जमशेदपुर में फेसम है बंगाली स्नैक झालमुढ़ी, इस रेसिपी से घर पर आएगा बाजार जैसा स्वाद
जमशेदपुर में अलग-अलग राज्यों के खान-पान का असर देखने को मिलता है. पश्चिम बंगाल के करीब होने की वजह से यहां बंगाली स्नैक 'झालमुड़ी' भी काफी लोकप्रिय है. शाम के समय सड़क किनारे ठेलों पर मिलने वाली यह चटपटी डिश हल्की भूख के लिए लोगों की पसंद बन चुकी है. इसे घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है. झालमुड़ी बनाने के लिए मुरमुरा में नमकीन, प्याज, उबले आलू, टमाटर और काला चना मिलाएं. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू, इमली का पानी और सरसों का तेल डालें. फिर इसे अच्छी तरह मिलाएं. स्वाद बढ़ाने के लिए चाहें तो धनिया पत्ता भी डाल सकते हैं. इस तरह झालमुड़ी तैयार.
अलीगढ़ का बाबा बरछी बहादुर दरगाह! 750 साल पुरानी आस्था, जहां ट्रेन भी सीटी बजाकर करती है सलाम
Baba Barchhi Bahadur Dargah: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के कटपुला इलाके में स्थित बाबा बरछी बहादुर की दरगाह करीब 750 साल पुरानी मानी जाती है और यहां हर धर्म के लोग दुआ मांगने आते है. मान्यता है कि सच्चे दिल से चादर चढ़ाने पर मुराद पूरी होती है. दरगाह के सदर नूर मोहम्मद के अनुसार बाबा बरछी बहादुर का असली नाम सैयद तहबुर अली था और वे ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकवी के साथी थे. इस दरगाह से जुड़ी एक दिलचस्प मान्यता यह भी है कि पास से गुजरने वाली ट्रेन सीटी बजाकर सलाम करती है. कहा जाता है कि ब्रिटिश काल में रेलवे लाइन बिछाते समय पटरी बार-बार उखड़ जाती थी. जिसके बाद दरगाह को छोड़कर लाइन डाली गई और काम पूरा हुआ. आज यह दरगाह आस्था, भाईचारे और सांप्रदायिक एकता की मिसाल मानी जाती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18




















