Bihar Board 12th Result 2026: बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.19% छात्र हुए पास, आर्ट्स-कॉमर्स में लड़कियों मारी बाजी
Bihar Board Inter Result 2026 Declared: बिहार बोर्ड के 13 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म हो चुका है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सोमवार को दोपहर 12वीं (इंटर) के परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है. छात्र अपना स्कोरकार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.biharboardonline.com पर जाकर देख सकते हैं.
लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में काफी अच्छा रहा है. तीनों संकायों (आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस) भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में अच्छा रहा है. तीनों संकायों (आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस) को मिलाकर कुल 13.17 लाख (13,17,846) छात्र परीक्षा में बैठे. इनमें से 86.23 प्रतिशत छात्राएं पास हुईं.
टॉपर्स को मिलेगा इनाम
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि कुल 26 टॉपर्स में 19 छात्राएं हैं. राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार, लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर देकर सम्मानित किया जाएगा. साइंस स्ट्रीम में एक लड़के ने टॉप किया है, वहीं आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियां अव्वल रही हैं.
Bihar Board 12th Result 2026 के रिजल्ट को इस तरह से करें चेक?
सबसे पहले results.biharboardonline.com पर जाना होगा. यह पर होमपेज पर 'Intermediate Annual Examination 2026' के लिंक पर क्लिक करना होगा. अपना Roll Code और Roll Number को दर्ज करना होगा. कैप्चा कोड भरकर 'View' पर क्लिक करें. आपकी मार्कशीट सामने आ जाएगी. इसे PDF में पर सेव कर लें.
गठिया, तनाव और कई बीमारियों का एक समाधान, जानिए पतंजलि नेचर क्योर थेरेपी क्यों बन रही पसंद
Naturopathy For Healthy Body: पिछले कुछ सालों में लोगों ने हर बीमारी के इलाज के लिए हानिकारक ऐलोपैथी दवाओं का सहारा लेना बंद कर दिया है. आजकल दुनिया भर के लोग आयुर्वेदिक उपचार की ओर बढ़ रहे हैं. लोग नैचुरोपैथी और अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर रहे हैं ताकि स्वस्थ हो सके. यह हमारे शरीर को न सिर्फ बाहरी बल्कि अंदरूनी रूप से भी हेल्दी रखने में मदद करता है. लोगों की इन परेशानियों का हल निकालने के लिए पतंजलि वेलनेस सेंटर में इसकी शुरुआत की है. यहां नेचुरल हीलिंग के तरीकों और वैज्ञानिकों की समझ के साथ पंचमहाभूत के सिद्धांत पर आधारित चिकित्सा मरीजों को दी जा रही है. नेचुरोपैथी में इंफ्लेमेशन, मेटाबॉलिज्म, इम्यूनिटी और मेंटल हेल्थ के साथ नर्वस सिस्टम को भी बेहतर करने का प्रयास किया जाता है. आइए जानते हैं पतंजलि वेलनेस सेंटर में कौन-कौन सी थेरैपी दी जाती है.
Patanjali Wellness सेंटर में नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट
बता दें कि हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बनाया गया है. इन तत्वों का संतुलन बिगड़ने से शरीर में बीमारियां होने लगती हैं. ऐसे में पतंजलि वेलनेस सेंटर्स में इन पांच तत्वों के संगम से इलाज करते हैं.
पृथ्वी तत्व में मिट्टी चिकित्सा
मिट्टी चिकित्सा में हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को निकाला जाता है. इसके लिए एक खास प्रकार की औषधीय मिट्टी का लेप तैयार कर शरीर पर लगाया जाता है. इसे अंग्रेजी में मड बाथ भी कहते हैं. इस थेरैपी को करने से शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है. स्किन ज्यादा बेहतर होती है और शरीर से अतिरिक्त गर्माहट निकल जाती है. इससे कब्ज, मोटापा और बीपी की समस्याएं भी कम होने लगती है.
जल तत्व में जल चिकित्सा
इसे हाइड्रेशन थेरैपी कहते हैं. इसमं जल को शीतलता और दबाव से अंगों को एक्टिव किया जाता है. एनिमा, हिप बाथ, स्पाइनल बाथ और स्टीम जैसी प्रक्रियाएं इसमें शामिल होती है. इस चिकित्सा को करवाने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रोसेस सही तरीके से होता है. जोड़ों का दर्द, तनाव और नर्वस सिस्टम को भी शांति मिलती है. गठिया के मरीजों के लिए यह चिकित्सा सर्वोत्तम है.
अग्नि तत्व में सूर्य चिकित्सा
सूर्य चिकित्सा में सौर ऊर्जा से शरीर की कोशिकाओं और पुनरुद्वार करने की कोशिश होती है. इसमें सूर्य स्नान उर्फ सनबाथ और रंगीन बोतलों से सूर्य चिकित्सा होती है. इस चिकित्सा की मदद से शरीर में विटामिन-डी की कमी पूरी होती है. यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करता है.
वायु तत्व में वायु चिकित्सा
वायु चिकिस्तमा में प्राणायाम और श्वसन संबंधी व्यायाम करवाए जाते हैं, जो हमारे फेफड़ों को मजबूत करते हैं और उन्हें शुद्ध करते हैं. इस चिकित्सा से शरीर से टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं. नर्वस सिस्टम को भी यह शांत करता है.
आकाश तत्व में आकाशिय चिकित्सा
आकाश चिकित्सा में उपवास और डायट्री अनुशासन से शरीर से टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं और बॉडी को डिटॉक्स किया जाता है. यह थेरैपी शरीर के अंगों को सांस लेने में मदद करता है.
शरीर को क्या फायदे होते हैं नेचुरोपैथी से?
नेचुरोपैथी करवाने से हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन होता है. इससे खराब डाइट, प्रदूषण और तनाव के कारण शरीर में जमा गंदगी निकलती है. मड थेरेपी और हाइड्रा थेरेपी करवाने से से पाचन तंत्र मजबूत होता है. नेचुरोपैथी से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. नेचर क्योर थेरेपी से पूरे शरीर की हीलिंग होती है और सेहत दुरुस्त रहने लगती है. वायु चिकित्सा में ब्रीदिंग एक्सराइसज, मसाज और उपवास रखने से शांति महसूस होती है और तनाव कम होता है.
ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में कौन सी सब्जियों को खा सकते हैं? किनसे करें परहेज, जानें यहां
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















