पटना के गांधी मैदान में 114वें बिहार दिवस समारोह का शुभारंभ, जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास
अपनी गौरवशाली विरासत को संजोए और भविष्य की नई उड़ान भरने के संकल्प के साथ, पटना के गांधी मैदान में आज 114वें बिहार दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ.अगले तीन दिनों तक बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान और उसके बाहर भी कई भव्य आयोजन किए जाएंगे. इस वर्ष का मुख्य विषय "उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार" है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास का प्रतिबिंब है.
गांधी मैदान में बिहार दिवस की भव्य शुरुआत
पटना के गांधी मैदान में तीन दिनों तक चलने वाले समारोह के पहले दिन गांधी मैदान विभिन्न विभागों के स्टॉल्स और प्रदर्शनियों से सराबोर दिखा, जहां शासन और प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया.
विभागीय स्टॉल्स बने आकर्षण का केंद्र
समारोह में प्रमुख रूप से ग्रामीण कार्य विभाग (सुदृढ़ ग्रामीण सड़कें एवं उन्नत बिहार), सूचना एवं जन-संपर्क विभाग (नारी सशक्तिकरण), सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग (महिला एवं बाल विकास), स्वास्थ्य विभाग (निःशुल्क हेल्थ चेकअप एवं जागरूकता), विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी विभाग, सेबी (SEBI), बिहार राष्ट्रभाषा परिषद (पुस्तक मेला), भारतीय डाक विभाग (PLI, IPPB एवं आधार सेवा), आर्ट ऑफ लिविंग (तनाव मुक्ति), मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (नशामुक्त बिहार), श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग (बाल श्रम मुक्त बिहार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (कृषि वानिकी एवं प्रदूषण नियंत्रण), गन्ना उद्योग विभाग (समृद्ध उद्योग), युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग (AI अवेयरनेस, ड्रोन मेकिंग, कुशल युवा प्रोग्राम एवं मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना), तथा योजना एवं विकास विभाग (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता) के स्टॉल्स मुख्य आकर्षण हैं.
शिक्षा और तकनीक का संगम
शिक्षा विभाग के विशाल टेंट में विशेष रूप से 'मिशन निपुण बिहार', प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL), गणित ओलंपियाड, क्विज प्रतियोगिता, और शिक्षकों व बच्चों द्वारा सांस्कृतिक मंच पर संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया. यहाँ साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भूकंप सुरक्षा के लिए सुरक्षित भवन निर्माण, सड़क सुरक्षा, 'ओ प्लस इनोवेशन' (ड्रोन तकनीक), और 'आशदीप पुनर्वास' केंद्र के माध्यम से ब्रेल लिपि की जानकारी दी गई.
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खास फोकस
इसके अतिरिक्त, मेदांता अस्पताल द्वारा लू से बचाव की जानकारी, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा स्वास्थ्य जांच, एआईएमएस पटना का स्वास्थ्य जागरूकता काउंटर, और बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा अग्नि सुरक्षा यंत्रों का लाइव प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा. ट्रांसजेंडर जागरूकता, शिल्प कुटीर (हस्तकला एवं क्ले आर्ट), और मेडिटेशन के स्टॉल्स ने सामाजिक समरसता और आंतरिक शांति का संदेश दे रहा है.
आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में मजबूत कदम
तीन दिनों तक चलने वाला यह समारोह न केवल बिहार की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह आत्मनिर्भर और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है, जहाँ हर विभाग तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के माध्यम से प्रदेश की जनता को सशक्त बना रहा है.
एनआईए जांच में विदेशी नागरिकों पर म्यांमार संघर्ष से जुड़ाव के आरोप, यूक्रेन ने बताया निराधार
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक संवेदनशील जांच ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है, जिसमें विदेशी नागरिकों की कथित गतिविधियों को म्यांमार के जारी संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि यूक्रेन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
इंडिया नैरेटिव की एक रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों के खुफिया सेवाओं और सैन्य इकाइयों से करीबी संबंध है, जो ओपन-सोर्स जानकारी के विश्लेषण पर आधारित है। हालांकि वॉशिंगटन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और उसने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
जांचकर्ताओं का दावा है कि संदिग्ध लोग भारत में पर्यटन वीजा पर आए थे और फिर अवैध रूप से मिजोरम पहुंचे, जहां से उन्होंने अनौपचारिक रास्तों के जरिए म्यांमार में प्रवेश किया। उन पर सीमा और आवाजाही कानूनों का उल्लंघन करने के साथ-साथ म्यांमार में सक्रिय सशस्त्र समूहों को मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के उपयोग, उनकी असेंबली, तैनाती और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों का प्रशिक्षण देने का गंभीर आरोप है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एनआईए को एक बड़े नेटवर्क के शामिल होने का संदेह है। इसमें बताया गया कि 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग समय पर भारत आए और बिना आवश्यक अनुमति के मिजोरम गए।
यूक्रेनी अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और देश की आधिकारिक नीति के खिलाफ बताया है। कीव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके नागरिक म्यांमार में किसी भी उग्रवादी समूह को प्रशिक्षण देने या ड्रोन तकनीक उपलब्ध कराने में शामिल नहीं हैं।
जांच में जिन व्यक्तियों का नाम सामने आया है, उनमें इवान सुकमानोव्स्की शामिल हैं, जिनका कथित तौर पर एक यूक्रेनी सैन्य इकाई से संबंध बताया गया है। ओपन-सोर्स जानकारी के अनुसार, यह इकाई इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और टोही क्षमताओं में विशेषज्ञ हो सकती है।
एक अन्य आरोपी, मैरियन स्टेफानकिव का संबंध “अराटा” नामक इकाई से बताया गया है, जो कथित रूप से हमले, तोड़फोड़, टोही मिशन और आधुनिक युद्ध में ड्रोन के उपयोग में विशेषज्ञता रखती है। एक पुराने इंटरव्यू में स्टेफानकिव ने कहा था कि 2014 में इस इकाई में शामिल होने के बाद उन्होंने तुरंत ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण शुरू कर दिया था।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ये गतिविधियां यूक्रेन के युद्ध अनुभव के अंतरराष्ट्रीयकरण को दर्शाती हैं। यानी रूस के साथ उसके संघर्ष में हासिल अनुभव को अन्य क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन की ड्रोन युद्ध संबंधी विशेषज्ञता को दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपनाया जा रहा है और खुफिया एजेंसियां इसे गुप्त अभियानों में इस्तेमाल कर सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब कीव पर विभिन्न क्षेत्रों में अवैध सशस्त्र समूहों को समर्थन देने के आरोप लगे हैं। इससे पहले माली और सूडान में भी यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की ओर से कथित रूप से उग्रवादियों को प्रशिक्षण देने के आरोप सामने आए थे।
ये सभी दावे अभी विवादित हैं और जांच जारी है। इस मामले ने क्षेत्रीय संघर्षों, खुफिया गतिविधियों और उभरती ड्रोन युद्ध तकनीकों के जटिल संबंधों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
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