Patanjali Baby Massage Oil: नवजात शिशुओं के लिए खास जड़ी-बूटियों से बना है पतंजलि शिशु केयर ऑयल, जानें इसके फायदे
Patanjali Baby Massage Oil: नवजात शिशुओं का शरीर और स्किन दोनों ही बेहद नाजुक होती है. इसलिए, हमें हमेशा उनकी त्वचा पर ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने चाहिए जो पूरी तरह सुरक्षित और आयुर्वेदिक हों. आजकल बाजार में महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं जिन पर दावा किया जाता है कि वह ऑर्गेनिक हैं. बेबी स्किन के परफेक्ट ब्लैंड्स के साथ बनाए गए हैं लेकिन असलियत इससे अलग होती है. स्वामी रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने अपना शिशु केयर मसाज ऑयल लॉन्च किया है. आइए जानते हैं इस तेल के फायदों के बारे में.
पतंजलि शिशु केयर तेल के फायदे
पतंजलि का दावा है कि बच्चों को इस तेल से मालिश देने पर उनकी स्किन सॉफ्ट होती है. बच्चों की स्किन मुलायम और कोमल रहती है. इस तेल से उनकी स्किन में निखार भी आता है. इतना ही नहीं सेंसिटिव स्किन वाले बच्चों के लिए भी यह तेल अच्छा विकल्प बन सकता है.
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पतंजलि ऑयल में मौजूद सामग्रियां
कंपनी ने इस तेल की बोतल 100 मिलीमीटर की बनाई है. इस तेल को बनाने के लिए कई प्रकार के नेचुरल उत्पादों का प्रयोग किया गया है. इसमें बादाम का तेल, सूरजमूखी के बीजों का तेल और जोजोबा ऑयल है. इसे नियमित रूप से लगाने से बच्चे की स्किन में सूजन और लालिमा नहीं आती है. बच्चे की स्किन ग्लोइंग बनती है और स्किन से जुड़े रोग नहीं होते हैं. शिशु केयर मसाज ऑयल में कैमोमाइल का तेल भी है, जो स्किन की रंगत सुधारता है. गेंहू के बीजों का तेल रेडिकल्स की समस्या से बचाता है. साथ ही स्किन में कोलेजन को बढ़ाने में मदद करता है. इस तेल में सरसों का तेल भी है, जो पिगमेंटेशन को कम करता है. इसके अलावा, तेल में ऑलिव ऑयल, विटामिन-ई, बीएचटी और नेचुरल फ्रेगरेंस डाली गई है.
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— Patanjali Ayurved (@PypAyurved) February 26, 2026
कैसे इस्तेमाल करें तेल?
इस तेल को लगाने के लिए आपको पतंजलि शिशु केयर ऑयल की कुछ बूंदों को अपनी हथेलियों में लेना है. इसके बाद हल्के-हल्के हाथों से बच्चों की स्किन पर मालिश करें. पतंजलि के इस तेल को आप बच्चों की स्किन के साथ-साथ बालों पर लगा सकते हैं.
पैरों के लिए बेस्ट है यह तेल
पैरों पर तेल लगाने के लिए आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. आप बच्चों के पैरों की मालिश इस तेल से करते हैं तो उनकी हड्डियां भी मजबूत होती है और लचीलापन आता है.
तेल की खासियत और शेल्फ लाइफ
इस तेल को आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव के स्वामित्व वाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने बनाया है. इस तेल की शेल्फ लाइफ 2 साल की है. अगर इस तेल के दाम की बात करें तो 100 ml की बोतल का प्राइस 62 रुपए हैं. आप इसे पतंजलि स्टोर, ऑनलाइन साइट तथा अन्य शॉपिंग साइट से खरीद सकते हैं.
क्या इस तेल के कोई दुष्प्रभाव है?
हालांकि, इस तेल के कोई नुकसान नहीं बताए गए हैं. मगर इस्तेमाल करने से पहले आप किसी पीडियाट्रिशियन से सलाह ले सकते हैं. इस तेल को आपको रूम टेम्प्रेचर में स्टोर करके रखना चाहिए. धूप से इस तेल को बचाकर रखें. साथ ही इस तेल को बच्चों से दूर रखें ताकि वे इसे गलत तरीके से न इस्तेमाल करें. ध्यान रहें तेल बच्चों की आंखों में नहीं जाना चाहिए.
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ईरान पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का कहर, 21 दिनों तक और बरसता रहेगा आसमानी बारूद
ईरान के खिलाफ जारी युद्ध आज 18वें दिन में पहुंच गया है और हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य शक्ति शिया देश के सैन्य ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बना रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि वे जंग जीत चुके हैं, लेकिन इजराइली रक्षा सूत्रों का कहना है कि अभी असली लड़ाई बाकी है. ईरान में मौजूद हजारों टारगेट अभी भी हिट किए जाने बाकी हैं. आईडीएफ के प्रवक्ता के मुताबिक, ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह खत्म करने के लिए कम से कम तीन हफ्ते यानी 21 दिनों तक ऑपरेशन जारी रखना बहुत जरूरी है.
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का कहर
अमेरिकी सेंट कॉम ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अपने सबसे खतरनाक बॉम्बर एक्टिव कर चुका है. इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है. पिछले 17 दिनों में ईरान के लगभग 6000 ठिकानों पर हमला किया गया है. तुलनात्मक रूप से देखें तो पहले खाड़ी युद्ध के दौरान 43 दिनों में जितने टारगेट नष्ट किए गए थे, उससे कहीं ज्यादा तबाही इस बार शुरुआती दो हफ्तों में ही मचा दी गई है. तेहरान, मेहराबाद, करज और इसफहान जैसे बड़े शहर इस वक्त आग की लपटों और मलबे में तब्दील हो चुके हैं. अमेरिका के सभी 19 सैन्य बेस इस वक्त पूरी तरह एक्टिव हैं और वहां से फाइटर जेट लगातार उड़ान भर रहे हैं.
इजराइल की 42 दिनों वाली घातक योजना
इजराइल ने कसम खाई है कि वह ईरान के पूरे रक्षा तंत्र को पंगू बनाकर ही दम लेगा. इजराइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफिन ने दावा किया है कि ईरान के पास अभी भी हजारों मिलिट्री ठिकाने सुरक्षित हैं, जिन्हें नष्ट करना उनकी प्राथमिकता है. इजराइल ने इसके लिए अगले 42 दिनों तक की लंबी योजना तैयार की है. इजरायली कैबिनेट ने इस मिशन के लिए 827 मिलियन डॉलर का इमरजेंसी फंड भी जारी कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि अब तक ईरान के 70 पर्सेंट बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स और 100 से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर दिया गया है.
मैदान में उतरा 'फ्लाइंग टैंक'
इस युद्ध में अमेरिका अपने सबसे आधुनिक और अचूक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है. अमेरिकी वायुसेना का A-10 थंडरबोल्ट विमान, जिसे 'फ्लाइंग टैंक' के नाम से जाना जाता है, ईरान की आर्टिलरी और ड्रोन यूनिट्स पर कहर बरपा रहा है. यह विमान अपनी 30 मि.मी. की गेटलिंग तोप से एक मिनट में 4200 राउंड फायर कर सकता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बहुत नीची उड़ान भरकर रडार को चकमा दे सकता है. इसके साथ ही B-1B लांसर बॉम्बर्स रात के समय एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग के जरिए लगातार बमबारी कर रहे हैं, जिससे ईरान को संभलने का मौका नहीं मिल रहा है.
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भविष्य की जंग और छठी पीढ़ी के जेट
अमेरिका इस युद्ध के जरिए दुनिया को अपनी 'नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेंस' भी दिखाना चाहता है. चर्चा है कि अमेरिका अपने छठी पीढ़ी के F-47 जेट को भी रणभूमि में उतार सकता है. यह विमान आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्टील्थ क्षमता से लैस है, जिसे रडार पर पकड़ पाना नामुमकिन है. 1500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाला यह लड़ाका ईरान के लिए काल साबित हो सकता है. दूसरी तरफ ईरान भी चुप नहीं है और उसने सेजिल और खुर्रम शहर जैसी मिसाइलों से पलटवार किया है, जिससे तेल अवीव समेत कई इजरायली शहरों में भारी नुकसान हुआ है. अगले कुछ हफ्ते तय करेंगे कि इस महायुद्ध का अंजाम क्या होगा.
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