हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर विकास पथ पर अग्रसर है: सीएम सुखविंदर सुक्खू
शिमला, 20 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर विकास पथ पर निरंतर अग्रसर है।
विधानसभा में 2021-22 के आर्थिक सर्वेक्षण को प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि 2025-26 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्तमान कीमतों पर लगभग 2.54 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक रूप में, राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 8.3 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु संबंधी चुनौतियों के बावजूद प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर आर्थिक गतिविधि को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित शक्ति और अनुकूलन क्षमता को उजागर करता है।
अग्रिम अनुमानों के अनुसार, स्थिर कीमतों (2011-12) पर सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) या वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2025-26 के लिए 156,681 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह 144,656 करोड़ रुपए था। इससे 2025-26 के लिए 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर का संकेत मिलता है, जबकि 2024-25 के पहले संशोधित अनुमान के अनुसार यह 6.4 प्रतिशत थी।
2025-26 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, प्राथमिक क्षेत्र से सकल राज्य मूल्यवर्धन में स्थिर कीमतों पर 8.4 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
2025-26 के दौरान (अग्रिम अनुमानों के अनुसार) प्राथमिक क्षेत्र का सकल राज्य मूल्यवर्धन स्थिर कीमतों पर 18,824 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 (प्रथम संशोधित) में यह 17,362 करोड़ रुपए था।
पर्यटन, व्यापार, परिवहन और वित्तीय सेवाओं के निरंतर विस्तार से समर्थित सेवा क्षेत्र विकास का प्रमुख इंजन बना हुआ है, जबकि उद्योग और जलविद्युत राज्य के विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ बने हुए हैं।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों ने ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने और आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार को दर्शाते हुए, प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 283,626 रुपए रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करता है और राष्ट्रीय औसत से 64,051 रुपए अधिक है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2011-12 में 87,721 रुपए से बढ़कर 2025-26 में 283,626 रुपए हो गई है, जो 2011-12 की तुलना में 8.7 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर दर्शाती है।
--आईएएनएस
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KAL Ka Mausam: सावधान! अगले 24 घंटे भारी, दिल्ली-एनसीआर और यूपी-उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मौसम का तांडव
देश की राजधानी समेत उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है. अगर दिल्ली एनसीआर की बात करें तो यहां कई हिस्सों में दिनभर बूंदाबांदी देखने को मिली. वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिन तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है.
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना जताई गई है. अगले एक सप्ताह के दौरान देश के कई हिस्सों में लगातार आंधी-तूफान की गतिविधियों के कारण दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलेगी.
भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
साथ ही 20 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में, जबकि 20 और 24 मार्च को असम और मेघालय में छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 मार्च को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा मध्य प्रदेश, विदभच, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में 20 मार्च को ओले गिरने की संभावना है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 20 और 21 मार्च को ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
तापमान में दर्ज की गई गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में गरज-चमक के साथ हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी कम रहा है. आज देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज किया गया. हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है. राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह के दौरान देश में कहीं भी भीषण लू (Heat Wave) चलने की संभावना नहीं है.
मौसम प्रणालियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं. एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है. साथ ही, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके अलावा, दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. पूर्वी भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है, जिसकी रफ्तार 95 समुद्री मील है. इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी की स्थिति बनी हुई है.
मछुआरों और आम जनता के लिए सलाह
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी मौसम खराब रहने वाला है. तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 22 मार्च तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मछुआरों को विशेष सलाह दी है कि वे 20 से 22 मार्च तक उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास समुद्र में न जाएं, क्योंकि वहां मौसम काफी खराब रह सकता है. वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों में तापमान में 6 से 8 डिग्री की बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी.
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