ता?
#WATCH Mumbai, Maharashtra: On the alleged controversy during the photoshoot with Akshay Kumar, Actor Rajpal Yadav says, ".. We have a lot of respect for each other. It just looked wrong from a distance; there can't be any controversy between us." (24.03) pic.twitter.com/vPwvUQ4Qt2
— ANI (@ANI) March 25, 2026
वहीं, राजपाल यादव ने बताया कि अक्षय कुमार और उनके बीच का रिश्ता कैसा है. उन्होंने कहा- 'हमारा रिश्ता मुझसे शादी करोगी के बाद से ऐसा ही है. अगर कोई हम दोनों को फिल्म सेट पर देख ले तो किसी को लगेगा हमारे बीच लड़ाई हो रही है. हम कभी बाल पकड़ते हैं, कभी पैर मारते हैं, एक दूसरे से फिजिकल होते रहते हैं. हम दोनों के बीच बहुत प्यार और इज्जत है. वहीं, अपने एक पिछले इंटरव्यू में राजपाल ने बताया था कि वो अक्षय संग फिल्म के सेट पर अक्सर सीन इम्प्रोवाइज्ड करते हैं. आपस में ही बात कर लेते हैं कि किसे कैसे वो सीन करना है.
चेक बाउंस केस को लेकर क्या है अपडेट
राजपाल यादव के चेक बाउंस केस को लेकर बात करें तो 18 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई है. इस दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव को इस बात की राहत दी है कि वो फिलहाल जेल नहीं जाएंगे. कोर्ट ने कहा कि- 'आपने पर्याप्त धनराशि दे दी है इसलिए हम आपको दोबारा जेल नहीं भेज रहे हैं.' कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजपाल यादव के फरार होने का कोई खतरा नहीं है. ऐसे में सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक्टर की सजा पर निलंबन का अंतरिम आदेश बरकरार रखा और एक्टर की जमानत 1 अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ा दी है.
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'ट्रंप जांच' को लेकर सीनेट में हुई तकरार, रिपब्लिकन ने 'मॉडर्न वॉटरगेट' का किया जिक्र
वाशिंगटन, 25 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। रिपब्लिकन नेताओं ने इस जांच को मॉडर्न वॉटरगेट करार देते हुए इसे सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बताया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
सीनेट की ज्यूडिशियरी सबकमेटी की एक बैठक आर्कटिक फ्रॉस्ट के दौरान टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जस्टिस डिपार्टमेंट ने बेहद व्यापक जांच की अनुमति दी, जिसमें करीब 1 लाख निजी संचार तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि इस जांच का असर एक दर्जन से ज्यादा सीनेटरों और हजारों लोगों की निजी जिंदगी पर पड़ा।
टेड क्रूज ने कहा, यह एक मॉडर्न वॉटरगेट है, और दावा किया कि यह पहले के घोटालों से भी आगे है, क्योंकि इसे सरकारी शक्तियों के तहत पूरी तरह अधिकृत और लागू किया गया।
रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया कि इस जांच के तहत करीब 200 सबपोएना (कानूनी नोटिस) जारी किए गए, जिनमें 400 से ज्यादा रिपब्लिकन समर्थित व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाया गया। इनमें राजनीतिक समूह, डोनर, वकील और ट्रंप से जुड़े कैंपेन और अन्य संगठन शामिल बताए गए।
सीनेटर माइक ली ने इसे चौंकाने वाली घटना बताया, जबकि जॉन केनेडी ने सवाल उठाया कि टेलीकॉम कंपनियों ने इन आदेशों का पालन क्यों किया।
टेड क्रूज ने यह भी आरोप लगाया कि एफबीआई ने फोन टोल रिकॉर्ड्स हासिल किए, जिनमें कई प्रतिनिधियों के डेटा भी शामिल थे। उनके मुताबिक, सीनेट के करीब 20 प्रतिशत रिपब्लिकन सदस्यों का डेटा इकट्ठा किया गया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व दखल बताया।
रिपब्लिकन पक्ष के गवाहों ने भी इन आरोपों का समर्थन किया। लीगल एनालिस्ट विल चैंबरलेन ने दावा किया कि एफबीआई ने ट्रंप कैंपेन की सलाहकार सुसी वाइल्स और उनके वकील के बीच फोन कॉल रिकॉर्ड की।
उन्होंने कहा, अगर यह बिना अनुमति हुआ, तो यह अवैध वायरटैपिंग का मामला हो सकता है। उन्होंने एफबीआई के कुछ आंतरिक सिस्टम पर भी सवाल उठाए, जिनसे फाइलों तक पहुंच सीमित की जाती है।
वहीं डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। रोड आइलैंड के सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा कि फोन रिकॉर्ड के लिए सबपोएना जारी करना किसी भी जांच का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने कहा, लगभग हर जांच में टोल रिकॉर्ड्स के लिए सबपोएना लिया जाता है।
व्हाइटहाउस ने यह भी कहा कि काश पटेल और सुसी वाइल्स जैसे लोग जांच के लिए प्रासंगिक थे। काश पटेल खुद फैक्ट विटनेस बन चुके थे, जबकि वाइल्स का जिक्र ट्रंप से जुड़े क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट केस में भी हुआ था।
डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन से मांग की कि वे स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ को गवाही के लिए बुलाएं। व्हाइटहाउस ने कहा, उन्हें क्यों नहीं बुलाते? सीधे उनसे ही सुन लेते हैं।
एक अन्य डेमोक्रेटिक सीनेटर ने इस सुनवाई को बेबुनियाद राजनीतिक अभियान बताया, जबकि हवाई की सीनेटर मेजी हिरोनो ने कहा कि रिपब्लिकन पुराने मुद्दों को फिर से उछाल रहे हैं।
इस बीच, गवाह के तौर पर पेश हुए पूर्व एफबीआई अधिकारी क्रिस्टोफर ओ’लेरी ने एजेंसी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई की जांच तथ्यों, खुफिया जानकारी और सबूतों पर आधारित होती है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा पर।
हालांकि, ओ’लेरी ने यह भी चेतावनी दी कि हाल के समय में एफबीआई कर्मचारियों की बर्खास्तगी से राष्ट्रीय सुरक्षा, खासकर काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस को पीढ़ीगत नुकसान पहुंचा है।
--आईएएनएस
वीकेयू/
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