Responsive Scrollable Menu

ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता, उसे ये बात अच्छी तरह समझ आ गई है : ट्रंप

वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई इसलिए की, ताकि वह परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सेंट पैट्रिक डे के मौके पर कहा, “ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता, और अब उसे यह बात अच्छी तरह समझ आ गई है।”

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने यह कदम तब उठाया, जब उसे लगा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया है। ट्रंप ने कहा, “हमें लगा कि बहुत बुरे इरादे रखने वाले लोगों को रोकना जरूरी है। हम उन्हें परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दे सकते।”

ट्रंप ने इस कार्रवाई को हाल ही में उठाया गया एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा, “पिछले दो हफ्तों में हमने एक अहम कदम उठाया है और अब हम तय समय से आगे चल रहे हैं।”

उन्होंने दावा किया कि इस हमले से ईरान के नौसेना, वायुसेना, वायु रक्षा प्रणाली, रडार और नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप ने कहा, “हमने उनकी नौसेना, वायुसेना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार और उनके नेताओं को खत्म कर दिया।”

ट्रंप ने रणनीतिक बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अगर हमने बी-2 बमवर्षक नहीं भेजे होते, तो वे सफल हो जाते। हम ऐसा नहीं होने दे सकते थे।”

ट्रंप ने इस ऑपरेशन को प्रभावी बताया, लेकिन इसे जश्न मनाने लायक नहीं, बल्कि जरूरी बताया। उन्होंने कहा, सैन्य नजरिए से यह शानदार रहा है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि यह कुछ ऐसा था जिसे करना ही था। उन्होंने कहा, हम इसे खुशी-खुशी नहीं करते।

ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, और अब लोग इसे देख रहे हैं। मैं हमारे सैनिकों को अपना सम्मान और धन्यवाद देता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति बदल गई है। ट्रंप ने कहा, “हमने उन्हें पूरी तरह झटका दे दिया है।”

ये बयान उस समय आए, जब अमेरिका और आयरलैंड के संबंधों पर एक औपचारिक कार्यक्रम चल रहा था। ट्रंप ने कहा, “मैं पूरा दिन आयरिश नेताओं के साथ रहा, जबकि मुझे ईरान के मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए था।”

इस कार्यक्रम में मौजूद आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकेल मार्टिन ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर सीधे कुछ नहीं कहा। हालांकि, उन्होंने शांति और बातचीत पर जोर दिया।

मार्टिन ने कहा, “संवाद, बातचीत और तनाव कम करना ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है।” उन्होंने मध्य पूर्व और यूक्रेन में शांति की जरूरत भी बताई।

उन्होंने कहा, “दुनिया में संघर्षों के कारण बहुत लोग जान गंवा रहे हैं, इसलिए हमें बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।”

ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका के लिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना एक बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है, भले ही यह बात एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान कही गई हो।

--आईएएनएस

एएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव

वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट में तीखी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई, जब रिपब्लिकन ने सेव एक्ट को चुनावों की सुरक्षा के लिए एक उपाय के रूप में आगे बढ़ाया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मतदाता दमन का कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों पात्र अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोका जा सकता है।

सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून ने कहा कि इस प्रस्ताव का ध्यान दो बुनियादी आवश्यकताओं पर है: “इस देश में मतदान के लिए पंजीकरण कराने के लिए आपको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी” और “इस देश में वोट देने के लिए आपको पहचान पत्र दिखाना होगा।”

उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय अमेरिकी जीवन की रोज़मर्रा की प्रथाओं को दर्शाते हैं। थ्यून ने कहा, “हमें इन्हें इस देश में मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर भी लागू करने में सक्षम होना चाहिए,” यह तर्क देते हुए कि बैंकिंग से लेकर यात्रा तक कई सेवाओं के लिए पहचान जांच सामान्य बात है।

रिपब्लिकनों ने इस विधेयक को चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया। सीनेटर जॉन ब्रासो ने कहा, “मेरा मानना है कि केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों को ही अमेरिकी चुनावों में मतदान करने की अनुमति होनी चाहिए।” उन्होंने जोड़ा कि मेरा मानना है कि वोट देने के लिए फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होना चाहिए।

बारासो ने कहा कि रिपब्लिकन वोटिंग के लिए दबाव बनाएंगे ताकि डेमोक्रेट्स को स्पष्ट रुख अपनाने के लिए मजबूर किया जा सके। उन्होंने कहा, “रिपब्लिकन मतदाता पहचान पत्र का समर्थन करते हैं, और डेमोक्रेट्स खुली सीमाओं और अवैध मतदाताओं की पार्टी हैं।”

सीनेटर शेली मोरे कैपिटो ने इस उपाय को “सामान्य समझ” बताया और अपने गृह राज्य के मौजूदा मतदाता पहचान कानून का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता का प्रमाण “उस मौलिक मतदान अधिकार की रक्षा करेगा जिसे हम सभी साझा करते हैं।”

डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक को पूरी तरह खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि इससे स्थापित मतदान प्रणाली बाधित हो सकती है।

सीनेट के अल्पमत नेता चाल्स शूमर ने कहा, “सेव एक्ट कोई मतदाता पहचान पत्र विधेयक नहीं है। यह हर मायने में मतदाता दमन का विधेयक है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रस्ताव “2 करोड़ से अधिक अमेरिकियों को मतदान के अधिकार से वंचित कर सकता है” और “ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण” व “डाक द्वारा मतदान” को समाप्त कर देगा।

शूमर ने पंजीकरण के दौरान पहचान आवश्यकताओं से जुड़े प्रावधानों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “ड्राइविंग लाइसेंस अब पर्याप्त नहीं होंगे। यहां तक कि सैन्य पहचान पत्र भी पर्याप्त नहीं होंगे। यह अत्यधिक कठोर है।”

सीनेटर एमी क्लोबूचर ने कहा कि यह विधेयक मतदाताओं पर बाधाएं थोपेगा जबकि आर्थिक चिंताओं को नजरअंदाज करेगा। उन्होंने कहा, “वे लोगों को मतदाता सूची से हटाने और अपने चुनावों को जबरन आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।”

सीनेटर एलेक्स पडीला ने कहा कि यह प्रस्ताव पात्र अमेरिकियों के लिए “मतदाता के रूप में पंजीकरण करना, पंजीकृत बने रहना और मतदान करना” कठिन बना देगा। उन्होंने इसे “मतदाता दमन विधेयक” और “मतदाता सूची शुद्धिकरण विधेयक” बताया।

थ्यून ने स्वीकार किया कि यह अनिश्चित है कि रिपब्लिकन पर्याप्त वोट जुटा पाएंगे या नहीं लेकिन आगे बढ़ने का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इस मुद्दे पर बहस और चर्चा का सीनेट के पटल पर होना महत्वपूर्ण है।”

--आईएएनएस

पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

गुलाब, 2 बड़े थैले और बच्चे के लिए चॉकलेट, कुलदीप यादव को यूपी के मुख्यमंत्री ने गिफ्ट में दिया क्या-क्या

Kuldeep Yadav Wedding Reception: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने के बाद शादी के बंधन में बंधने वाले कुलदीप यादव ने बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी में शादी की. 14 मार्च को सात फेरे लेने के तीन दिन बाद उन्होंने लखनऊ में शादी का रिसेप्शन रखा था. यहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां नव विवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे. Wed, 18 Mar 2026 09:39:48 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Iran Vs US-Israel | Ali Larijani की मौत के बाद युद्ध रुकेगा या और भीषण होगा ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T04:46:27+00:00

Ali Larijani Death News Live : लारिजानी की मौत के बाद भयंकर तबाही शुरू ! | Israel Attack Iran Live #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T04:41:34+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi | RJD को बिहार राज्यसभा चुनाव में बड़ा झटका! #bihar #rajyasabha #rjd #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T04:45:01+00:00

Ali larijani,सुलेमानी की मौत के बाद Benjamin Netanyahu का बड़ा बयान आया सामने |Israel Attack On Iran #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-18T04:46:32+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers