सब कुछ सही फिर भी नहीं आए 2000 रुपये? यहां जानें PM Kisan की किस्त अटकने का असली कारण और तुरंत समाधान
PM Kisan Yojana 22nd Instalment: देश के किसानों की आर्थिक मदद के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) आज करोड़ों किसानों के लिए सहारा बनी हुई है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है.
सबकुछ करने के बाद भी नहीं मिली किस्त
हाल ही में 13 मार्च को योजना की 22वीं किस्त जारी की गई, जिसके तहत करोड़ों किसानों को 2000 रुपये की राशि मिल चुकी है. हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी हैं जिनके खाते में अब तक यह किस्त नहीं पहुंची है. खास बात यह है कि इनमें कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने समय पर अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है और अपनी फार्मर आईडी भी अपडेट कर दी है. ऐसे में उनके मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सब कुछ सही होने के बावजूद पैसा क्यों नहीं आया.
किस्त रुकने के पीछे क्या हैं कारण?
दरअसल, किस्त रुकने के पीछे कई छोटी लेकिन अहम वजहें हो सकती हैं. सबसे आम कारण बैंक डिटेल्स में गलती होना है. अगर किसान ने गलत खाता नंबर या IFSC कोड दर्ज किया है, तो पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता. इसके अलावा, अगर बैंक खाते का ई-केवाईसी पूरा नहीं है, तब भी भुगतान अटक सकता है.
इसलिए भी अटक सकती है राशि
एक और महत्वपूर्ण कारण भू-सत्यापन (Land Verification) में दी गई गलत जानकारी हो सकती है. सरकार द्वारा पात्रता सुनिश्चित करने के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाती है. यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो किस्त रोक दी जाती है.
इनकम टैक्स के दायरे में आने से भी रुकती है किस्त
इसके अलावा, यदि किसी किसान की नौकरी लग गई है या वह आयकर (Income Tax) के दायरे में आ गया है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं रहता. सरकारी नौकरी करने वाले या अधिक पेंशन पाने वाले लोगों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलता. ऐसे मामलों में भी किस्त रुक सकती है.
ऐसे करें शिकायत दर्ज
अगर आपने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और फिर भी पैसा नहीं मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार ने इसके लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है. किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकते हैं. इसके अलावा pmkisan-ict@gov.in](mailto:pmkisan-ict@gov.in) पर ईमेल भेजकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
इन बातों का रखना होगा ध्यान
ईमेल करते समय अपना नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर और समस्या का पूरा विवरण साफ-साफ लिखना जरूरी है. इससे अधिकारियों को आपकी समस्या समझने और समाधान करने में आसानी होती है. कई बार तकनीकी कारणों या वेरिफिकेशन प्रक्रिया में देरी के चलते भी किस्त आने में समय लग सकता है.
घर बैठे मिलेगा किस्त का स्टेटस
किसान चाहें तो घर बैठे अपनी किस्त का स्टेटस भी आसानी से चेक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां लॉगिन करने के बाद 'Farmer Corner' में जाकर 'Beneficiary Status' विकल्प पर क्लिक करना होता है. इसके बाद राज्य, जिला और गांव की जानकारी भरने पर पूरी स्थिति सामने आ जाती है.
इस स्टेटस में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि किस्त जारी हुई है या नहीं, और अगर रुकी हुई है तो उसका कारण क्या है. इससे किसानों को अपनी समस्या समझने और सही कदम उठाने में मदद मिलती है.
यह भी पढ़ें: PM Kisan Nidhi 23rd Installment: पीएम किसान निधि को लेकर आया अपडेट, जानें कब आएगी 23वीं किस्त?
आईडीएफ का दावा: गाजा में हमास नौसैनिक कमांडर यूनुस अलियान ढेर, बड़े हमले की साजिश नाकाम
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने हमले में हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड के नौसैनिक दस्ते के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान के खात्मे का दावा किया है।
आईडीएफ का दावा है कि अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने के लिए काम कर रहा था। वो जल्द ही किसी बड़े हमले की साजिश बना रहा था। आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
आईडीएफ ने कहा कि वो हमारे सैनिकों के लिए एक खतरा बन गया था, इसलिए निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि उसने गाजा पट्टी में सक्रिय आईडीएफ सैनिकों और इजरायल राज्य के विरुद्ध आतंकवादी हमले करने की साजिश रची थी।
आईडीएफ ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड का कमांडर नौसेना विंग के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान का खात्मा हो गया है। हाल के हफ्तों में अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने के लिए काम कर रहा था और जल्द ही हमले करने की साजिश रच रहा था। उसे इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि वह आईडीएफ सैनिकों के लिए एक असली खतरा बन गया था।
इसके अलावा आईडीएफ ने एयर स्ट्राइक में ईरान के एक और शीर्ष नेता की मौत का भी दावा किया है। आईडीएफ के अनुसार, मंगलवार की रात को हुए हमले में खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब मारे गए। इजरायली रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ने काट्ज का बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। हालांकि, ईरान ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, इस्माइल खतीब ने पूरे ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्याएं शामिल थीं। इसके अलावा उन्होंने दुनिया भर में इजरायलियों और अमेरिकियों के खिलाफ हमले की गतिविधियों का नेतृत्व किया। इसी तरह उन्होंने महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों (2022–2023) के दौरान भी ईरानी नागरिकों के खिलाफ काम किया था।
ईरानी खुफिया मंत्रालय के पास उन्नत खुफिया क्षमताएं मौजूद हैं, जिसके माध्यम से वह दुनिया भर में निगरानी, जासूसी और गुप्त अभियानों के निष्पादन की देखरेख करता है, विशेष रूप से इजरायली और ईरानी नागरिकों के खिलाफ।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















