पीएम मोदी ने कतर के अमीर से फोन पर बात की, ईद की शुभकामनाएं दीं
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत कर उन्हें और कतर की जनता को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दोहराया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचागत सुविधाओं पर हुए हमलों के बीच हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, मैंने अपने भाई, कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और उन्हें और कतर की जनता को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा, मैंने इस बात को दोहराया कि हम कतर के साथ एकजुटता से खड़े हैं और इस क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। मैंने भारतीय समुदाय को दी गई देखभाल और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और मुक्त आवागमन के पक्षधर हैं।
पीएम मोदी का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। पीएम मोदी ने बातचीत में कतर के साथ भारत की मजबूत एकजुटता दोहराई और क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कतर द्वारा उनकी देखभाल की सराहना की, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं।
पीएम मोदी ने हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के कई नेताओं से इसी तरह बात की है, जिसमें यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शामिल हैं। सभी बातचीतों में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित नौवहन, क्षेत्रीय शांति बहाली और संवाद-कूटनीति पर जोर दिया गया है।
--आईएएनएस
पीएसके
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सैन्य सफलता को कम करके दिखाने से परेशान अमेरिकी रक्षा सचिव ने मीडिया की कार्यशैली पर उठाए सवाल
वॉशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गुरुवार को अमेरिकी मीडिया की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पीट हेगसेथ ने आरोप लगाया कि मीडिया ईरान के साथ संघर्ष में मिली सैन्य सफलताओं को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने मीडिया पर देश के युद्ध प्रयासों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
हेगसेथ ने पेंटागन में जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नुकसान पहुंचाने में अधिक रुचि रखता है, बजाय इसके कि वह युद्ध के घटनाक्रम को निष्पक्ष रूप से रिपोर्ट करे।
हेगसेथ ने कहा, मैं आज यहां आप लोगों से, यानी अमेरिकी जनता से बात करने के लिए खड़ा हूं। किसी फ़िल्टर के जरिए नहीं, किसी रिपोर्टर के जरिए नहीं, किसी केबल न्यूज के जरिए नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि एक बेईमान और ट्रंप-विरोधी मीडिया प्रगति को कम करके दिखाने, हर नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और हर कदम पर सवाल उठाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
हेगसेथ ने कहा कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा चाहता है कि अमेरिकी लोग यह मान लें कि यह संघर्ष किसी तरह एक अंतहीन खाई या कभी न खत्म होने वाले युद्ध या एक दलदल की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस तरह के वर्णन को सिरे से खारिज कर दिया और तर्क किया कि मौजूदा अभियान इराक और अफ़गानिस्तान में लड़े गए लंबे युद्धों से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने कहा, “सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है, मेरी बात सुनिए। यह उन युद्धों जैसा नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप बेहतर समझते हैं, एपिक फ़्यूरी अलग है। यह केंद्रित है, निर्णायक है।”
रक्षा सचिव ने कहा कि प्रशासन के सैन्य लक्ष्य अभियान की शुरुआत से नहीं बदले हैं। उन्होंने बताया कि उद्देश्य हैं: “मिसाइलों, लॉन्चरों और ईरान के रक्षा औद्योगिक ढांचे को नष्ट करना,” “उनकी नौसेना को खत्म करना,” और यह सुनिश्चित करना कि “ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हो।”
उन्होंने प्रेस रूम में मौजूद पत्रकारों पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनके संबोधन का मुख्य दर्शक वे नहीं हैं। “हाँ, मेरे सामने पत्रकार हैं, लेकिन वे आज हमारा दर्शक वर्ग नहीं हैं। यह आप हैं, अच्छे, ईमानदार, देशभक्त अमेरिकी लोग,”
हेगसेथ ने कुछ मीडिया संस्थानों पर युद्ध की वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया, जबकि पेंटागन ने महत्वपूर्ण उपलब्धियों का दावा किया है। उन्होंने कहा, “मीडिया के देशभक्त सदस्यों से मैं कहना चाहूंगा कि युद्ध में कोई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं हो सकता। लेकिन वास्तविकता को रिपोर्ट करें, हम अपने तरीके से निर्णायक रूप से जीत रहे हैं।”
उन्होंने इस आलोचना को ट्रंप-युग की नीतियों पर राजनीतिक और मीडिया प्रतिष्ठान की प्रतिक्रिया से जुड़ी व्यापक निराशा के रूप में भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप असफल हों, लेकिन आप अमेरिकी लोग बेहतर जानते हैं।”
ये टिप्पणियां मीडिया पर हेगसेथ के अब तक के सबसे तीखे सार्वजनिक हमलों में से थीं, जो संघर्ष शुरू होने के बाद दिए गए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्यतः ऑपरेशनल अपडेट्स पर केंद्रित थी, जिसमें पेंटागन के उन दावों का भी उल्लेख था कि ईरान में सात हजार से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए गए हैं और तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर किया गया है।
हेगसेथ की आलोचना केवल सैन्य प्रगति की कवरेज तक सीमित नहीं थी। उन्होंने ईरान पर फर्जी एआई-जनित तस्वीरें फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि मीडिया का कुछ हिस्सा उनके झांसे में आ गया है। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन सूचना को नियंत्रित करने और ब्लैकआउट जैसी स्थितियां पैदा कर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी लोगों को समझना चाहिए कि प्रशासन इस अभियान को सीमित, लक्ष्य-आधारित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानता है, न कि राष्ट्र-निर्माण के रूप में।
यह टकराव ट्रंप-युग की राजनीति के व्यापक पैटर्न को दर्शाता है, जहां सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मीडिया कवरेज अक्सर विश्वसनीयता, देशभक्ति और सार्वजनिक भरोसे की बड़ी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाती है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अक्सर तर्क देते हैं कि नकारात्मक कवरेज उनकी नीतियों के समर्थन को कमजोर करती है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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