Responsive Scrollable Menu

रूस ने ईरानी नेताओं की मौत पर जताया खेद, क्रेमलिन बोला- ये अस्वीकार्य

मास्को, 18 मार्च (आईएएनएस)। रूस ने यूएस-इजरायल के ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले की निंदा की है। क्रेमलिन का मानना है कि ये मौत नहीं शीर्ष नेताओं की हत्या है जो निंदनीय है। यह बयान ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी की एयरस्ट्राइक में मौत के बाद आया।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों के पूछे गए सवाल पर कहा, हम संप्रभु और स्वतंत्र ईरान के साथ-साथ अन्य देशों के नेतृत्व से जुड़े सदस्यों की सेहत को नुकसान पहुंचाने, या उनकी हत्या करने अथवा उन्हें खत्म करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। हम ऐसी कार्रवाइयों की भर्त्सना करते हैं।

पेस्कोव ने कहा कि किसी संप्रभु देश के नेताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने ऐसे हमलों को “अस्वीकार्य” बताया और तत्काल संघर्ष रोकने व बातचीत शुरू करने की अपील की।

मंगलवार को, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी की मौत तेहरान में एक एयरस्ट्राइक में हुई। इस हमले में उनके बेटे और सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। लारीजानी ईरान के प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। वे पहले संसद अध्यक्ष और परमाणु वार्ताओं में प्रमुख भूमिका निभा चुके थे। हाल के संघर्ष में वे देश की सुरक्षा और सैन्य रणनीति के केंद्र में थे।

मंगलवार को ही आईडीएफ, रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज, और फिर पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मौत का दावा किया था जिसकी बाद में ईरान ने पुष्टि की। लारीजानी के अलावा बसिज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी भी हमले का शिकार हुए थे। बुधवार को तेहरान में लारीजानी और बसिज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग जुटे।

उनकी मौत को ईरान के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 28 फरवरी 2026 को खामेनेई की हत्या के बाद से ही ईरान के शीर्ष नेतृत्व निशाने पर है। रूस ने पहले ही इसे एक निर्मम हत्या बताया था और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा था।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

भारत ने सेशेल्स रक्षा बलों को दान किए जहाज के स्पेयर पार्ट्स

पोर्ट विक्टोरिया, 18 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने बुधवार को सेशेल्स रक्षा बलों को जहाज के पुर्जे दान किए। इसके साथ ही भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में समावेशी, सहयोगात्मक और टिकाऊ सुरक्षा तथा विकास के लिए नई दिल्ली के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र प्रगति) विजन को रेखांकित क‍िया।

सेशेल्स में भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ये स्पेयर पार्ट्स आईएनएस त्रिकंद के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी की ओर से सौंपे गए। आईएनएस त्रिकंद अभी दो साल में होने वाले अभ्यास ‘लैमिटी’ के 11वें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए पोर्ट विक्टोरिया के दौरे पर है। इस अभ्यास का समुद्री चरण बुधवार को शुरू हुआ।

सेशेल्स में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीड‍िया अकाउंट एक्‍स पर पोस्ट करते हुए बताया, “उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट से भी मुलाकात की और चल रहे 11वें संस्करण में आईएनएस त्रिकंद की भागीदारी पर चर्चा की।”

भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल सेशेल्स में ‘लैमिटी-2026’ संयुक्त सैन्य अभ्यास के 11वें संस्करण में भाग ले रहा है, जो सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के साथ आयोजित हो रहा है। यह संयुक्त अभ्यास 9 से 20 मार्च तक सेशेल्स डिफेंस अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। ‘लैमिटी’ का अर्थ मित्रता है। यह दो साल में होने वाला एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो 2001 से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस संस्करण में भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं की भागीदारी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस दल में असम रेजिमेंट के सैनिकों के साथ भारतीय नौसेना और वायुसेना की भागीदारी है, जिसमें आईएनएस त्रिकंद और एक सी-130 विमान भी शामिल हैं।

मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा, “यह अभ्यास अर्ध-शहरी वातावरण में उप-पारंपरिक अभियानों के क्षेत्रों में समन्वय बढ़ाने तथा शांति स्थापना अभियानों के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहयोग और पारस्परिक संचालन क्षमता को मजबूत करने का प्रयास करता है। यह अभ्यास द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को भी सुदृढ़ करेगा और दोनों सेनाओं के बीच कौशल, अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।”

अभ्यास के दौरान, दोनों पक्ष मिलकर अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के लिए विभिन्न सामरिक अभ्यासों की योजना बना रहे हैं और उन्हें लागू कर रहे हैं, साथ ही नई पीढ़ी के उपकरणों और तकनीकों का उपयोग और प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

'और इंतजार नहीं कर सकता था' - T20 World Cup जीत के बाद Shivam Dube क्यों Train से घर पहुंचे?

ऑलराउंडर शिवम दुबे ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद घर लौटने का एक अनोखा रास्ता चुना। जहां बाकी टीम हवाई जहाज से निर्धारित वापसी की तैयारी कर रही थी, वहीं दुबे ने सुविधा के बजाय तात्कालिकता से प्रेरित होकर व्यक्तिगत निर्णय लिया। 31 वर्षीय दुबे फाइनल के कुछ ही घंटों के भीतर अहमदाबाद से रवाना हो गए, क्योंकि उन्होंने टीम की यात्रा व्यवस्थाओं के बजाय परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दी। अहमदाबाद-मुंबई मार्ग पर उड़ानें उपलब्ध न होने के कारण, उन्होंने घर पहुंचने के सबसे तेज़ साधन के रूप में रेलगाड़ी का सहारा लिया। अपनी पत्नी और एक दोस्त के साथ, दुबे ने सुबह की यात्रा के लिए तीन स्तरीय एसी कोच में सीटें सुरक्षित कीं।
 

इसे भी पढ़ें: Parliament में दो रंग: Lok Sabha में MSP पर तीखी तकरार, Rajya Sabha में भावुक विदाई का पल


एक कार्यक्रम में दुबे ने कहा कि मैं घर पर अपने बच्चे और पिता से मिलने के लिए बेचैन था... इसीलिए मैं सुबह जल्दी निकल गया। मैं और इंतजार नहीं कर सकता था। इस फैसले के साथ कई चुनौतियां भी थीं। वैश्विक स्तर पर मिली शानदार जीत के बाद, दुबे को इस बात का अंदाजा था कि यात्रा के दौरान प्रशंसक उन्हें पहचान सकते हैं। इन चिंताओं के बावजूद, उन्होंने विकल्पों पर विचार किया और परिस्थितियों के अनुसार सबसे व्यावहारिक समाधान चुना। उन्होंने आगे कहा कि कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने अहमदाबाद से मुंबई के लिए सुबह-सुबह ट्रेन लेने का फैसला किया। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे, लेकिन ट्रेन तेज़ थी।

इसके तुरंत बाद उनके करीबी लोगों ने चिंता व्यक्त करना शुरू कर दिया। परिवार और दोस्तों ने सवाल उठाया कि इतनी चर्चित जीत के तुरंत बाद सार्वजनिक ट्रेन में यात्रा करने से कहीं अवांछित ध्यान आकर्षित न हो। दुबे ने इन चिंताओं को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक योजना बनाई। जिनसे भी हमने बात की - परिवार और दोस्तों - सभी चिंतित थे। वे बार-बार पूछ रहे थे, 'अगर स्टेशन पर या ट्रेन में कोई आपको पहचान ले तो क्या होगा?'
 

इसे भी पढ़ें: मजबूत सेना, स्वदेशी हथियार और नई युद्ध तकनीक, यही है मोदी सरकार की जबरदस्त सामरिक रणनीति


पहचान से बचने के लिए उन्होंने कुछ सरल सावधानियां बरतीं। टोपी, मास्क और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनकर उन्होंने भीड़ में घुलमिल जाने का प्रयास किया। समय का भी विशेष महत्व था, क्योंकि उन्होंने सुबह 5 बजे के ठीक बाद की ट्रेन चुनी, जब स्टेशनों पर आमतौर पर भीड़ कम होती है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मैं ट्रेन के छूटने से पांच मिनट पहले तक कार में इंतजार करूंगा, फिर ट्रेन में चढ़ने के लिए दौड़ूंगा।
Wed, 18 Mar 2026 19:35:00 +0530

  Videos
See all

Iran Israel War: पूर्व राजनयिक दीपक वोहरा ने NATO और ट्रंप के रिश्ते पर कही बड़ी बात! | Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T14:10:04+00:00

Middle East Conflict: नेतन्याहू पर हमला…अफवाह या बड़ी साजिश ? | World War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T14:13:24+00:00

Rahul Gandhi और Kangana Ranaut पर SP और Shubhrastha में तीखी बहस |PM Modi |Aar Paar |Amish Devgan #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T14:10:06+00:00

कार पर गिरी मिसाइल, 2 की मौत #shorts #viralvideo #viralnews #iranisraelwar #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T14:11:42+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers