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सोनम वांगचुक 6 महीने बाद लेह पहुंचे:हजारों लोगों ने स्वागत किया, बोले- उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे; NSA में जेल में बंद थे

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक रविवार को 6 महीने (करीब 170 दिन) बाद लेह पहुंचे। केंद्र ने 14 मार्च को वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर जेल से रिहा किया गया था। लेह में उनके लिए स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वांगचुक के सैकड़ों समर्थक पहुंचे। वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा- जिस मकसद के लिए हम काम कर रहे हैं, उसके लिए एक नया सूरज उगेगा। हम उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वांगचुक ने कहा कि 170 दिनों के बाद इन पहाड़ों में आकर और लोगों से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमें उम्मीद है कि सभी तरफ से ऐसा ही माहौल बनेगा और मैं पूरे देश के उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने इस संघर्ष में हमारा साथ दिया। मैं लोगों से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। वांगचुक के स्वागत की 4 तस्वीरें… हिरासत का समय आत्ममंथन का अवसर था वांगचुक ने जेल के समय को कठिन अनुभव बताते हुए कहा कि हिरासत का समय आत्ममंथन का अवसर था। वहीं, इस दौरान मेरी पत्नी गीतांजली को कानूनी लड़ाई में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दरअसल, केंद्र ने 14 मार्च को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। पिछले साल लद्दाख में उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई थी। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। 14 मार्च: सोनम वांगचुक जेल से रिहा केंद्र ने 14 मार्च को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे सोनम की पत्नी गीतांजलि जोधपुर जेल पहुंचीं। कागजी कार्रवाई पूरी की गई। दोपहर करीब सवा एक बजे वांगचुक पत्नी के साथ एक निजी गाड़ी से जेल से निकले थे। सरकार बोली- बातचीत का माहौल बनाने लिए फैसला लिया सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की याचिका पर अंतिम सुनवाई (17 मार्च) के दो दिन पहले लिया। कोर्ट सुनवाई के दौरान वे वीडियो और फोटो देखेगा, जिनके आधार पर सरकार ने उन पर NSA लगाया था। दो दिन पहले वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था लद्दाख के लिए ईमानदार संवाद आवश्यक है। मैंने एक्टिविज्म से दूरी नहीं बनाई है। लद्दाख के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही है। इसका उद्देश्य लद्दाख के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी भविष्य है। 4 फरवरी को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें लद्दाख के दो प्रमुख संगठन लेह अपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेट्स अलायंस शामिल हुए। इनके नेताओं ने वांगचुक की रिहाई की मांग दोहराई थी। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे सोनम सोनम को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। वांगचुक ने जन्म लद्दाख में हुआ, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की वांगचुक का जन्म 1966 में लेह जिले के अल्ची के पास, लद्दाख में हुआ था। उनके गांव में स्कूल न होने के कारण 9 साल की उम्र तक उनका किसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ। इस दौरान उनकी मां ने उन्हें बुनियादी शिक्षा दी। 9 साल की उम्र में उन्हें श्रीनगर ले जाया गया और वहां एक स्कूल में दाखिला दिलाया गया। बाद में दिल्ली के विशेष केंद्रीय स्कूल में भी उन्होंने पढ़ाई की। फिर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया। शिक्षा में सुधार के लिए SECMOL बनाया इंजीनियरिंग के बाद वांगचुक ने साल 1988 में अपने भाई और पांच साथियों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी SECMOL की शुरुआत की। इसका उद्देश्य लद्दाख के सरकारी स्कूलों की शिक्षा में सुधार लाना है। इसके लिए लद्दाख के सासपोल में मौजूद सरकारी हाई स्कूल में स्कूल सुधार के प्रयोग किए गए। इसके बाद, SECMOL ने 'ऑपरेशन न्यू होप' की शुरुआत की। इसके तहत सरकारी स्कूलों में एजुकेशन रिफॉर्म और लोकलाइज्ड टेक्स्टबुक्स, टीचर्स की ट्रेनिंग और गांव-स्तरीय शिक्षा समितियों के गठन की पहल शुरू की गई। फिर इसे शिक्षा विभाग और गांव की जनता के सहयोग से आगे बढ़ाया गया। जून 1993 से वांगचुक ने प्रिंट मैगजीन 'लद्दाख्स मेलोंग' की शुरुआत की। अगस्त 2005 तक लद्दाख की एकमात्र प्रिंट मैगजीन के एडिटर के रूप में काम किया। साल 2004 में हिल काउंसिल सरकार में शिक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया। ……………………….. ये खबर भी पढ़ें…. भास्कर इंटरव्यू: वांगचुक की पत्नी बोलीं- सच सामने आएगा, वे रिहा होंगे: लद्दाख हिंसा के सबूतों से छेड़छाड़ हुई एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत लेह हिंसक प्रदर्शन के बाद 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दैनिक भास्कर ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो से बात की। उन्होंने बताया कि सोनम की गिरफ्तारी के बाद शुरुआती 3 हफ्तों तक एक कार मेरा पीछा करती रही। इसके बाद जब मैंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया तो यह गतिविधि धीरे-धीरे कम हो गई। पूरी खबर पढ़ें..

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टेस्ट इतिहास के 5 सबसे युवा कप्तान, जिन्होंने उम्र को दी मात, एक कैप्टन ने 100 से अधिक मैचों में कप्तानी का बनाया विश्व कीर्तिमान

Youngest captains in Test: टाइगर पटौदी से राशिद खान तक. टेस्ट इतिहास के ये हैं वो 5 जांबाज जिन्होंने उम्र के हर गणित को मात दी. महज 20-21 की उम्र में जब खिलाड़ी टीम में जगह बनाने को तरसते हैं, तब इन 'वंडर किड्स' ने कप्तानी का कांटों भरा ताज पहनकर दुनिया को घुटनों पर ला दिया. नवाब पटौदी के नवाबी तेवर से लेकर अफगानी जादूगर राशिद के रिकॉर्ड तक. ये है इन 5 सबसे युवा सेनापतियों की अनसुनी दास्तां.

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  Sports

IPL 2026: Royal Challenger Bengaluru टीम की मजबूती, कमजोरी और टीम का पूरा शेड्यूल, देखें आरसीबी की संभावित प्लेइंग इलेवन

आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। जिसके लिए क्रिकेट फैंस बेहद उत्साहित हैं। वहीं सभी टीमें टूर्नामेंट के लिए जोरों शोरों से तैयारी कर रही हैं। आईपीएल के 19वें सीजन की शुरुआत गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले से होगी। जो बेंगलुरु के एस चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा।

डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी इस बार भी चैंपियनशिप की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम में विराट कोहली से लेकर भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और क्रुणाल पंड्या जैसे भारतीय खिलाड़ियों के साथ फिल साल्ट, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड जैसे विदेशी खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में ये टीम बहुत ही संतुलित और अच्छी नजर आ रही है। 

आरसीबी की मजबूती और कमजोरी
मजबूती- आईपीएल की गत चैंपियन आरसीबी की टीम की बल्लेबाजी बहुत ही बेहतरीन नजर आ रही है। टीम के पास विराट कोहली और फिल साल्ट जैसे ओपनर बल्लेबाज हैं। जबकि उनके बाद वेंकटेश अय्यर, जैकब बैथेल, रजत पाटीदार, टिम डेविड के साथ ही क्रुणा पंड्या और रोमारियो शेफर्ड जैसे ऑलराउंडर्स हैं। ऐसे में टीम की बल्लेबाजी में काफी गहराई नजर आ रही है। 

कमजोरी- आरसीबी की कमजोरी गेंदबाजी है। टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड फिट नहीं हैं और कब तक लौटेंगे इस बारे में कहना मुश्किल है तो वहीं भुवनेश्वर कुमार ज्यादा क्रिकेट नहीं खेलते हुए नजर आते हैं। टीम में इन दो के अलावा कोई खास अनुभवी गेंदबाज भी नहीं है। वहीं डेथ ओवर्स में यश दयाल जैसे खिलाड़ी भी टीम से बाहर हैं। 

आरसीबी की संभावित प्लेइंग 11
विराट कोहली, फिल साल्ट, वेंकटेश अय्यर, रजत पाटीदार, जैकब बैथेल, जितेश शर्मा, टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी।

आरसीबी का फुल शेड्यूल
28 मार्च 2026- RCB vs SRH- बेंगलुरू
5 अप्रैल 2026- RCB vs CSK- बेंगलुरू
10 अप्रैल 2026- RCB vs RR- गुवाहाटी
12 अप्रैल 2026- RCB vs MI- मुंबई
Tue, 24 Mar 2026 19:06:52 +0530

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