केंद्र खनिजों की नीलामी का सातवां चरण सोमवार से शुरू करेगा
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ मिलकर सोमवार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी के महत्वपूर्ण और रणनीतिक 7वें चरण का शुभारंभ करेंगे। यह जानकारी खान मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई।
खान मंत्रालय ने कहा कि देश के आर्थिक विकास और खनिज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों की ओर वैश्विक बदलाव ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), टंगस्टन, वैनेडियम, टाइटेनियम और अन्य दुर्लभ धातुओं जैसे खनिजों की मांग में मजबूत वृद्धि की है, लेकिन इनकी सीमित उपलब्धता और भौगोलिक एकाग्रता विश्व स्तर पर सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए चुनौतियां पेश करती हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, इन खनिजों के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भारत सरकार ने 17 अगस्त 2023 को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में संशोधन किया और 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज घोषित किया। इस संशोधन से केंद्र सरकार को इन खनिजों के लिए खनन पट्टे और संयुक्त लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार प्राप्त हुआ है। इन नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होता है।
अब तक, खान मंत्रालय ने नीलामी के छह चरणों को सफलतापूर्वक शुरू किया है, जिसमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी पहले ही हो चुकी है, जो मजबूत उद्योग भागीदारी और भारत के खनिज क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित करता है।
मंत्रालय के अनुसार, इसी गति को बनाए रखते हुए, सातवीं किश्त के अन्तर्गत कई राज्यों में खनन पट्टा और मिश्रित लाइसेंस के अंतर्गत 19 ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ब्लॉकों में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, उर्वरक और रणनीतिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों का विविध भंडार शामिल है।
खनिज ब्लॉकों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए नीलामी ढांचे को लगातार मजबूत किया गया है। हाल के सुधारों, जिनमें खनिज (नीलामी) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 शामिल हैं, ने प्रदर्शन सुरक्षा जमा करने, अग्रिम भुगतान और आशय पत्र जारी करने जैसी नीलामी के बाद की समय-सीमाओं को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2026 ने बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बांड का प्रावधान पेश किया है, जिससे बोलीदाताओं को अधिक सरलता होती है।
मंत्रालय के अनुसार, यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल बोलीदाता का चयन भेजे गए खनिज के मूल्य के उच्चतम प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
डिमोना- अराद के बाद तेल अवीव और यरूशलम पर ईरान की स्ट्राइक, कई घायल
तेहरान/तेल अवीव, 22 मार्च (आईएएनएस)। ईरान जवाबी कार्रवाई में लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दाग रहा है। राजधानी तेल अवीव ही नहीं, अब उसके निशाने पर इजरायल का प्रमुख परमाणु केंद्र माना जाने वाला डिमोना भी है। शनिवार को ईरानी मिसाइलें दो शहरों, डिमोना और अराद पर कहर बनकर टूटीं, तो रविवार सुबह निशाने पर राजधानी तेल अवीव और यरूशलम रहे। स्टेट मीडिया के अनुसार, एक-दो नहीं, बल्कि सुबह 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इन हमलों में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इजरायली विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार, घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी स्वास्थ्य सेवाएं देखने वाली मागेन डेविड एडोम के हवाले से दी गई। जिसने बताया कि क्लस्टर बमों के गिरने से लोग जख्मी हो गए।
डिमोना-अराद में 100 से ज्यादा के घायल होने की खबर है। वहीं, इजरायल के आर्मी रेडियो के अनुसार, डिमोना-अराद हमलों में 150 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये सभी लोग इजरायल में हुए हमलों के बाद इलाज के लिए सोरोका अस्पताल पहुंचे। अराद में 84 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 10 की हालत गंभीर है।
ईरान के सरकारी टीवी ने डिमोना हमले को नतांज परमाणु परिसर पर हुए इजरायली हमले का करारा जवाब बताया। इससे पहले ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा था कि नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया था, हालांकि वहां किसी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं थी।
कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें हमलों की वजह से घर और सड़कें ध्वस्त दिख रही हैं। इस बीच, हमास सैन्य विंग के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने डिमोना-अराद पर किए गए मिसाइल हमलों को जायज बताया है। कहा कि यह केवल अमेरिकी आक्रमण का जवाब नहीं है, बल्कि गाजा में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का भी नतीजा है।
ईरान की ओर से ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद बढ़े हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए लिखा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।
इसके बाद ही, ईरान ने चेतावनी दी कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमला करेगा।
--आईएएनएस
केआर/
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