Responsive Scrollable Menu

यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट पर भड़कीं पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी, कहा- 'अमेरिका में क्या हो रहा है, यह नहीं दिखता'

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट की 275 पूर्व जजों, नौकरशाहों, राजनयिकों और सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के एक समूह ने जमकर आलोचना की। इस पर बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने आईएएनएस से इस मुद्दे पर कहा, मुझे लगता है कि यूएससीआईआरएफ की धार्मिक आजादी पर यह रिपोर्ट पूरी तरह से बेमतलब और एकतरफा है। भारत सरकार ने इसके खिलाफ बहुत, बहुत कड़ा बयान दिया है, क्योंकि इसमें कोई लॉजिक नहीं है। आप सिर्फ संस्थाओं की बुराई नहीं कर सकते, आरएंडएडब्ल्यू या आरएसएस जैसी संस्थाओं की भी बुराई नहीं कर सकते, जो बेशक एक एनजीओ है, यह एक लॉजिकल संस्था है। वे बहुत सारा सामाजिक काम कर रहे हैं। असल में, कोविड के दौरान, यह आरएसएस और गुरुद्वारे ही थे, जिन्होंने उन लोगों की सारी मदद की, जो सच में बहुत बुरी हालत में थे, घर जा रहे थे, लंबी दूरी तय कर रहे थे, और वे उन्हें खाना और आने-जाने के लिए सभी रिसोर्स दे रहे थे। तो, ये बहुत सोच-समझकर किए गए हैं।

उन्होंने कहा, यह संस्था, यूएससीआईआरएफ, बाकी दुनिया को देखती है, अमेरिका में क्या हो रहा है, यह नहीं देखती। उन पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता। हम जानते हैं कि भारत में मजबूत न्यायपालिका है, जो अल्पसंख्यकों की स्थिति में किसी भी मुश्किल के हर पहलू को देखती है। हमारे पास एक मजबूत एग्जीक्यूटिव, एक मजबूत लेजिस्लेचर है। और, बेशक, हम जानते हैं कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए सभी सोशल वेलफेयर प्रोग्राम में, चाहे वह उज्ज्वला हो, जन धन योजना हो, उन सभी में, अल्पसंख्यकों को पहली प्राथमिकता मिलती है। वे ही हैं, हर गांव में, हर जिले में, अल्पसंख्यकों को पहली प्राथमिकता मिलती है। एक भी शिकायत नहीं आई है, किसी भी तरह के सरकारी प्रोग्राम को लागू करने या लोगों को फायदा पहुंचाने वाली किसी भी तरह की वेलफेयर स्कीम में पक्षपात के बारे में एक भी शिकायत नहीं आई है। तो, उन्हें यह कैसे मिल रहा है?

सिकरी ने आगे कहा कि अगर आपके पास ऐसा सिस्टम है, जिसमें, आप जानते हैं, किसी ने शिकायत की है, किसी ने कुछ कहा है, अगर कोई नेता गलत बयान दे रहा है, और फिर आप उसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, तो यह पूरी तरह से नकली है, और फिर जब आप सीएए जैसी चीजों के बारे में बात करते हैं, तो आपके पास न्यायपालिका है जो अपनी राय दे सकती है। वे नागरिकों के हितों की रक्षा करने के लिए, सरकार की सभी ब्रांचों के हितों की रक्षा करने के लिए हैं। मुझे लगता है कि इस तरह की पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट बस नजरअंदाज कर देना चाहिए। जितना ज्यादा आप इसे नजरअंदाज करेंगे, उतना ही अच्छा होगा।

उन्होंने कहा कि आप इसके बारे में जितना ज्यादा बात करेंगे, वे खुद को ज्यादा अहमियत देंगे। अगर आप अल्पसंख्यक समुदाय के बीच रिस्पॉन्स देखें, तो किसी ने भी यह नहीं कहा है कि यह सारी रिपोर्ट अच्छी है या नहीं, क्योंकि यह नहीं है। यह पूरी तरह से सेलेक्टिव है, पूरी तरह से पहले से बनी हुई सोच के साथ है। वे बिना किसी लॉजिक के कुछ भी उठा रहे हैं। अगर आप आरएसएस की बात करें, तो मुझे उसके प्रमुख मोहन भागवत याद हैं, जो कहते हैं कि हिंदुत्व अल्पसंख्यकों की वजह से है। हम सबको साथ रहना है। यही फोकस है कि अल्पसंख्यक उस चीज का हिस्सा हैं, जिसे आप इंडियन एथोस, इंडियन सिविलाइजेशनल एथोस कह सकते हैं। हर अल्पसंख्यक जो भारत आया है, यहां रहा है, चाहे वह यहूदी हों, पारसी हों, मुस्लिम हों, हर कोई, वे भारत की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

केंद्र खनिजों की नीलामी का सातवां चरण सोमवार से शुरू करेगा

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ मिलकर सोमवार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी के महत्वपूर्ण और रणनीतिक 7वें चरण का शुभारंभ करेंगे। यह जानकारी खान मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई।

खान मंत्रालय ने कहा कि देश के आर्थिक विकास और खनिज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों की ओर वैश्विक बदलाव ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), टंगस्टन, वैनेडियम, टाइटेनियम और अन्य दुर्लभ धातुओं जैसे खनिजों की मांग में मजबूत वृद्धि की है, लेकिन इनकी सीमित उपलब्धता और भौगोलिक एकाग्रता विश्व स्तर पर सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए चुनौतियां पेश करती हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, इन खनिजों के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भारत सरकार ने 17 अगस्त 2023 को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में संशोधन किया और 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज घोषित किया। इस संशोधन से केंद्र सरकार को इन खनिजों के लिए खनन पट्टे और संयुक्त लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार प्राप्त हुआ है। इन नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होता है।

अब तक, खान मंत्रालय ने नीलामी के छह चरणों को सफलतापूर्वक शुरू किया है, जिसमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी पहले ही हो चुकी है, जो मजबूत उद्योग भागीदारी और भारत के खनिज क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित करता है।

मंत्रालय के अनुसार, इसी गति को बनाए रखते हुए, सातवीं किश्त के अन्‍तर्गत कई राज्यों में खनन पट्टा और मिश्रित लाइसेंस के अंतर्गत 19 ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ब्लॉकों में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, उर्वरक और रणनीतिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों का विविध भंडार शामिल है।

खनिज ब्लॉकों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए नीलामी ढांचे को लगातार मजबूत किया गया है। हाल के सुधारों, जिनमें खनिज (नीलामी) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 शामिल हैं, ने प्रदर्शन सुरक्षा जमा करने, अग्रिम भुगतान और आशय पत्र जारी करने जैसी नीलामी के बाद की समय-सीमाओं को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2026 ने बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बांड का प्रावधान पेश किया है, जिससे बोलीदाताओं को अधिक सरलता होती है।

मंत्रालय के अनुसार, यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल बोलीदाता का चयन भेजे गए खनिज के मूल्य के उच्चतम प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

दहशत के साये में पाकिस्तान, तालिबानी हमलों से मोहसिन नकवी की कांपी रूह, बंद दरवाजों के भीतर होगा पीएसएल

PSL 2026 News: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के शुरुआती मैच खाली स्टेडियमों में खेले जाएंगे. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा हालातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने घोषणा की कि इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टूर्नामेंट अपने तय समय यानी 26 मार्च से शुरू होगा, लेकिन स्टेडियम में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं होगी. मुकाबले सिर्फ दो शहरों (कराची और लाहौर) में खेले जाएंगे. Sun, 22 Mar 2026 17:32:08 +0530

  Videos
See all

GD Bakshi on Israel-US Vs Iran War:Straight of Hormuz को लेकर Trump की ईरान को धमकी!Latest Interview #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T12:09:18+00:00

Middle East Crisis: ईरान के पास सिर्फ 48 घंटे | Trump Warning | Hormuz Strait | lOil Crisis #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T12:07:33+00:00

PM Modi | मिडिल ईस्ट के हालात पर PM की बड़ी बैठक जारी | #ytshorts #shorts #pmmodi #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T12:16:41+00:00

News Ki Pathshala| Sushant Sinha | Iran-Israel War से भारत पर कौन-सी मुसीबत? #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T12:10:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers