Responsive Scrollable Menu

LPG Crisis: युद्ध के बीच भारत को बड़ी राहत, अमेरिका से गैस लेकर मंगलुरु पोर्ट पहुंचा 'Pyxis Pioneer' जहाज

LPG Crisis: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के कारण एलपीजी की किल्लत की आशंकाओं के बीच, अमेरिका से रसोई गैस की एक नई खेप भारत पहुंच गई है। टेक्सास के पोर्ट ऑफ नीदरलैंड से चला विशाल मालवाहक जहाज 'पाइक्सिस पायनियर' (Pyxis Pioneer) रविवार सुबह न्यू मंगलुरु पोर्ट पर सुरक्षित रूप से लंगर डाल चुका है।

47,236 टन एलपीजी के साथ पहुंचा जहाज
न्यू मंगलुरु पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, सिंगापुर के ध्वज वाला यह टैंकर सुबह करीब 6 बजे बर्थ नंबर 13 पर लगा। 47,236 टन क्षमता वाला यह जहाज 14 फरवरी को अमेरिका से रवाना हुआ था। यह पोत सोमवार सुबह रवाना होने से पहले 'एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड' के लिए लगभग 16,714 टन एलपीजी अनलोड करेगा। पिछले तीन हफ्तों से मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसके चलते भारत में घरेलू रसोई को प्राथमिकता देने के लिए होटलों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सप्लाई में कटौती करनी पड़ी थी।

रणनीतिक जलमार्ग और भारतीय जहाजों की सुरक्षा
यह खेप ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। ईरान ने हाल ही में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बंदरगाह क्षेत्रों पर संभावित हमलों की चेतावनी भी दी है, जिससे समुद्री व्यापारिक मार्गों पर जोखिम बना हुआ है।

हाल ही में 18 मार्च को कच्चा तेल लेकर 'जग लाडकी' मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था, जबकि 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' जैसे एलपीजी कैरियर भी सफलतापूर्वक सप्लाई पहुंचा चुके हैं।

आयात पर भारत की भारी निर्भरता
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक बाजारों पर काफी हद तक निर्भर है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी विदेशों से आयात करता है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से सऊदी अरब और यूएई जैसे पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से सप्लाई प्रभावित हुई है, यही कारण है कि अमेरिका से आ रही यह खेप भारत के लिए 'संजीवनी' की तरह है।

Continue reading on the app

4 लाख करोड़ साफ: मिडिल ईस्ट संघर्ष से कैसी हिली ग्लोबल एयरलाइन इंडस्ट्री? आगे क्या हो सकता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री पर साफ दिखने लगा। अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच एयरलाइंस कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की टॉप 20 एयरलाइंस कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब 53 अरब डॉलर (लगभग 4.4 लाख करोड़ रुपये) की गिरावट आ चुकी। यह कोविड-19 के बाद उद्योग का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा।

इस पूरे संकट की जड़ में सबसे बड़ा कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए इस तनाव के बाद जेट फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। आमतौर पर एयरलाइंस की कुल लागत का करीब एक-तिहाई हिस्सा फ्यूल पर खर्च होता है, लेकिन अब यह लागत और ज्यादा बढ़ गई है। कई बाजारों में जेट फ्यूल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर पड़ा है।

होर्मुज संकट का भी एविएशन इंडस्ट्री पर असर
स्थिति को और गंभीर बना रहा है होर्मुज की खाड़ी का लगभग बंद होना। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 फीसदी वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती। इस रुकावट के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई और कच्चे तेल की कीमतों में 50% तक उछाल देखने को मिला।

एयरलाइंस कंपनी की ऑपरेशनल लागत बढ़ी
एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने ऑपरेशन में बड़े बदलाव करने पड़ रहे हैं। कई कंपनियों ने मिडिल ईस्ट के ऊपर से उड़ानें बंद कर दी हैं या उन्हें डायवर्ट किया जा रहा है। इससे फ्लाइट का समय बढ़ रहा है और ऑपरेशन लागत भी बढ़ रही है। यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ने वाली लंबी दूरी की उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

फ्लाइट की टिकटों में होगा इजाफा
ईजी जेट के सीईओ केंटन जार्विस ने कहा कि यह स्थिति 2020 के बाद सबसे बड़ी उथल-पुथल है। वहीं लुफ्थांसा एयरलाइंस के सीईओ कार्स्टन स्पोहर ने साफ कहा कि टिकट की कीमतें बढ़ना तय है, क्योंकि कंपनियां इस अतिरिक्त खर्च को खुद नहीं झेल सकतीं। उन्होंने बताया कि प्रति यात्री औसत मुनाफा करीब 10 यूरो होता है, ऐसे में बढ़ती लागत को एडजस्ट करना मुश्किल है।

इस संकट के चलते एयर फ्रांस-केएलएम जैसी कंपनियां भी संभावित ईंधन की कमी को लेकर तैयारियां कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ रूट्स पर सेवाएं घटाने की योजना बनाई जा रही है। वहीं यूनाइ़डेट एयरलाइंस ने पहले ही अपने फ्लाइट शेड्यूल में कटौती शुरू कर दी है।

एयरलाइंस कंपनियों के शेयर गिरे
शेयर बाजार में भी इस संकट का असर साफ दिख रहा । एयरलाइंस कंपनियों के शेयर लगातार गिर रहे हैं और निवेशक आगे और नुकसान की आशंका जता रहे हैं। कम लागत वाली एयरलाइन विज्ज एयर सबसे ज्यादा शॉर्ट किए जाने वाले शेयरों में शामिल हो गई है।

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख विली वॉल्श ने इसे “बड़ा संकट” बताया है, हालांकि उन्होंने इसे कोविड से थोड़ा कम गंभीर माना। उन्होंने 9/11 के बाद ट्रांस-अटलांटिक यात्रा में आई गिरावट से इसकी तुलना की।

कुल मिलाकर, एविएशन इंडस्ट्री एक बार फिर अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कमजोर कंपनियों पर वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है। फिलहाल, महंगा ईंधन, कम होती मांग और ऑपरेशन में बाधाएं इस सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

  Sports

21 छक्के, 195 रन…. जिसे RCB ने निकाला, IPL की 10 टीमों ने ठुकराया, उसने T20 में मचाई तबाही, ऐसा पहले नहीं हुआ

IPL 2026 में भले ही खेलते ना दिखें स्वास्तिक चिकारा, लेकिन उन्होंने उससे पहले खेले एक T20 मुकाबले में जोरदार धमाका किया है. IPL 2026 के ऑक्शन में अनसोल्ड रहने वाले पुजारा ने सिर्फ 69 गेंदों पर 195 रन ठोके हैं. Sun, 22 Mar 2026 14:44:56 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala| Sushant Sinha | Iran-Israel के बीच PM Modi की diplomacy #pmmodi #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T10:10:00+00:00

PM Modi World Record : PM Modi ने तोड़ा पवन चामलिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड... Amit Shah ने की सराहना #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T10:10:00+00:00

News Ki Pathshala Live: Trump ईरान में सेना लेकर उतरने वाले हैं?| PM Modi | America | Israel Vs Iran #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T10:14:29+00:00

ईरान को ट्रंप ने दी 48 घंटों की मोहलत [Trumps ulitmatum of 48 Hours to Iran] #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-22T10:10:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers