मध्य पूर्व में खत्म होने वाली है जंग? ट्रंप का दावा- 'अमेरिका ने जीत ली जंग; ईरान परमाणु हथियार न रखने पर हुआ सहमत'
Middle East Conflict: मध्य पूर्व में जंग जारी है. आज इस जंग का 26वां दिन है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि अमेरिका ने इस जंग को जीत लिया है और ईरान परमाणु हथियार ना रखने पर सहमत हो गया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये बात गृह सुरक्षा सचिव के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कही. उन्होंने कहा कि, "हम अभी बातचीत कर रहे हैं. मैं आपको बता सकता हूं, वे समझौता करना चाहते हैं और अगर आप वहां होते तो कौन नहीं चाहता? देखिए, उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना खत्म हो गई है, उनके संचार तंत्र ठप हो गए हैं. उनका लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है."
परमाणु हथियार ना रखने पर सहमत हुआ ईरान- ट्रंप
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस बात को लेकर सहमत हो गया कि वह अपने पास कोई परमाणु हथियार नहीं रखेगा. ट्रंप ने आगे कहा कि, 'हमारी सौदेबाजी की स्थिति काफी मजबूत है. हम निर्धारित समय से काफी आगे चल रहे हैं और उनके पास न तो नौसेना है, न वायु सेना और न ही मिसाइल सुरक्षा. उनके अधिकतर मिसाइल प्रक्षेपणों को हमने नाकाम कर दिया है.'
PRESIDENT TRUMP: There won’t be any nuclear weapons. Iran has agreed to that.
— Department of State (@StateDept) March 24, 2026
We’re in a good bargaining position. We’re way ahead of schedule and they have no navy, air force, or missile protection. Most of their launches we’ve killed. pic.twitter.com/FbwVcC6MND
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Chaitra Navratri 2026: मां कालरात्रि कौन हैं? जानें देवी के सातवें स्वरूप की कथा और महत्व
Chaitra Navratri 2026 7th Day: आज यानी 25 मार्च 2026, बुधवार को नवरात्रि का सातवां दिन है. आज के दिन मां के सातवें यानी कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है. मां कालरात्रि अपने भक्तों की रक्षा करती हैं. साथ ही दुष्टों को और असुरों को मारने वाली हैं. मां स्वशक्ति संधान करने वाली हैं. मां का शरीर घने अंधकार की तरह है. ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर कौन हैं मां कालरात्रि और उनके सातवें स्वरूप की कथा के बारे में.
मां कालरात्रि कौन हैं?
मां कालरात्रि, देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं. उनका नाम ही उनके स्वरूप को दर्शाता है. “काल” यानी समय या मृत्यु और “रात्रि” यानी अंधकार. मां कालरात्रि अंधकार और बुराई का नाश करने वाली देवी हैं. उनका रूप बहुत ही भयंकर माना जाता है. उनका शरीर काला है. बाल बिखरे हुए हैं. गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला होती है. उनकी तीन आंखें हैं, जो ब्रह्मांड की हर चीज को देख सकती हैं.
मां कालरात्रि की कथा (Maa Kaalratri Ki Katha)
पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार शुंभ और निशुंभ नाम के दो राक्षसों ने देवताओं को परेशान कर दिया था. उनके अत्याचार बढ़ते जा रहे थे. तब देवी दुर्गा ने उनका अंत करने के लिए अपने सातवें स्वरूप, मां कालरात्रि को प्रकट किया. मां कालरात्रि ने अपने उग्र रूप से राक्षसों का संहार किया. उनके इस रूप से दुष्ट शक्तियां भयभीत हो गईं. अंत में देवी ने सभी राक्षसों का नाश कर दिया और संसार को भय से मुक्त किया.
मां कालरात्रि का स्वरूप और विशेषताएं
मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में भले ही डरावना लगे, लेकिन वह अपने भक्तों के लिए बेहद दयालु हैं. उनका वाहन गधा है. उनके चार हाथ होते हैं. एक हाथ में खड्ग (तलवार) और दूसरे में लोहे का कांटा होता है. बाकी दो हाथ वरदान और अभय मुद्रा में होते हैं. उनके श्वास से अग्नि की ज्वालाएं निकलती हैं. यह स्वरूप हमें यह सिखाता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में अच्छाई की जीत होती है.
मां कालरात्रि की पूजा का महत्व
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. जो लोग किसी डर या परेशानी से जूझ रहे हैं, उन्हें इस दिन विशेष पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि मां कालरात्रि की कृपा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं. शत्रुओं पर विजय मिलती है. आत्मविश्वास बढ़ता है. घर में सुख-शांति आती है.
मां कालरात्रि की पूजा विधि
मां कालरात्रि की पूजा सरल तरीके से की जा सकती है. सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें. मां की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. गुड़ या जगर (गुड़ से बनी मिठाई) का भोग लगाएं. मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें. पूजा के समय मन शांत रखें और पूरी श्रद्धा से मां का ध्यान करें. मां कालरात्रि का स्वरूप हमें यह सिखाता है कि जीवन में डर से नहीं, साहस से आगे बढ़ना चाहिए. उनकी पूजा करने से नकारात्मकता खत्म होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. चैत्र नवरात्रि 2026 के इस पावन अवसर पर मां कालरात्रि की आराधना जरूर करें. इससे जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग खुलता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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