अमेरिकी हवाई अड्डों पर डीएचएस शटडाउन के चलते देरी बढ़ी, ट्रंप ने आईसीई एजेंटों को तैनात किया
वॉशिंगटन, 23 मार्च (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन द्वारा इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ईसीई) के एजेंटों को तैनात करने के फैसले के बीच परिवहन सुरक्षा प्रशासन पर बढ़ते दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के शटडाउन के दौरान अमेरिका के प्रमुख हवाई अड्डों पर लंबी सुरक्षा कतारें देखी गईं और यात्रियों में बढ़ती निराशा साफ नजर आई।
व्हाइट हाउस के सीमा मामलों के प्रमुख टॉम होमन ने सीएनएन को बताया कि इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ईसीई) के एजेंट सोमवार से हवाई अड्डों पर तैनात किए जाएंगे और वे प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा में मदद करेंगे, ताकि स्टाफ की कमी के कारण ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, होमन ने कहा कि आईसीई एजेंट एक्स-रे जांच जैसे विशेष स्क्रीनिंग कार्य नहीं करेंगे लेकिन वे निकास द्वारों की निगरानी और यात्रियों की पहचान जांचने जैसे कामों में मदद कर सकते हैं।
शटडाउन के दौरान होने वाली अव्यवस्था को लेकर प्रशासन और डेमोक्रेट्स ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केरोलिन लेविट ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि “कांग्रेस के डेमोक्रेट्स जानबूझकर डीएचएस को बंद रखकर अमेरिकी यात्रियों और संघीय कर्मचारियों को यह तकलीफ़ दे रहे हैं। यह बेहद गलत और अस्वीकार्य है।”
फॉक्स न्यूज के अनुसार, देशभर के हवाई अड्डों पर लंबी टीएसए लाइनें और यात्रा में बाधाएं देखने को मिल रही हैं क्योंकि शटडाउन के दौरान स्टाफ की कमी गंभीर हो गई है। कुछ जगहों पर यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
लुइस आर्मस्ट्रांग न्यू ओरलेंस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक यात्री ने कहा, “लाइन को पार्किंग गेराज तक भेजा जा रहा है।”
सीबीएस न्यूज ने बताया कि अटलांटा के हार्ट्सफील्ड जैक्सन अटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ यात्रियों को पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि शटडाउन के कारण स्टाफ की भारी कमी और टीएसए की देरी बढ़ गई।
न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया कि अटलांटा हवाई अड्डे पर लगभग 3 घंटे तक की प्रतीक्षा हुई, और एक यात्री ने एक्स पर लिखा, “लाइन बैगेज क्लेम के चारों ओर लपेट रही है और यह पूरी तरह पागलपन है।”
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शटडाउन के दौरान एजेंटों को वेतन न मिलने के कारण टीएसए कर्मचारियों में दैनिक अनुपस्थिति 40 प्रतिशत तक बढ़ गई।
द वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि होमन ने आईसीई की तैनाती को टीएसए अधिकारियों को अधिक विशेष कार्यों के लिए मुक्त करने का तरीका बताया। उन्होंने कहा, “हम कल हवाई अड्डों पर होंगे और टीएसए की लाइनों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। यह टीएसए अधिकारी को स्क्रीनिंग में वापस जाने और लोगों को जल्दी से जल्दी पास कराने की अनुमति देगा।” उन्होंने कहा कि आईसीई “एक फोर्स मल्टिप्लायर” के रूप में काम करेगा।
हालांकि, आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या इससे वास्तविक रूप से देरी कम होगी। रिपोर्ट में श्रमिक प्रतिनिधियों और पूर्व अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि कई एयरपोर्ट स्क्रीनिंग चोक पॉइंट्स तकनीकी प्रशिक्षण मांगते हैं, जो आईसीई एजेंटों के पास नहीं होता।
सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चाल्स स्कूमर ने कहा, “यह वास्तव में चिंताजनक है। बिना प्रशिक्षण वाले आईसीई एजेंट हमारे हवाई अड्डों पर मौजूद हों, जिन्होंने हर जगह समस्याएं पैदा की हैं? यह परेशानी को आमंत्रित करना है।”
न्यूजवीक के अनुसार, उन 20 हवाई अड्डों पर जहां निजी स्क्रीनिंग ठेकेदार काम करते हैं और टीएसए स्टाफ नहीं, वहां लंबी कतारों की समस्या कम देखी गई। स्क्रीनिंग पार्टनरशिप प्रोग्राम के तहत ये हवाई अड्डे सामान्य रूप से काम करते रहे क्योंकि निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों को शटडाउन के दौरान भी भुगतान करती रहीं।
यह हवाई अड्डों पर देरी इस समय आ रही है जब शटडाउन सामान्य यात्रियों के लिए अमेरिकी सरकार की सबसे दृश्य सेवाओं में से एक हवाई यात्रा पर दबाव डाल रहा है।
अटलांटा जो दुनिया के सबसे व्यस्त एयर हब्स में से एक है, इस अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है क्योंकि भीड़भाड़ वाली सुरक्षा जांच की तस्वीरें व्यापक रूप से साझा की जा रही हैं।
--आईएएनएस
पीएम
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'यूरोप के लिए सीधा खतरा पैदा कर रहा ईरान', तेहरान पर हमलों को लेकर नेतन्याहू ने कही ये बात
US-Iran War: अमेरिका और इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी समेत तमाम शीर्ष अधिकारी और नेता मारे जा चुके हैं. बावजूद इसके ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है. अमेरिका और इजरायली हमलों का भी ईरान लगातार जवाब दे रहा है और इजरायल पर मिसाइल-ड्रोन से हमले कर रहा है.
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि ईरान सीधे तौर पर यूरोप के लिखा खतरा पैदा कर रहा है. दरअसल, नेतन्याहू का ये बयान तब आया है जब शुक्रवार को ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. जो ईरान से करीब 4000 किलोमीटर दूर है. ईरान के इस हमले के बाद पश्चिमी देशों में खलबली मच गई.
ईरान के खिलाफ जारी रहेंगे अमेरिका और इजरायली हमले- नेतन्याहू
इसके साथ ही इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे. इससे पहले नेतन्याहू ने अराद इलाके का दौरा किया. जहां ईरान ने रविवार को हमला किया था. इजरायली पीएम के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें कहा गया कि, "ईरान लगातार यह साबित कर रहा है कि वह सभ्यता और स्वतंत्र दुनिया का दुश्मन है, और अब यूरोपीय देशों के लिए सीधा खतरा बन गया है. इजरायल और अमेरिका अयातुल्ला के आतंकी शासन के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई जारी रखेंगे."
Iran has proven again in the last 48 hours that it is the enemy of civilization and a danger to the free world: targeting children, families, and the elderly with terror missiles, threatening Jerusalem’s holy sites, launching long-range missiles, and trying to blackmail the world… pic.twitter.com/pQaUW1oYgx
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 22, 2026
ईरान सभ्यता का दुश्मन- इजरायली पीएम नेतन्याहू
दिमोना के दौरे पर पहुंचे नेतन्याहू ने कहा कि, "अगर किसी को यह समझने की ज़रूरत थी कि ईरान सभ्यता का दुश्मन और पूरी दुनिया के लिए खतरा क्यों है, तो पिछले 48 घंटों में उन्हें इसका जवाब मिल गया. पिछले 48 घंटों में उन्होंने नागरिकों, बच्चों पर आतंकी हथियार दागे. यहां एक बच्चों का नर्सरी है. यहां एक वृद्धाश्रम है. नागरिकों, परिवारों पर वे आतंकी हथियार दागते हैं, और अक्सर वे क्लस्टर बमों का इस्तेमाल करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा प्रतिबंधित हैं."
'ईरान को धार्मिक स्थलों की कोई परवाह नहीं'
नेतन्याहू ने आगे कहा कि, "दूसरी बात जो उन्होंने की, वह यह कि उन्होंने पवित्र स्थलों के ठीक बगल में स्थित यरुशलम पर गोलीबारी की. उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जो होली सेपल्चर चर्च, अल-अक्सा मस्जिद और वेस्टर्न वॉल को नष्ट कर सकती थीं. तीन एकेश्वरवादी धर्मों के तीन सबसे पवित्र स्थल, उनकी उन्हें कोई परवाह नहीं है. वे हर चीज पर गोलीबारी कर रहे हैं. तीसरी बात जो उन्होंने की, वह यह कि उन्होंने 4,000 किलोमीटर दूर स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागी."
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