दिल्ली की मुख्यमंत्री ने बजट से पहले कामगारों और किसानों से बातचीत की
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। 2026-27 के बजट को समाज के सभी वर्गों की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में कामगारों, किसानों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और श्रमिक समूहों के साथ कई विचार-विमर्श बैठकें कीं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समूह के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और अपनी चिंताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी एक विकसित दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से सीधे बातचीत की, उनकी बातों को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि आगामी बजट में उनके सुझावों को उचित प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट पेश करना है जो हर वर्ग की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा और दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार चौहान भी उपस्थित थे।
चर्चा के दौरान, गिग वर्कर्स और ड्राइवरों ने कार्य परिस्थितियों में सुधार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रमुख मांगों में से एक थी चालकों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित पार्किंग सुविधाओं का निर्माण। बयान में कहा गया है कि उन्होंने सरकार से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी देने का भी आग्रह किया।
सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर, प्रतिभागियों ने गिग वर्कर्स को भविष्य निधि प्रणाली से जोड़ने और स्वास्थ्य योजनाओं को एकीकृत करने की मांग की।
कई प्रतिनिधियों ने गिग वर्कर्स को पार्टनर के बजाय कर्मचारी के रूप में मान्यता देने पर बल दिया। बयान में कहा गया है कि उन्होंने अपनी चिंताओं को दूर करने और अपने हितों की रक्षा के लिए एक समर्पित कार्यबल गठित करने का भी प्रस्ताव रखा।
अन्य मांगों में चालकों और श्रमिकों के लिए विश्राम सुविधाओं का निर्माण, सार्वजनिक शौचालयों की संख्या में वृद्धि और यातायात नियमों में व्यावहारिक सुधार लाना शामिल था।
प्रतिभागियों ने केंद्र और राज्य के श्रम कानूनों के बीच विसंगतियों को उजागर करते हुए सामंजस्य स्थापित करने का आग्रह किया ताकि श्रमिकों को प्रभावी ढंग से लाभ मिल सके। बयान में कहा गया है कि किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई तरह की मांगें रखीं।
इनमें सिंचाई सुविधाओं में सुधार, ग्रामीण सड़कों का विकास और मंडी प्रणाली में सुधार शामिल थे। बयान में यह भी कहा गया है कि उन्होंने जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी ग्रामीण सुविधाओं को उन्नत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जयशंकर ने यूएई मंत्री रीम अल हाशिमी से की मुलाकात, पश्चिम एशिया संघर्ष और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर की चर्चा
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी के साथ बैठक की। इस दौरान पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद भी किया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, गुरुवार दोपहर यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद किया। पश्चिम एशिया में संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की।
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें उसने पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाया।
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा दोहराई, जिनमें लोगों की जान गई और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।
पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर भी सहमति जताई।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, यूएई के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। यूएई पर हुए उन सभी हमलों की कड़ी निंदा दोहराई, जिनमें निर्दोष लोगों की जान गई और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने आगे कहा, हमने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर सहमति जताई। हम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
इससे पहले दोनों नेताओं ने एक मार्च को भी बातचीत की थी, जिसमें पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की थी और कठिन समय में भारत की एकजुटता व्यक्त की थी।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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