कौन थे फरसा वाले बाबा? जानें क्यों तस्करों के आंखों की बने हुए थे किरकिरी
ब्रज क्षेत्र में गौरक्षा के प्रमुख चेहरे और ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर संत चंद्रशेखर महाराज को गोतस्करों ने शुक्रवार को बेरहमी से मार डाला. बताया जा रहा है कि बाबा बाइक से गोतस्करों के एक ट्रक का पीछा कर रहे थे. तभी तस्करों ने उन्हें कुचल दिया. इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. चंद्रशेखर ब्रज क्षेत्र में गौरक्षा आंदोलन का नाम थे. वे बीते कई वर्षों से अवैध गोतस्करी के खिलाफ अभियान चला रहे थे. उन्होंने कई गोतस्करी के मामलों का भड़ाफोड़ किया था. इसके कारण वे तस्करों की आंखों की किररिकरी बने हुए थे.
मथुरा में आक्रोश देखने को मिल रहा
उनकी मौत से न केवल गौरक्षकों में बल्कि आम जनता में काफी गुस्सा है. फिलहाल मौके काफी भीड़ जमा हो चुकी है. तनाव को देखते हुए हालात चिंताजनक बने हुए हैं. घटना के बाद पूरे मथुरा में आक्रोश देखने को मिल रहा है. हजारों समर्थकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया है. इस दौरान गुस्साए लोगों ने जमकर पथराव किया है. कई वाहनों के शीशों को तोड़ डाला गया. ऐसे में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
तस्करी रोकने के बीच क्रूर हत्या
नवीपुर गांव के करीब यह घटना किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बताई जा रही है. चश्मदीदों के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि तस्कर गायों भरे ट्रक को लेकर जा रहे हैं. इस पर निडर होकर बाबा ने अकेले ही अपनी बाइक से पीछा करना शुरू कर दिया.
पकड़े जाने के डर से गौहत्यारों ने जानबूझकर बाबा की बाइक में टक्कर मार दी. इसके बाद उन्हें रौंदते हुए निकल गए. स्थानीय लोगों ने इस दौरान भाग रहे एक मुस्लिम युवक को दबोचा. वहीं उसके तीन अन्य साथी फरार होने में सफल रहे.
हाइवे पर संग्राम और समर्थकों का हंगामा
बाबा की हत्या से नाराज समर्थकों ने छाता क्षेत्र में दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम जैसे हालात बना दिए हैं. सैकड़ों की तादाद में जमा लोगों ने हाईवे को जाम लगा दिया है. इससे वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं है बल्कि एक सुनियोजित हत्या है. इस दौरान भीड़ ने जमकर नारेबाजी की. जनता की मांग है कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफतार किया जाए.
मुस्लिम आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित तरह से हत्या है. भीड़ ने जमकर नारेबाजी की और फरार मुस्लिम आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है. इस दौरान हालात काफी बिगड़ गए.लोगों ने पथराव शुरू कर दिया. इससे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है.
Acharya Balkrishna Health Tips: नवरात्र व्रत में क्यों खाते हैं कट्टू का आटा? आचार्य बालकृष्ण से जानें इसके स्वास्थ लाभ
Acharya Balkrishna Health Tips: नवरात्रि 2026 की शुरुआत हो चुकी है और व्रत रखने वाले लोग अपने खानपान में खास बदलाव करते हैं. इस दौरान कुट्टू के आटे से बने पराठे, पूरी, पकौड़े और हलवा काफी लोकप्रिय होते हैं. ग्लूटेन-फ्री होने के कारण इसे हल्का और व्रत के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन इसके फायदे और नुकसान दोनों को समझना जरूरी है. हाल ही में आचार्य बालकृष्ण ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कट्टू के आटे के फायदे के बारे में विस्तार से बताया है.
आचार्य बालकृष्ण ने क्या कहा?
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, कुट्टू (Buckwheat) पोषक तत्वों से भरपूर एक ग्लूटेन-मुक्त सुपरफूड है, जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन में सुधार और मधुमेह को नियंत्रित करने में अत्यंत फायदेमंद है. यह फाइबर, प्रोटीन और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो ऊर्जा प्रदान करता है और व्रत के दौरान शरीर को स्वस्थ रखता है.
कट्टू क्या है?
कट्टू एक पौष्टिक अनाज है, जिसे आमतौर पर व्रत के दौरान ज्यादा खाया जाता है. इसे कई जगहों पर कुट्टू या बकव्हीट भी कहा जाता है. यह अनाज शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद करता है. इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं.
कट्टू आटे के स्वास्थ्य लाभ
पोषक तत्वों से भरपूर
आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि कट्टू में आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. ये सभी तत्व शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आयरन खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है. वहीं मैग्नीशियम शरीर की मांसपेशियों और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखता है.
वजन घटाने में सहायक
कट्टू में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है. यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, इससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप कम कैलोरी लेते हैं. यही कारण है कि यह वजन कम करने में मददगार माना जाता है. अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं, तो कट्टू को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
हड्डियों के लिए फायदेमंद
कट्टू में मैगनीज अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और कमजोरी दूर होती है. बढ़ती उम्र में हड्डियों की समस्याओं से बचने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है.
डायबिटीज में लाभकारी
कट्टू का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम होती है और फैट लगभग नहीं होता. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर तेजी से नहीं बढ़ती.
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
कट्टू में फाइबर अधिक होने के कारण यह पाचन को बेहतर बनाता है. यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और आंतों को स्वस्थ रखता है.
आचार्य बालकृष्ण से जानें सेवन का तरीका
कट्टू का आटा बनाकर इसकी रोटी, पूरी या पकौड़े बनाए जा सकते हैं. व्रत के दौरान इसका सेवन ज्यादा किया जाता है, लेकिन इसे सामान्य दिनों में भी खाया जा सकता है. इसे दही या सब्जी के साथ खाना स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है.
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