डोनाल्ड ट्रंप का दावा : ईरान के पास बात करने के लिए कोई बचा नहीं, समुद्र की तलहटी में है उनकी नौसेना
वाशिंगटन, 20 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसके जहाज अब समुद्र की तलहटी में हैं।
ईस्ट रूम में कमांडर-इन-चीफ ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में बोलते हुए, ट्रंप ने अपनी बात की शुरुआत चल रहे संघर्ष को लेकर एक बड़े दावे के साथ की। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान में बहुत अच्छा कर रहे हैं। दो हफ्ते पहले उनके पास एक नौसेना थी, अब उनके पास कोई नौसेना नहीं है, सब समुद्र के तल में हैं, दो दिनों में 58 जहाज नष्ट कर दिए गए।”
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी बलों को बहुत कम प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
ट्रंप ने कहा, “हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेना है। इसका कोई मुकाबला नहीं है।”
ट्रंप ने फिर जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिकी नीति का मुख्य लक्ष्य बना हुआ है। हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, क्योंकि अगर उनके पास होंगे, तो वे उनका इस्तेमाल करेंगे, और हम ऐसा होने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा, “यह काम बहुत पहले अन्य राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था।”
राष्ट्रपति ने सैन्य अभियानों के पैमाने को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि ईरान की क्षमताओं को विभिन्न क्षेत्रों में खत्म कर दिया गया है। उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायुसेना खत्म हो गई है, उनकी एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणाली खत्म हो गई है, सब खत्म हो गया है, रडार खत्म हो गया है और उनके नेता भी खत्म हो गए हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि इस स्थिति के कारण ईरान के पास कोई कार्यशील नेतृत्व संरचना नहीं बची है। हम उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन बात करने के लिए कोई है ही नहीं।
ट्रंप ने इस अभियान में शामिल वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ शानदार काम कर रहे हैं और ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन डैन केन के बारे में कहा कि वे इतना बेहतरीन काम कर रहे हैं, जैसा किसी ने पहले कभी नहीं देखा।
उन्होंने टीम को उसके 11-2 रिकॉर्ड और आर्मी पर जीत के लिए बधाई दी, और इस सीजन को “युगों तक याद रखने वाला” कहा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह खिलाड़ियों को ओवल ऑफिस में आमंत्रित करेंगे और उन्हें पदक प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दिसंबर के दूसरे शनिवार को विशेष रूप से आर्मी-नेवी फुटबॉल खेल के लिए आरक्षित करने की बात कही गई। उन्होंने कहा, “कोई और फुटबॉल नहीं खेला जाएगा। केवल यही एक मैच खेला जाएगा।”
उन्होंने कहा, “शायद हमें इस पर मुकदमा भी झेलना पड़े, लेकिन हम ऐसे मुकदमे जीत जाते हैं।”
राष्ट्रपति ने घरेलू मुद्दों पर भी संक्षेप में बात की, जिसमें मीडिया की आलोचना और महिलाओं के खेलों में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों पर प्रतिबंध के समर्थन का जिक्र शामिल था।
ट्रंप ने टीम की सफलता को सैन्य सेवा से जोड़ते हुए कहा कि स्नातक होने वाले खिलाड़ी जल्द ही अधिकारी बनेंगे। हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान: बलूचिस्तान नेताओं की गिरफ्तारी और दमन पर मानवाधिकार संगठन ने उठाए सवाल
क्वेटा, 20 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकार संगठन बलूच यकजहती कमेटी (बीवाईसी) ने नेताओं की कथित अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और व्यापक दमन पर गंभीर चिंता जताई है।
संगठन ने बलूचिस्तान के सुराब जिले में एक सेमिनार आयोजित किया, जिसमें प्रांतभर में लोगों को झेलनी पड़ रही समस्याओं और दमनकारी परिस्थितियों को उजागर किया गया। यह कार्यक्रम बीवाईसी के एक महीने लंबे जागरूकता अभियान का हिस्सा था।
बीवाईसी के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासन असहमति की आवाजों को दबाने के लिए कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग कर रहा है। सेमिनार में संगठन की प्रमुख आयोजक महरंग बलोच समेत अन्य नेताओं की “अन्यायपूर्ण हिरासत” का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान में कई परिवार आज भी अपने लापता परिजनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनके बीच अनिश्चितता और भय का माहौल बना हुआ है।
बीवाईसी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके नेताओं को एक वर्ष से हिरासत में रखा गया है और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है। संगठन का दावा है कि प्रांत में स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियों पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध है।
इसी बीच, संगठन ने क्वेटा के किली कंबरानी और सरयाब इलाकों में जनजागरूकता अभियान चलाया, जिसमें पर्चे बांटकर लोगों को नेताओं की गिरफ्तारी के एक वर्ष पूरा होने की जानकारी दी गई। अभियान के दौरान पाकिस्तानी अदालतों के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और बलूच समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को भी उजागर किया गया।
संगठन ने बलूचिस्तान के लोगों से अपील की कि वे मौजूदा संकट के दौरान एकजुट, संगठित और दृढ़ रहें तथा अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखें।
गौरतलब है कि बलूचिस्तान में लंबे समय से जबरन गायब किए जाने और कथित मुठभेड़ों में हत्याओं जैसे मामलों को लेकर सुरक्षा बलों पर आरोप लगते रहे हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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