'शर्म आनी चाहिए', अनुपम खेर का 'धुरंधर 2' को प्रोपेगेंडा कहने वालो पर फूटा गुस्सा, कही ये बात
Anupam Kher on Dhurandhar 2: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की नई फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की है. जी हां, फिल्म ने महज तीन दिनों में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे यह साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई है. इस फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है, जिनकी कामयाबी की हर तरफ सराहना हो रही है. हर कोई फिल्म की तारीफ कर रहा है. सेलेब्स भी फिल्म की और आदित्य धर की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं. ऐसे में अब अनुपम खेर ने भी इसे लेकर रिएक्ट किया है. चलिए आपको बताते हैं उन्होंने इस बारे में क्या कहा?
बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन
‘धुरंधर 2’ की शानदार कमाई ने न सिर्फ दर्शकों बल्कि फिल्म इंडस्ट्री को भी चौंका दिया है. रिलीज के पहले ही वीकेंड में 300 करोड़ क्लब में एंट्री करना इस बात का संकेत है कि फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. फिल्म की कहानी, एक्शन और इमोशनल अपील को खास तौर पर पसंद किया जा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री के बड़े सितारों तक, हर कोई इसकी तारीफ करता नजर आ रहा है.
अनुपम खेर ने की खुलकर तारीफ
वहीं वेटरन आक्टर अनुपम खेर ने भी फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक वीडियो शेयर कर ‘धुरंधर 2’ के प्रभाव के बारे में विस्तार से बात की. अनुपम खेर ने उन लोगों पर भी नाराजगी जताई, जो इस फिल्म को “प्रोपेगेंडा” बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों को इस तरह का टैग देना गलत है और इससे फिल्म के संदेश को कम करके आंका जाता है.
उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत दुख होता है और दया आती है उन लोगों पर जो इस फिल्म को प्रोपेगेंडा बता रहे हैं. शुरू में मुझे गुस्सा आता था क्योंकि उन्होंने कश्मीर फाइल्स, धुरंधर 1 और 2 को प्रोपेगेंडा फिल्म्स कहा. लेकिन इन फिल्मों को प्रोपेगेंडा फिल्म कहने पर उन्हें शर्म आनी चाहिए. अगर आप ऐसी फिल्में बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं तो आप फिल्म बनाइए. ये एक ऐसी फिल्म है जिसमें मॉडर्न इंडिया को दिखाया गया.'
आदित्य धर को बताया ‘रॉकस्टार’
अनुपम खेर ने निर्देशक आदित्य धर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें “रॉकस्टार” बताया. उन्होंने कहा कि फिल्म का प्रभाव इतना गहरा है कि यह खत्म होने के बाद भी दर्शकों के साथ बनी रहती है. उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर 2’ में इमोशनल और सिनेमैटिक स्ट्रेंथ का बेहतरीन मेल है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना मुश्किल है.
स्टार कास्ट की भी सराहना
फिल्म में संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आ रहे हैं. अनुपम खेर ने खास तौर पर संजय दत्त की परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म में जबरदस्त अभिनय किया है, जो दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ता है.
फिल्म का भावनात्मक असर
अनुपम खेर के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो दर्शकों को गर्व और जुड़ाव का एहसास कराता है. उन्होंने लोगों से इस फिल्म को देखने, महसूस करने और इस पर चर्चा करने की अपील की. अंत में उन्होंने अपने संदेश को “जय हिंद” के साथ खत्म किया, जो फिल्म के देशभक्ति भाव को भी दर्शाता है.
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Navratri 2026: साबूदाना या फिर कुट्टू का आटा, सेहत और जेब के लिहाज से कौन सबसे अच्छा
Navratri 2026: माता रानी को समर्पित नवरात्रि की शुरुआत हो गई है. इस खास मौके पर कुछ लोग पहला और आखिरी तो कुछ लोग सभी नौ दिनों का व्रत रहते हैं. व्रत के दौरान, लोग सिर्फ फलाहारी आहार का ही सेवन करते हैं. इस दौरान, सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दो चीजें हैं. एक है- साबूदाना और दूसरा है कुट्टू का आटा. लेकिन सवाल ये है कि सेहत के लिहाज से दोनों में से कौन सबसे बेहतर है. आइये जानते हैं इसके बारे में…
कितना फायदेमंद है साबूदाना
साबूदाना (टैपिओका स्टार्च) कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है. ये शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. व्रत के दौरान, जब आम तरह का भोजन नहीं किया जाता है तो व्रतियों को साबूदाने की खिचड़ी, खीर या पकौड़ी ही एनर्जी देती है. ये सारा दिन उन्हें एक्टिव बनाए रखने में सहायता करती है.
साबूदाना में प्रोटीन, विटामिन और फाइबर की मात्रा कम होती है. साबूदाना का अधिक सेवन करने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है, जिस वजह से डायबिटिक मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए.
कितना फायदेमंद है कुट्टू का आटा
कुट्टू (बकव्हीट) ग्लूटेन-फ्री होता है. ये प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर होता है. इससे पाचन भी सुधरता है और लंबे वक्त तक पेट भरे रखने में मदद भी करता है. कुट्टू के आटे की पूरी, पराठा या पकौड़े व्रत में सेहत और स्वाद दोनों का संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं. ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में ये मदद करता है, जिस वजह से साबूदाने की तरह डायबिटिक मरीजों को इससे परहेज करने की जरूरत नहीं पड़ती है.
व्रत में किसका सेवन करें
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो आपको अगर तुरंत ऊर्जा चाहिए तो साबूदाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है लेकिन वहीं आप अगर पौष्टिक और संतुलित आहार चाहते हैं तो कुट्टू का आटा अधिक फायदेमंद होता है. अगर आप साबूदाने और कुट्टू के आटे की संतुलित मात्रा लेते हैं तो सबसे अच्छा होगा. इससे आपके शरीर को पोषण और ऊर्जा दोनों मिल पाएंगे.
साबूदाना सस्ता है या फिर कुट्टू का आटा
अब बात खरीद की. साबूदाना सस्ता है या फिर कुट्टू का आटा तो बता दें, साबूदाना कुट्टू के आटे की तुलना में बहुत सस्ता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, साबूदाना जहां 60 से 90 रुपये प्रति किलो में मिलता है तो वहीं कुट्टू का आटा 190 से 220 रुपये प्रति किलो में बिकता है. साबूदाना बिल्कुल बजट फ्रेंडली है, जो आपके जेब पर ज्यादा जोर नहीं डालता है. वहीं कुट्टू का आटा महंगा भले है लेकिन प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है.
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