Responsive Scrollable Menu

स्वस्थ भारत : सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्कूली छात्राओं ने लगवाया एचपीवी वैक्सीन

बुरहानपुर, 23 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। सोमवार को कुछ स्कूली छात्राओं को स्वास्थ्य केंद्रों पर एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।

बुरहानपुर जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में टीके लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और स्कूलों में पहुंचकर न सिर्फ टीकाकरण कर रही है, बल्कि वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। अगले तीन महीनों तक अभियान चलाकर अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

छात्रा इशिता पाटिल ने आईएएनएस से कहा कि मैंने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगवाया है। मुझे लगता है कि जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसे लाया गया है, उन्हें लगाना चाहिए। मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहती हूं कि उन्होंने हमारे स्वास्थ्य की चिंता करते हुए, यह कदम उठाया। यह सभी लड़कियों को लगवाना चाहिए।

एक अन्य छात्रा ने कहा कि पीएम मोदी हमारे स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखते हैं, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए उन्होंने इस वैक्सीन से सभी को रूबरू करवाया है। यह वैक्सीन हमें सर्वाइकल कैंसर से बचाव करने में मदद करेगा।

छात्रा साक्षी सोलंकी ने कहा कि आज हम लोगों ने सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन लिया है। सभी को कहना चाहूंगी कि यह वैक्सीन सुरक्षित है। यह हमें सर्वाइकल कैंसर से बचाता है।

छात्रा राजनंदिनी राठौड़ ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए हम लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। मैं सभी से अपील करती हूं कि वे यह वैक्सीन जरूर लगवाएं।

स्वास्थ्य विभाग के फील्ड ऑफिसर विजय कुमार सोनी ने कहा कि जिले में 90 दिन का ड्राइव चलाया जाएगा। जिसके तहत जिले की ग्रामीण-शहरी इलाकों में 14 से 15 साल की बच्चियों को चिन्हित कर वैक्सीन लगाई जाएगी। साथ ही वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रांतियां चल रही हैं, उसके प्रति अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। हर बच्चे तक निशुल्क तौर पर वैक्सीन मुहैया कराना हमारा मकसद है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला टाला, ‘बहुत सकारात्मक’ बातचीत का दिया हवाला (लीड-1)

न्यूयॉर्क, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को 5 दिन के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।

ईरान ने ट्रंप के इस बयान पर कुछ नहीं कहा है हालांकि तेहरान पहले कह रहा था कि वो संघर्ष विराम के लिए तैयार नहीं है।

रविवार को ट्रंप की एक पोस्ट ने हंगामा मचा दिया था। ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी ईरान को दी थी। कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी दावा किया कि वो अमेरिकी सहायता से चलने वाले किसी भी संयंत्र को नहीं छोड़ेगा।

नए संकट की आहट सुनाई दी और दुनिया का शेयर बाजार धड़ाम से गिरा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार तड़के ट्रुथ पर कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, चर्चाओं का ये दौर पूरे हफ्ते जारी रहेगा। दोनों देशों के बीच गहन और विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रवैए को देखते हुए, मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए।

हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि वाशिंगटन किसके साथ क्या बात कर रहा है।

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद ट्रंप ने कहा था कि वो नहीं जानते कि किसके हाथ में ईरान की कमान है?

अयातुल्ला के बेटे जिन्हें देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है वो अभी तक किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होते नहीं देखे गए हैं।

शुरुआत में ट्रंप ने इसे एक तेज और निर्णायक कार्रवाई बताते हुए ईरान के नेतृत्व, मिसाइल क्षमता और परमाणु ढांचे को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब यह संघर्ष लंबा खिंचता दिख रहा है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर हमले हुए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य के अधिकतर हिस्से में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने लगा है।

अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों का दबाव भी है। वर्तमान स्थितियों को ध्यान में रख ट्रंप अब इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते दिख रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि वह “मध्य पूर्व में हमारे बड़े सैन्य प्रयासों को धीरे-धीरे खत्म करने” की तैयारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) की शर्त का उल्लेख नहीं किया, जो पहले उनके रुख का अहम हिस्सा था।

हालांकि इजरायल ने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि वह ट्रंप के किसी भी शांति प्रयास का समर्थन करेगा। इजरायल के सैन्य प्रमुख एयाल जमीर ने कहा कि युद्ध अभी मध्य चरण में है, लेकिन दिशा स्पष्ट है और वे अपने भविष्य और स्वतंत्रता के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

इस बीच एक गंभीर घटनाक्रम में ईरान की मिसाइलों ने इजरायल की प्रसिद्ध आयरन डोम सुरक्षा प्रणाली को भेदते हुए डिमोना जैसे संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया, जहां परमाणु संंयंत्र मौजूद हैं।

ट्रंप ने सोमवार को यह भी कहा कि ईरान के बिजली तंत्र पर प्रस्तावित हमले को फिलहाल टाल दिया गया है, क्योंकि बातचीत का माहौल “गंभीर, विस्तृत और रचनात्मक” है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह इस संघर्ष के कुछ भू-राजनीतिक पहलुओं, खासकर खाड़ी देशों पर ईरान की प्रतिक्रिया, का पूरी तरह अनुमान नहीं लगा पाए थे।

करीब 40 किलोमीटर चौड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अहम मार्ग है और यहां के तनाव ने तेल की कीमतों में तेज उछाल ला दिया है, जिसका असर दूर अमेरिका तक पेट्रोल की कीमतों पर देखा जा रहा है। इसी दबाव में ट्रंप प्रशासन ने युद्ध के दौरान ही ईरानी तेल खरीद पर कुछ प्रतिबंधों में ढील देने जैसा असाधारण कदम भी उठाया, ताकि कीमतों को काबू में रखा जा सके।

ट्रंप ने अन्य देशों पर भी दबाव डाला है कि जो इस जलमार्ग का इस्तेमाल करते हैं, वे इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि अंततः होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी और सुरक्षा उन देशों को करनी होगी जो इसका उपयोग करते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने भारत और चीन जैसे कुछ देशों के लिए जहाजों को गुजरने की अनुमति दी, जबकि अन्य के लिए पाबंदी की चेतावनी दी।

इस बीच नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि उनका संगठन और दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और जापान जैसे देश इस जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: ईशान किशन नहीं कर पाएंगे SRH की कप्तानी? इस बड़ी खबर के बाद मची हलचल

सनराइजर्स हैदराबाद ने कुछ ही दिन पहले ईशान किशन को टीम का कप्तान नियुक्त किया था. उन्हें ये जिम्मेदारी शुरुआती मुकाबलों के लिए दी गई है क्योंकि नियमित कप्तान पैट कमिंस का इनमें खेलना मुश्किल है. Mon, 23 Mar 2026 22:47:36 +0530

  Videos
See all

PM Modi Speech:‘जब से ये युद्ध शुरू हुआ है,प्रभावित देशों में हर भारतीय को मदद दी गई है' #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T17:14:42+00:00

Iran America War:क्या यह जंग पूरी तरह रूक चुकी है? GD बख्शी ने पूरी बात समझा दी है!। R Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T17:15:06+00:00

असम के चाबुआ एयरबेस से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार; मिसाइल और फाइटर जेट के राज किए लीक #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T17:07:14+00:00

PM Modi Speech:‘भारत के उन देशों के साथ बड़े पैमाने पर ट्रेड रिलेशन हैं जो लड़ाई में हैं' #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T17:16:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers