Responsive Scrollable Menu

ईरान युद्ध के बीच बढ़ रहा एंटी सेमिटिज्म, लंदन में यहूदी समुदाय की चार एंबुलेंस फूंकी

ईरान में जारी युद्ध की वजह से यूरोप में यहूदी समुदाय के प्रति विरोध बढ़ता जा रहा है। रविवार देर रात यहां पर एक यहूदी ट्रस्ट की चार एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे समुदाय में डर का माहौल है। पीएम स्टार्मर ने इस घटना की निंदा की है।

Continue reading on the app

एंजेल हत्याकांड- CBI ने फरार आरोपी की ‘क्राइम कुंडली’ मांगी:ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रोसेस पर आपत्ति; दून पुलिस फिर से खंगाल रही पूरा केस

देहरादून के एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए उसकी पूरी ‘क्राइम कुंडली’ मांगी है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ गई है, जबकि दून पुलिस अब पूरे केस को फिर से खंगालते हुए हर पहलू की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। CBI ने दून पुलिस से आरोपी की आपराधिक भूमिका, उसकी मंशा, वारदात के दौरान की परिस्थितियां और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया, इसका 1200 से 1500 शब्दों में विस्तृत ब्योरा मांगा है। एजेंसी के सवालों के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज होने से लेकर अब तक की पूरी कार्रवाई, घटनाक्रम का क्रमवार विवरण और आरोपी की हर गतिविधि को दोबारा खंगाल रही है। अधिकारी सभी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द भारतपोल पोर्टल पर अपलोड कर आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। टाइमलाइन और केस की हर डिटेल तलब CBI सिर्फ आरोपी की भूमिका तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे केस की टाइमलाइन भी मांगी है। एजेंसी ने मुकदमा दर्ज होने का समय, घटना के दौरान की परिस्थितियां, घटनाक्रम का क्रमवार विवरण और अब तक की पुलिस कार्रवाई सहित हर पहलू का ब्योरा तलब किया है। CBI चाहती है कि सभी तथ्य स्पष्ट और सुसंगत हों, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की तलाश में किसी तरह की कमी न रह जाए। ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया अटकी 9 दिसंबर 2025 को वारदात के बाद से फरार आरोपी यज्ञराज अवस्थी के नेपाल भागने की आशंका के चलते दून पुलिस ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि CBI की आपत्तियों के बाद यह प्रक्रिया फिलहाल धीमी हो गई है। जब तक सभी सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलते, नोटिस जारी होने में देरी तय मानी जा रही है। 2 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला.… 1. नस्लीय टिप्पणी के बाद चाकू से हमला देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में 9 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6–7 बजे जिज्ञासा यूनिवर्सिटी के एमबीए फाइनल ईयर के छात्र ऐंजल चकमा अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ खरीदारी करने गए थे। इसी दौरान शराब के नशे में धुत कुछ युवकों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए ‘नेपाली’, ‘चाइनीज’, ‘चिंकी’ और ‘मोमोज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। माइकल के सिर पर कड़े से वार किया गया, जबकि एंजेल के गर्दन और पेट में चाकू से कई वार किए। 2. 17 दिन ICU में इलाज के बाद मौत गंभीर रूप से घायल एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां वह 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। मामले में ऐंजल के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों अविनाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज खवास, आयुष बदोनी और सुमित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी अब भी फरार है और उसकी नेपाल में लोकेशन मिली है। STF की टीमें उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। अब 5 प्वाइंट्स में जानिए घटना के बाद क्या-क्या हुआ... 1. मैं खून से लथपथ था, भाई बेहोश होकर गिर पड़ा पुलिस को शिकायत देकर ऐंजल के भाई ने बताया कि वो कुछ सामान खरीदने सेलाकुई गए थे, तभी कुछ युवक आए और उन पर कमेंट करने लगे। माइकल ने कहा, हमें 'चिंकी' और 'मोमोज' कहा। जब विरोध किया, तो मुझ पर कड़े से हमला कर दिया। भाई (एंजेल) मुझे बचाने आया, तो उसे बेरहमी से पीटा और चाकू मार दिया। मैं खून से लथपथ था और भाई बेहोश होकर गिर पड़ा था। 2. पुलिस ने पहले हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया घटना के अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया और नस्लीय टिप्पणियों की बात को नजरअंदाज किया। ऐंजल की मौत के बाद पुलिस ने धारा 307 (हत्या का प्रयास) को धारा 302 (हत्या) में बदल दिया। 3. सीएम धामी ने ऐंजल के पिता से बात की घटना की खबर फैलते ही देशभर में आक्रोश फैल गया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। सीएम धामी ने ऐंजल के पिता (जो BSF जवान हैं) से बात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि "देवभूमि में ऐसी नफरती मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है" और सख्त जांच के आदेश दिए। 4. अखिलेश और गोगोई ने नफरती मानसिकता बताया पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए SIT बनाई। इस मामले को अखिलेश यादव और गौरव गोगोई जैसे विपक्षी नेताओं ने "नफरती मानसिकता" का परिणाम बताया। परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की कि केस की सुनवाई दिल्ली में हो। 5. एसएसपी ने कहा, नस्लीय टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रारंभिक जांच और CCTV फुटेज में नस्लीय टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं, यह विवाद अचानक हुई बहस का नतीजा था। हालांकि, पीड़ित परिवार इस बात पर कायम है कि हमला 'नस्लीय घृणा' के कारण ही हुआ था। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में 8 लोगों को कार से कुचलने की कोशिश:बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी चढ़ाई गाड़ी, बीच हाईवे पर लाठी से पीटा देहरादून में बीच सड़क पर 8 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के धर्मावाला चौक की है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में करीब 43 सेकेंड तक हाईवे पर दो कारों में सवार 15 से ज्यादा युवक आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

Continue reading on the app

  Sports

PSL 2024 के बीच खिलाड़ियों की 'भगदड़', PCB चीफ Mohsin Naqvi ने दी सख्त एक्शन की चेतावनी

क्रिकेट की दुनिया में इस समय दो बड़ी लीग के टकराव को लेकर हलचल तेज हो गई है, जहां खिलाड़ियों के अचानक टीम बदलने से विवाद गहराता नजर आ रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अब इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने साफ कहा है कि जो खिलाड़ी आखिरी समय पर पाकिस्तान सुपर लीग छोड़कर दूसरी लीग में शामिल होंगे, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। मौजूद जानकारी के अनुसार यह विवाद तब और बढ़ गया जब श्रीलंका के खिलाड़ी दासुन शनाका ने लाहौर कलंदर्स की टीम से हटकर राजस्थान की टीम का रुख कर लिया।

गौरतलब है कि शनाका को एक घायल खिलाड़ी के स्थान पर शामिल किया गया है। इससे पहले भी जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड से अलग होकर कोलकाता की टीम से जुड़ने का फैसला लिया था। ऐसे लगातार मामलों ने पाकिस्तान लीग प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

मोहसिन नकवी ने कहा कि पिछले साल भी ऐसा मामला सामने आया था, जिसमें एक खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया गया था। उनका कहना है कि इस बार भी उसी तरह की कार्रवाई दोहराई जा सकती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि दोनों लीग का एक साथ होना बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि जहां कुछ खिलाड़ी जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई अच्छे खिलाड़ी पाकिस्तान लीग में भी आ रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सुपर लीग का कार्यक्रम पहले से तय था और पूरे साल में इसके लिए कोई दूसरा समय उपलब्ध नहीं था, इसलिए इसे टालना संभव नहीं था। यही वजह है कि इस बार भी यह लीग दूसरी बड़ी लीग के साथ ही आयोजित हो रही है।

इसके अलावा कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी लीग से नाम वापस लिया है, हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। 
Mon, 23 Mar 2026 19:56:20 +0530

  Videos
See all

उठो शियाओं हक को मांगो, आन-बान और शान से..अपने हिस्से की जमीन तुम, छीनो पाकिस्तान से.. #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T15:16:49+00:00

Shankhnaad: PM Modi बोले- भारत संवाद से समाधान का पक्षधर युद्ध ने भारत की चुनौती बढ़ाई | Iran War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T15:10:31+00:00

Halla Bol: Congress के Surendra Rajput का बयान, BJP केPrem Shukla का पलटवार | Anjana Om Kashyap #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T15:04:41+00:00

Lok Sabha LIVE: बजट सत्र का दूसरा चरण | Budget Session 2026 | Parliament Session | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-23T15:15:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers