Acharya Balkrishna Health Tips: नवरात्र व्रत में क्यों खाते हैं कट्टू का आटा? आचार्य बालकृष्ण से जानें इसके स्वास्थ लाभ
Acharya Balkrishna Health Tips: नवरात्रि 2026 की शुरुआत हो चुकी है और व्रत रखने वाले लोग अपने खानपान में खास बदलाव करते हैं. इस दौरान कुट्टू के आटे से बने पराठे, पूरी, पकौड़े और हलवा काफी लोकप्रिय होते हैं. ग्लूटेन-फ्री होने के कारण इसे हल्का और व्रत के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन इसके फायदे और नुकसान दोनों को समझना जरूरी है. हाल ही में आचार्य बालकृष्ण ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कट्टू के आटे के फायदे के बारे में विस्तार से बताया है.
आचार्य बालकृष्ण ने क्या कहा?
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, कुट्टू (Buckwheat) पोषक तत्वों से भरपूर एक ग्लूटेन-मुक्त सुपरफूड है, जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन में सुधार और मधुमेह को नियंत्रित करने में अत्यंत फायदेमंद है. यह फाइबर, प्रोटीन और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो ऊर्जा प्रदान करता है और व्रत के दौरान शरीर को स्वस्थ रखता है.
कट्टू क्या है?
कट्टू एक पौष्टिक अनाज है, जिसे आमतौर पर व्रत के दौरान ज्यादा खाया जाता है. इसे कई जगहों पर कुट्टू या बकव्हीट भी कहा जाता है. यह अनाज शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद करता है. इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं.
कट्टू आटे के स्वास्थ्य लाभ
पोषक तत्वों से भरपूर
आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि कट्टू में आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. ये सभी तत्व शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आयरन खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है. वहीं मैग्नीशियम शरीर की मांसपेशियों और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखता है.
वजन घटाने में सहायक
कट्टू में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है. यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, इससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप कम कैलोरी लेते हैं. यही कारण है कि यह वजन कम करने में मददगार माना जाता है. अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं, तो कट्टू को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
हड्डियों के लिए फायदेमंद
कट्टू में मैगनीज अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और कमजोरी दूर होती है. बढ़ती उम्र में हड्डियों की समस्याओं से बचने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है.
डायबिटीज में लाभकारी
कट्टू का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम होती है और फैट लगभग नहीं होता. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर तेजी से नहीं बढ़ती.
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
कट्टू में फाइबर अधिक होने के कारण यह पाचन को बेहतर बनाता है. यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और आंतों को स्वस्थ रखता है.
आचार्य बालकृष्ण से जानें सेवन का तरीका
कट्टू का आटा बनाकर इसकी रोटी, पूरी या पकौड़े बनाए जा सकते हैं. व्रत के दौरान इसका सेवन ज्यादा किया जाता है, लेकिन इसे सामान्य दिनों में भी खाया जा सकता है. इसे दही या सब्जी के साथ खाना स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है.
ईरान पर हमले को भारतीय क्षेत्र की अनुमति मांगने वाली खबरों को सरकार ने किया खारिज
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने उस दावे को सख्ती से खारिज किया है जो सोशल मीडिया पर फैल रहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत से लेमोआ समझौते के तहत ईरान पर बमबारी के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी। सरकार ने इसे “बेबुनियाद दावा” करार दिया है और कहा है कि ऐसी कोई बात नहीं है।
भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से उन दावों को खारिज किया है जो सोशल मीडिया पर फैल रहे थे कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए भारत से अपनी पश्चिमी सीमा के हिस्से का उपयोग करने हेतु अनुमति मांगी थी, विशेष रूप से लेमोआ समझौते के संदर्भ में। सरकार ने इसे “बेबुनियाद दावा” बताते हुए गलत जानकारी करार दिया है और जनता से ऐसे असत्य पोस्ट और अफवाहों से सतर्क रहने को कहा है।
विदेश मंत्रालय ने “कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और निराधार दावों व पोस्टों से सावधान रहें” जैसा चेतावनी भरा संदेश सोशल साइट एक्स पर साझा करते हुए कहा कि ऐसे दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और लोगों से अनपुष्ट जानकारी साझा न करने का आग्रह किया गया है।
लेमोआ को भारत और अमेरिका ने 2016 में हस्ताक्षरित किया था, जो दोनों देशों को लॉजिस्टिक समर्थन जैसे रिफ्यूलिंग और मरम्मत के लिए एक दूसरे की सैन्य सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है।
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि यह किसी भी पक्ष को एक दूसरे के क्षेत्र से आक्रामक सैन्य अभियानों के संचालन की अनुमति नहीं देता है, जैसा कि भारतीय अधिकारियों ने पहले स्पष्ट किया है।
इन गलत दावों को ऐसे समय में प्रसारित किया गया जब कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिका ने श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबाने वाला हमला किया, जिससे अफवाहें फैलने लगीं कि भारत की भूमिका भी हो सकती है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि भारत के पोर्ट या सुविधाओं का इस तरह के किसी भी ऑपरेशन में इस्तेमाल नहीं किया गया।
भारत सरकार ने पिछले कुछ समय में ऐसे इसी तरह के दावों को “फर्जी और गलत” बताते हुए खारिज किया है और जनता से भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है।
--आईएएनएस
पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation























