Responsive Scrollable Menu

मेरे घर में दो चिक्स, लड़कियों को लेकर ड्वेन ब्रावो का शर्मनाक बयान, वीडियो वायरल

Dwayne Bravo Statement: आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच ड्वेन ब्रावो विवादों में आ गए हैं. एक प्रेस कांफ्रेंस में माइक ऑन था और उन्हें पता नहीं था. ब्रावो ने शेन वॉटसन से बातचीत में कहा कि उनके घर पर दो चिक्स (लड़कियां) थीं. विवाद बढ़ता देख केकेआर ने वीडियो डिलीट कर दिया है.

The post मेरे घर में दो चिक्स, लड़कियों को लेकर ड्वेन ब्रावो का शर्मनाक बयान, वीडियो वायरल appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

CAPF Bill 2026 | केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के लिए नया कानून! गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में पेश करेंगे विधेयक

देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में 'केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026' पेश करेंगे। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य CAPF अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया को एक एकीकृत नियामक ढांचे में लाना है।

सभी सीएपीएफ -केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) - अपने-अपने अधिनियमों द्वारा संचालित होते हैं। इन अधिनियमों के तहत बने नियम सीएपीएफ में समूह ‘ए’ सामान्य ड्यूटी अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों और कर्मियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को नियंत्रित करते हैं।

इस विधेयक की आवश्यकता क्यों पड़ी?

वर्तमान में, CRPF, BSF, ITBP और SSB जैसे बल अपने-अपने अलग अधिनियमों (Acts) और नियमों से संचालित होते हैं। विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि इस बिखरे हुए ढांचे के कारण कई चुनौतियां पैदा हो रही थीं:

परिचालन संबंधी भिन्नता: प्रत्येक बल की अपनी विशिष्ट संगठनात्मक संरचना और कार्यगत आवश्यकताएं हैं, जिन्हें अलग-अलग नियमों के कारण प्रबंधित करना कठिन हो रहा था।

मुकदमेबाजी: एक साझा कानून के अभाव में सेवा संबंधी मामलों और पदोन्नति को लेकर अक्सर कानूनी विवाद (litigation) होते रहते हैं।

प्रशासनिक कठिनाइयाँ: नियमों की भिन्नता के कारण बलों के बीच समन्वय और प्रशासनिक दक्षता में बाधाएं आती हैं। 

उन्होंने कहा कि सीएपीएफ को नियंत्रित करने के लिए कोई एक कानून नहीं होने के कारण नियामक ढांचा बिखरे हुए तरीके से विकसित हुआ जिसके परिणामस्वरूप सेवा संबंधी मामलों पर मुकदमेबाजी होती है और कुछ कार्यात्मक एवं प्रशासनिक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं।

इसे भी पढ़ें: IPL में KKR की कप्तानी पर Ajinkya Rahane का मंत्र, 'शांति और सकारात्मकता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत'

 

सदन की ओर से जारी कार्यसूची के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में समूह ‘ए’ सामान्य ड्यूटी अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले सामान्य नियमों, इन बलों से संबंधित अन्य नियमों तथा उनसे जुड़े या उनके आनुषंगिक मामलों को विनियमित करना है। सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित कानून इन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नियुक्त समूह ‘ए’ सामान्य ड्यूटी अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों की सेवा शर्तों को विनियमित करेगा।

उन्होंने कहा कि इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में महानिरीक्षक और उससे ऊपर के पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की नियुक्ति के लिए महानिरीक्षक रैंक में 50 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएं और अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के कम से कम 67 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएं।

इसे भी पढ़ें: ईरान पर हमले को 21 दिन, Modi सरकार चुप क्यों? जयराम रमेश ने दागे कई तीखे सवाल

सूत्रों ने कहा कि विधेयक के अनुसार विशेष महानिदेशक और महानिदेशक के पद केवल प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। यह प्रस्तावित कानून ऐसे समय आया है, जब उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष अक्टूबर में केंद्र की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उसने 2025 के एक फैसले पर पुनर्विचार किए जाने का अनुरोध किया था।

इस फैसले के तहत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में प्रतिनियुक्ति कम करने और छह महीने में कैडर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखना है।

Continue reading on the app

  Sports

Rajasthan Royals Sale: बिक गई आईपीएल की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स, जानिए 1.53 लाख करोड़ में किसने खरीदा?

राजस्थान रॉयल्स को पिछले कई सालों से भारतीय मूल के ब्रिटिश उद्योगपति मनोज बदाले और अन्य कारोबारी मिलकर चला रहे थे. Tue, 24 Mar 2026 15:38:15 +0530

  Videos
See all

Breaking News : “Encounter का जवाब Encounter” AIMIM नेता Shaukat Ali का विवादित बयान! #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T10:41:34+00:00

केरलम CEO दफ्तर की गलती, EC नोटिफिकेशन में केरलम BJP की मुहर पर आयोग का आधिकारिक बयान #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T10:38:56+00:00

Iran America War Live Updates: जंग के मैदान से ताजा हालात लाइव | Israel | Trump | War News | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T10:30:33+00:00

Converted Christians Cannot Claim SC Rights : धर्म बदला तो होगा आरक्षण खत्म ! | Dali | Reservationt #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T10:32:54+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers