गठिया, तनाव और कई बीमारियों का एक समाधान, जानिए पतंजलि नेचर क्योर थेरेपी क्यों बन रही पसंद
Naturopathy For Healthy Body: पिछले कुछ सालों में लोगों ने हर बीमारी के इलाज के लिए हानिकारक ऐलोपैथी दवाओं का सहारा लेना बंद कर दिया है. आजकल दुनिया भर के लोग आयुर्वेदिक उपचार की ओर बढ़ रहे हैं. लोग नैचुरोपैथी और अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर रहे हैं ताकि स्वस्थ हो सके. यह हमारे शरीर को न सिर्फ बाहरी बल्कि अंदरूनी रूप से भी हेल्दी रखने में मदद करता है. लोगों की इन परेशानियों का हल निकालने के लिए पतंजलि वेलनेस सेंटर में इसकी शुरुआत की है. यहां नेचुरल हीलिंग के तरीकों और वैज्ञानिकों की समझ के साथ पंचमहाभूत के सिद्धांत पर आधारित चिकित्सा मरीजों को दी जा रही है. नेचुरोपैथी में इंफ्लेमेशन, मेटाबॉलिज्म, इम्यूनिटी और मेंटल हेल्थ के साथ नर्वस सिस्टम को भी बेहतर करने का प्रयास किया जाता है. आइए जानते हैं पतंजलि वेलनेस सेंटर में कौन-कौन सी थेरैपी दी जाती है.
Patanjali Wellness सेंटर में नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट
बता दें कि हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बनाया गया है. इन तत्वों का संतुलन बिगड़ने से शरीर में बीमारियां होने लगती हैं. ऐसे में पतंजलि वेलनेस सेंटर्स में इन पांच तत्वों के संगम से इलाज करते हैं.
पृथ्वी तत्व में मिट्टी चिकित्सा
मिट्टी चिकित्सा में हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को निकाला जाता है. इसके लिए एक खास प्रकार की औषधीय मिट्टी का लेप तैयार कर शरीर पर लगाया जाता है. इसे अंग्रेजी में मड बाथ भी कहते हैं. इस थेरैपी को करने से शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है. स्किन ज्यादा बेहतर होती है और शरीर से अतिरिक्त गर्माहट निकल जाती है. इससे कब्ज, मोटापा और बीपी की समस्याएं भी कम होने लगती है.
जल तत्व में जल चिकित्सा
इसे हाइड्रेशन थेरैपी कहते हैं. इसमं जल को शीतलता और दबाव से अंगों को एक्टिव किया जाता है. एनिमा, हिप बाथ, स्पाइनल बाथ और स्टीम जैसी प्रक्रियाएं इसमें शामिल होती है. इस चिकित्सा को करवाने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रोसेस सही तरीके से होता है. जोड़ों का दर्द, तनाव और नर्वस सिस्टम को भी शांति मिलती है. गठिया के मरीजों के लिए यह चिकित्सा सर्वोत्तम है.
अग्नि तत्व में सूर्य चिकित्सा
सूर्य चिकित्सा में सौर ऊर्जा से शरीर की कोशिकाओं और पुनरुद्वार करने की कोशिश होती है. इसमें सूर्य स्नान उर्फ सनबाथ और रंगीन बोतलों से सूर्य चिकित्सा होती है. इस चिकित्सा की मदद से शरीर में विटामिन-डी की कमी पूरी होती है. यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करता है.
वायु तत्व में वायु चिकित्सा
वायु चिकिस्तमा में प्राणायाम और श्वसन संबंधी व्यायाम करवाए जाते हैं, जो हमारे फेफड़ों को मजबूत करते हैं और उन्हें शुद्ध करते हैं. इस चिकित्सा से शरीर से टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं. नर्वस सिस्टम को भी यह शांत करता है.
आकाश तत्व में आकाशिय चिकित्सा
आकाश चिकित्सा में उपवास और डायट्री अनुशासन से शरीर से टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं और बॉडी को डिटॉक्स किया जाता है. यह थेरैपी शरीर के अंगों को सांस लेने में मदद करता है.
शरीर को क्या फायदे होते हैं नेचुरोपैथी से?
नेचुरोपैथी करवाने से हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन होता है. इससे खराब डाइट, प्रदूषण और तनाव के कारण शरीर में जमा गंदगी निकलती है. मड थेरेपी और हाइड्रा थेरेपी करवाने से से पाचन तंत्र मजबूत होता है. नेचुरोपैथी से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. नेचर क्योर थेरेपी से पूरे शरीर की हीलिंग होती है और सेहत दुरुस्त रहने लगती है. वायु चिकित्सा में ब्रीदिंग एक्सराइसज, मसाज और उपवास रखने से शांति महसूस होती है और तनाव कम होता है.
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PM Modi LIVE: 'प्रभावित देशों में हर भारतीय को दी जा रही जरूरी मदद', मध्य पूर्व के हालातों पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी
PM Modi LIVE: मध्य पूर्व में पिछले 24 दिनों से जंग जारी है. जिससे दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है. मध्य पूर्व के हालातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बयान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि इस समय मध्य पूर्व के हालात चिंताजनक हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में मध्य पूर्व के हालातों पर बयान देते हुए कहा कि, "इस समय पश्चिची एशिया की हालत चिंताजनक है, बीते दो तीन हफ्तों में जयशंकर और हरदीप पुरी ने सदन को जरूरी जानकारी दी है. अभी इस संकट को तीन सप्ताह से ज्यादा हो रहे हैं, इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरीत असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से बात कर रही है."
भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी की- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हुई भी हैं और मानवीय भी हैं. युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं. जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है वो दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है. विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है. हमारे जिले ये इलाका एक और कारण से भी अहम है. लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं. और वहां काम करते हैं."
प्रभावित देशों में हर भारतीय को दी जा रही जरूरी मदद- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि, वहां जो कमर्शियल शिप चलते हैं उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या भी बहुत अधिक है. ऐसे अलग-अलग कारणों के चलते भारत की चिंताएं स्वभाविक रूप से अधिक हैं. इसलिए ये जरूरी है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एक मत और एक जुट होकर आवाज दुनिया में जाए. पीएम मोदी ने कहा कि जब से ये युद्ध शुरू हुआ है तब से ही प्रभावित देशों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है.
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