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ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के खिलाफ यूरोप में विरोध प्रदर्शनों की लहर

लंदन, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के खिलाफ पूरे यूरोप में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के तहत हजारों प्रदर्शनकारी लंदन की सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की।

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में प्रदर्शनकारियों का सैलाब रसेल स्कवायर से व्हाइटहाल तक मार्च करता हुआ आगे बढ़ा। वे बैनर लहरा रहे थे और हमलों की निंदा करते हुए नारे लगा रहे थे। उनकी आवाज़ें मध्य लंदन में गूंज उठीं क्योंकि बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंताएं सड़कों पर दिखाई देने लगीं।

बाद में आयोजित एक रैली में, प्रतिभागियों ने तुरंत युद्धविराम और मध्य पूर्व में विदेशी हस्तक्षेप खत्म करने की मांग की। “स्टॉप द वार ऑन ईरान” का पोस्टर पकड़े एक प्रदर्शनकारी मरियम ने इस अभियान को वॉशिंगटन द्वारा “एपिक फ्यूरी” कहे जाने की आलोचना की और इसे “एपिक फेल्योर” बताया।

उन्होंने कहा, “कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं। मध्य पूर्व से हाथ हटाओ और बमबारी बंद करो। लोगों को शांति से जीने का अधिकार है। आप लोगों पर बमबारी करके लोकतंत्र नहीं ला सकते।”

बर्मिंघम से आए एक अन्य प्रदर्शनकारी एड्रियन ने ईरान पर हमलों को “पूरी तरह से शर्मनाक” और “स्पष्ट रूप से थकाऊ” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके परिणाम जैसे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक असुरक्षा पहले ही महसूस किए जा रहे हैं।

लंदन का यह प्रदर्शन शनिवार को पूरे यूरोप में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था, जो जारी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ बढ़ते विरोध को दर्शाता है।

स्पेन में हजारों लोग मैड्रिड में एकत्र हुए, जहां अधिकारियों के अनुसार लगभग 4,000 लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी एटोचा से पोएट्रा डेल सोल तक मार्च करते हुए “नो टू वार, नो टू नाटो” और “स्पेन इज नॉट द यूएस” जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर चले। पोडेमास पार्टी के महासचिव लोने बेलारा और राजनीतिक सचिव इरेन मोन्टेरो भी रैली में शामिल हुए। मोन्टेरो ने स्पेन से नाटो से बाहर निकलने का आह्वान किया और क्षेत्र में पश्चिमी सैन्य नीति की व्यापक आलोचना की।

अन्य जगहों पर भी कई यूरोपीय शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। लिस्बन में 14 मार्च को सैकड़ों लोग बारिश के बीच अमेरिकी दूतावास के पास एकत्र हुए। यह प्रदर्शन पुर्तगाली शांति और सहयोग परिषद द्वारा आयोजित किया गया था। 70 से अधिक संगठनों के समर्थन से प्रतिभागियों ने अमेरिका और इज़राइल की कथित आक्रामकता की निंदा की और “यस टू पीस, नाट टू वार” जैसे नारे लगाए। साथ ही निरस्त्रीकरण की मांग की।

सोफिया में 2 मार्च को सैकड़ों लोगों ने मार्च निकाला, जिनके हाथों में “नो वार अगेंस्ट ईरान” और “यूएस मिलिटरी एयरक्राफ्ट नाट वेलकम हेयर” जैसे पोस्टर थे। प्रदर्शनकारियों ने हमलों को समाप्त करने और बुल्गारिया से अमेरिकी सैन्य विमानों को हटाने की मांग की।

इसी तरह के प्रदर्शन फ्रांस और ग्रीस सहित कई देशों में भी हुए, जब यह संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया।

जनता के विरोध के बीच, यूरोपीय विश्लेषकों की ओर से भी आलोचना सामने आई है। नीदरलैंड के लेडेन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉब डेविक ने अमेरिकी कार्रवाइयों को “सीधा ब्लैकमेल” बताया और चेतावनी दी कि यह यूरोपीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

उन्होंने तर्क दिया कि यूरोप को अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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हमलों के बीच ईरान का बयान: होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं, पर सुरक्षा नियम सख्त

तेहरान, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है और इस जलमार्ग में नौवहन जारी है। हालांकि, उसने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने हमेशा नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री सुरक्षा और बचाव का सम्मान किया है। उसने सालों से इन सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए काम किया है।

मंत्रालय ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली सैन्य हमलों के बाद खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर एक खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर क्षेत्रीय समुद्री सेफ्टी और सिक्योरिटी पर पड़ रहा है।

आत्मरक्षा के अपने कानूनी अधिकार का दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया है। साथ ही, उसने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि आक्रमणकारी और उनके समर्थक देश के खिलाफ अपने मकसद को पूरा करने के लिए स्ट्रेट का गलत इस्तेमाल न कर सकें।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसने आक्रमणकारियों से जुड़े या उनके साथ संबद्ध जहाजों के गुजरने को अंतरराष्ट्रीय कानून के स्थापित सिद्धांतों के तहत रोका है। उसने कहा कि दूसरे देशों के या उनसे जुड़े गैर-दुश्मन जहाज, ईरानी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन में स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता बना सकते हैं, बशर्ते उन्होंने ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों में हिस्सा न लिया हो या उनका समर्थन न किया हो, साथ ही बताए गए सेफ्टी और सिक्योरिटी रेगुलेशन का पालन किया हो।

मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता की बहाली के लिए जरूरी है कि ईरान विरोधी सैन्य हमले और धमकियां बंद हों, अमेरिका और इजरायल की अस्थिर करने वाली गतिविधियां रुकें, और ईरान के वैध हितों का पूरा सम्मान किया जाए।

बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई सैन्य अधिकारी मारे गए। ईरान की ओर से भी जवाबी हमले हुए। उसने खाड़ी के कई देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। अभी भी ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष जारी है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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  Sports

ms dhoni video: धोनी ने रैना के लिए किया कुछ ऐसा कि फैंस कर रहे सलाम, दे रहे दोस्ती की मिसाल

MS Dhoni Video: आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के कैंप से एक दिल छू लेने वाला वीडियो सामने आया, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपनी सादगी और दोस्ती की मिसाल पेश करते हुए सुरेश रैना को खुद चाय लाकर दी।

यह वीडियो CSK के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया गया, जिसमें धोनी अचानक पीछे से आकर रैना को सरप्राइज देते हैं। उस समय रैना पीली जर्सी पर ऑटोग्राफ दे रहे थे। जैसे ही धोनी उन्हें चाय देते हैं, रैना मुस्कुरा उठते हैं और यह पल फैंस के लिए खास बन जाता है। CSK ने इस वीडियो के साथ लिखा, 'ऐसा दोस्त ढूंढो जो सुबह चाय लेकर आए…चिन्ना थाला के पास तो है।'

धोनी और रैना की दोस्ती क्रिकेट जगत में किसी से छिपी नहीं है। दोनों ने लंबे समय तक चेन्नई सुपर किंग्स के लिए साथ खेला और टीम को कई यादगार जीत दिलाई। धोनी ने जहां चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार आईपीएल खिताब जिताया, वहीं रैना लीग के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।

इसी बीच रविवार को सीएसके का एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें टीम के कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी शामिल हुए। इस इवेंट में अंबाती रायुडू, मैथ्यू हेडन, मुथैया मुरलीधरन, पार्थिव पटेल, ड्वेन ब्रावो, हरभजन सिंह, मुरली विजय और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे दिग्गज खिलाड़ी नजर आए।

इस दौरान एक खास घोषणा भी की गई। सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन को CSK के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। यह सम्मान उन्हें फ्रेंचाइजी के लिए उनके शानदार योगदान के लिए दिया गया।

अब चेन्नई सुपर किंग्स की नजर आईपीएल 2026 के अपने अभियान पर है। टीम 30 मार्च को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी। इसके बाद 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स, 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स से मुकाबला होगा। 

CSK इस बार अपने अभियान की मजबूत शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, धोनी और रैना की दोस्ती का यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि रिश्तों का भी नाम है।

Mon, 23 Mar 2026 10:03:06 +0530

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