दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन की आक्रामकता वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता : रिपोर्ट
नायपीडॉ, 20 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों के जवाब में वियतनाम का प्रतिरोध उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इस टकराव के चलते दोनों देशों के संबंधों में आई गिरावट न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित कर रही है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया की नाजुक भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौतियां उत्पन्न कर रही है।
म्यांमार के मीडिया आउटलेट मिज्जिमा न्यूज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक समुदाय को सतर्क रहना चाहिए, कूटनीतिक समाधानों का समर्थन करना चाहिए, और चीन के जबरन समुद्री विस्तार का विरोध करना चाहिए, क्योंकि निष्क्रियता चीन की आक्रामक रणनीतियों को वैधता दे सकती है और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अस्थिर कर सकती है।
रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया, “दक्षिण चीन सागर में चीन का बढ़ता आक्रामक रुख हमारे समय की सबसे गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियों में से एक बन गया है। इस विवाद के केंद्र में वियतनाम है। एक ऐसा राष्ट्र जिसने सदियों तक उत्तरी प्रभुत्व का प्रतिरोध किया है, और अब बीजिंग के आक्रामक समुद्री विस्तार का सामना कर रहा है। चीन और वियतनाम के बीच संबंधों में गिरावट केवल द्विपक्षीय विवाद नहीं है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापक अस्थिरता का संकेत है, जिसके वैश्विक प्रभाव नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकते हैं।”
रिपोर्ट में यह बताया गया है कि चीन की बदनाम नाइन-डैश लाइन के जरिए अपनाई गई विस्तारवादी स्थिति (जो लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर को अपने दायरे में लेती है) पैरासेल और स्प्रैटली द्वीपों पर वियतनाम के क्षेत्रीय दावों के साथ सीधे तौर पर टकराती है।
रिपोर्ट में यह बताया गया कि बीजिंग के इस दावे को 2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने खारिज कर दिया था और कहा था कि इसका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।
इसके बावजूद बीजिंग ने अपने द्वीप-निर्माण अभियानों को तेज कर दिया है, कृत्रिम द्वीपों को सैन्यीकृत किया है, और अपनी उपस्थिति स्थापित करने के लिए तटरक्षक जहाजों को तैनात किया है। इन कार्रवाइयों ने वियतनाम की संप्रभुता को कमजोर किया है और आसियान के बाध्यकारी ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ पर बातचीत के प्रयासों को प्रभावित किया है। वियतनाम ने जवाब में स्प्रैटली में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मजबूत किया है, लेकिन शक्ति का असंतुलन अब भी स्पष्ट है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025-2026 के हालिया घटनाक्रम इस विवाद की बढ़ती अस्थिरता को दर्शाते हैं, जिसमें चीन ने तटरक्षक बल की तैनाती बढ़ाई है और विवादित जलक्षेत्रों में नौसैनिक गश्त तेज की है। वहीं, अक्सर वियतनामी मछुआरों को परेशान किया जाता है।
इसके जवाब में, वियतनाम ने भी स्प्रैटली द्वीप में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, जिसमें हवाई पट्टियां और निगरानी प्रणालियां शामिल हैं, जो आगे किसी भी अतिक्रमण का मुकाबला करने के उसके संकल्प को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इसी बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिलीपींस के साथ सैन्य सहयोग को गहरा किया है, जिसके जवाब में चीन ने भी नौसैनिक तैनाती बढ़ाई है। आसियान-चीन के बीच ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ पर बातचीत अटकी हुई है, क्योंकि मतभेद इतने गहरे हैं कि प्रगति संभव नहीं हो पा रही है। ये घटनाक्रम दिखाते हैं कि यह विवाद केवल द्विपक्षीय नहीं है, बल्कि यह अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक व्यापक संघर्ष है।
रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया को चीन की आक्रामक नीतियों के प्रति सावधान रहना चाहिए। दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की कार्रवाइयां अलग-थलग नहीं हैं। ये विस्तार और दबाव की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। यदि इन्हें रोका नहीं गया, तो यह दृष्टिकोण पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया को अस्थिर कर सकता है, चीन को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून को चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, और संप्रभुता से जुड़े वैश्विक मानकों को कमजोर कर सकता है। वियतनाम की स्थिति उन छोटे देशों के सामने आने वाले खतरों का प्रतीक है, जो एक उभरती महाशक्ति का सामना कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने नेपाली नागरिक को हिरासत में लिया
काठमांडू, 20 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग में चल रहे एक जहाज पर कार्यरत एक नेपाली नागरिक को ईरानी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सामने आई है।
नेपाली नागरिक अमृत झा को हिरासत में लिए जाने की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आम तौर पर व्यस्त रहने वाले समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है।
इसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया में लाखों नेपाली नागरिक रहते हैं, जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों में प्रवासी मजदूर हैं। इस क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने से नेपाल के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है, खासकर जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान जवाबी हमले कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के पश्चिम एशिया विभाग के संयुक्त सचिव रामकाजी खड़का ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, “अमृत झा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर काम कर रहे थे, उन्हें उस समय हिरासत में लिया गया, जब ईरानी सशस्त्र बलों ने जहाज और उसके पूरे चालक दल पर नियंत्रण कर लिया।”
उन्होंने बताया कि झा की हिरासत की पुष्टि तब हुई जब उनके परिवार ने नेपाली अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में एक नेपाली नागरिक की मौत हो चुकी है और 30 अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
नेपाल सरकार ने पहले ही पुष्टि की है कि पश्चिमी जिला गोरखा के निवासी नेपाली युवक दिवस श्रेष्ठ की यूएई के ज़ायेद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन अवरोधन अभियान के दौरान मौत हो गई थी।
मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस बीच, इस क्षेत्र में रहने और काम करने वाले कम से कम छह हजार नेपाली नागरिकों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण स्वदेश लौटने के लिए आवेदन किया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली रहते हैं।
मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल छेत्री ने बताया कि मंत्रालय की ओर से लॉन्च ऑनलाइन रेस्क्यू ट्रैकिंग सिस्टम में अपने विवरण अपडेट करने वाले 82,100 नेपाली नागरिकों में से लगभग छह हजार ने घर लौटने में सहायता मांगी है।
मंत्रालय के अंतर्गत काउंसलर सेवा विभाग ने यह ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच नेपाली नागरिकों की जानकारी एकत्र करने और उनकी सहायता आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए शुरू की है।
--आईएएनएस
एवाई/
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