Winner Of The 50 Show: रियलिटी शो ‘द 50’ का पहला सीजन अब खत्म हो चुका है और दर्शकों को उनका विजेता मिल गया है। लंबे समय तक चले इस मुकाबले में आखिरकार शिव ठाकरे ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली। उन्होंने फाइनल में बाकी प्रतियोगियों को हराकर जीत हासिल की।
शो के ग्रैंड फिनाले में शिव ठाकरे का मुकाबला फैसल शेख (फैजू), सिंगर काका, कृष्णा श्रॉफ और रजत दलाल से था। रजत के बाहर होने के बाद टॉप 4 के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। आखिर में शिव ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से सभी को पीछे छोड़ दिया।
फाइनल टास्क पूरी तरह समय पर आधारित था। जो सबसे तेज और समझदारी से खेलता, वही जीतता। शिव ठाकरे ने इस टास्क में अपनी फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए सबसे कम समय में चैलेंज पूरा किया और विजेता बन गए।
इस शो का फॉर्मेट थोड़ा अलग था। जीतने वाले कंटेस्टेंट को नहीं, बल्कि उनके एक लकी फैन को 50 लाख रुपये की प्राइज मनी दी जाती है। शिव ठाकरे की जीत के साथ यह इनाम उनके फैन सीताराम प्रह्लाद आघाव को मिला, जो मराठवाड़ा के एक किसान हैं।
जीत के बाद शिव ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बिल्कुल नया था। उन्होंने बताया कि वो खुद का एक अलग रूप दिखाना चाहते थे, जिसमें बिना लड़ाई-झगड़े के दिल से खेलकर भी जीत हासिल की जा सकती है।
‘द 50’ में टीवी, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत के 50 प्रतियोगी शामिल थे। इनमें करण पटेल, दिव्या अग्रवाल, रिद्धि डोगरा, उर्वशी ढोलकिया, प्रिंस नरूला जैसे कई लोकप्रिय चेहरे शामिल रहे।
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां एक तरफ मिसाइलें और हमले हो रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ भारत से ईरान की मदद की तस्वीरें सामने आई हैं। भारत की ओर से ईरान को इतनी मदद भेजी गई कि अब ईरान थैंक यू इंडिया कह रहा है। दरअसल कश्मीर घाटी के लोग इन दिनों ईरान के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। जहां बटगांव से लेकर बारामुला तक लोग दिल खोलकर ईरान के लिए दान कर रहे हैं। और यह दान सिर्फ पैसे तक नहीं बल्कि सोना, चांदी, गहने, तांबे के बर्तन यहां तक कि बाइक और कार तक लोगों ने दान में दी है। दरअसल कश्मीर में ईद के बाद करीब 3.4 करोड़ का दान इकट्ठा किया गया है और यह दान ईरान के लिए भेजा जाना है जो वहां पर मानवीय सहायता के लिए भेजा जाएगा। कुछ दिनों पहले ईरानी दूतावास ने दान लेने की घोषणा की थी जिसके बाद यह तस्वीरें अब कश्मीर से सामने आई हैं।
इस अभियान की सबसे भाविक तस्वीर तब सामने आई जब एक छोटी बच्ची अपने हाथ में गुल्लक लिए पहुंची और वह अपना गुल्लक तोड़कर ईरान के लिए पैसे दान करने की बातें कर रही। ईरानी दोतावास ने छोटी बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके साथ ही एक और कहानी है जो सबको भावुक कर देगी। दरअसल एक विधवा महिला ने अपने पति की याद में रखा हुआ सोना भी ईरान में मानवीय सहायता के लिए दान करने का फैसला किया और इस वीडियो को भी रानी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से साझा किया। यह पूरा दान अभियान मस्जिदों और स्थानीय स्तर पर कश्मीर में चलाया गया। जहां लोग खुद आगे आकर मदद कर रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही वह ईरान जाकर मदद नहीं कर सकते लेकिन आर्थिक सहायता देकर वो अपना फर्ज निभा रहे हैं।
आपको बता दें कि कश्मीर में बड़ी आबादी में शिया मुसलमान रहते हैं और शिया मुसलमान ईरान के साथ अपना गहरा जुड़ाव मानते हैं। आपको याद ही होगा कि कुछ दिनों पहले जब ईरान के पुराने सुप्रीम लीडर आया अली खामिनई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल के हमले में तो कश्मीर में इसका भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। जहां लोग सड़कों पर उतरे थे और अमेरिका और इजराइल के मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। अब यह दान की तस्वीरें वहीं से सामने आ रही हैं जहां लोग दिल खोलकर ईरान के लिए दान कर रहे हैं। इन सबके बीच भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने इस मदद के लिए खासतौर पर धन्यवाद दिया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आपकी दयालुता और मानवता को हम कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद भारत। दूतावास ने खासतौर पर कश्मीर के लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी यह मदद और भावनाएं हमेशा ईरान में याद रखी जाएंगी।
लखनऊ सुपर जायंट्स भी इस बार नई उम्मीदों और रणनीतियों के साथ मैदान में उतरने को तैयार है. पिछले दो सीजन टीम के लिए निराशाजनक रहे, लेकिन इस बार उनकी सबसे बड़ी कमजोरी गेंदबाज़ी कुछ हद तक सुधरती हुई नजर आ रही है. ऐसे में लखनऊ की टीम अपने अभियान की शुरुआत से पहले हर खिलाड़ी को परखने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. Wed, 25 Mar 2026 15:44:00 +0530