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Delhi Budget 2026: CM Rekha Gupta का बड़ा ऐलान महिलाओं को हर महीने ₹2500 और छात्राओं को साइकिल
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य संबंधी जांच, 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल और मेधावी छात्रों के लिए लैपटॉप सहित कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई। साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए ‘आपात संचालन केंद्र’ के अलावा एक नई सेमीकंडक्टर नीति की भी घोषणा की गई। दिल्ली विधानसभा में दूसरी बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रही गुप्ता ने इसे ‘‘हरित बजट’’ करार दिया और बताया कि कुल आवंटन का 21 प्रतिशत पर्यावरण संरक्षण पहल के लिए रखा गया है।
उन्होंने दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय के देश में तीसरे स्थान पर होने का उल्लेख किया और कहा कि ‘‘ट्रिपल इंजन’’ सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी तेजी से प्रगति कर रही है। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो कुल बजट का 18 प्रतिशत है। इसके बाद स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपये, परिवहन के लिए 12,613 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिए 11,572 करोड़ रुपये, सामाजिक कल्याण के लिए 10,537 करोड़ रुपये और जलापूर्ति के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए कई कदमों की भी घोषणा की और कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव से पहले जिस ‘महिला समृद्धि योजना’ का वादा किया था वह जल्द लागू की जाएगी। इसके लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही पंजीकरण मंच शुरू किया जाएगा। इस बीच, चार विधायकों के निलंबन के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने बजट प्रस्तुति का बहिष्कार किया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उनके फैसले की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने शहर में धूल-मुक्त सड़कों के विकास के लिए 1,352 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। इसके तहत 750 किलोमीटर सड़कों की ‘एंड-टू-एंड रिकार्पेटिंग’ (एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी सतह को उखाड़कर या उसके ऊपर डामर की एक नई एवं मजबूत परत बिछाना) की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए सरकार ‘आपात संचालन केंद्र’ स्थापित करेगी। बजट में 74,000 करोड़ रुपये कर राजस्व का अनुमान लगाया गया है, जबकि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए 11,666 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूल जाने वाली छात्राओं की आवाजाही में आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के स्कूलों की नौंवी कक्षा की 1.30 लाख छात्राओं को साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। उन्होंने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के लाभ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब इसमें ‘ट्रांसजेंडर’ समुदाय को भी शामिल किया जाएगा और इसके लिए 202 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवा को ‘‘उपकार’’ नहीं बल्कि ‘‘उपचार’’ के रूप में देखती है और इस क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं और पहल के लिए 12,645 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलेगी जिसके लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नवजात शिशुओं के लिए 56 नि:शुल्क जांच उपलब्ध कराने को ‘एएनएमओएल’ (एडवांस्ड न्यूबॉर्न मॉनिटरिंग एंड ऑप्टिमल लाइफकेयर) योजना शुरू की जाएगी।
बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया जिसमें स्कूल भवनों के निर्माण एवं विस्तार के लिए 475 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार एक सैनिक स्कूल भी खोलेगी और केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में 10 केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की मांग की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि 2029 तक दिल्ली की संपूर्ण सार्वजनिक बस सेवा को इलेक्ट्रिक बस में बदला जाएगा। इसके लिए परिवहन क्षेत्र के लिए 8,374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार सेमीकंडक्टर नीति भी लाएगी और इस उद्योग के विकास के लिए शहर में आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करेगी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास व आश्रय परियोजनाओं के लिए 7,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारा लक्ष्य सुरक्षित सड़कें, जलवायु गलियारे और बेहतर संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करना है।’’ बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही ‘ओवरहेड’ बिजली तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये, जबकि दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि शहर में कर्मचारियों के लिए एकीकृत सचिवालय और आवासीय परिसर भी बनाया जाएगा। पालम आग दुर्घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकरी गलियों एवं अनधिकृत कॉलोनी के कारण आग बुझाने में कठिनाई होती है। इसे देखते हुए अग्निशमन ढांचे को मजबूत करने के लिए 674 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। साथ ही चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ताकि लोगों को पानी के लिए टैंकर की कतार में न लगना पड़े।
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