केंद्र ने 5 राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए 1,789 करोड़ रुपए से ज्यादा जारी किए
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि उसने पांच राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत 1,789 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जारी की है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए अनटाइड ग्रांट (बिना शर्त अनुदान) जारी किया है। इस जारी राशि में अलग-अलग वित्त वर्षों से संबंधित आवंटन शामिल हैं और इसका उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय शासन को और अधिक मजबूत बनाना है।
छत्तीसगढ़ में सभी 33 पात्र जिला पंचायतों (डीपी), 146 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 11,693 ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए 232.60 करोड़ रुपए की अनटाइड ग्रांट की दूसरी किस्त जारी की गई है। इसके अलावा, पहली किस्त की रोकी गई राशि में से 8.0238 करोड़ रुपए 1 डीपी, 8 बीपी और 350 जीपी को जारी किए गए हैं।
पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि इसी तरह, गुजरात को दूसरी किस्त के रूप में 509.2177 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसमें 33 डीपी, 247 बीपी और 14,563 जीपी शामिल हैं। साथ ही, रोकी गई राशि में से 14.64 लाख रुपए 2 अतिरिक्त जीपी को जारी किए गए हैं।
मध्य प्रदेश के लिए, 51 डीपी, 296 बीपी और 22,914 जीपी के लिए अनटाइड ग्रांट की पहली किस्त के तौर पर 630.6454 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। साथ ही, वित्त वर्ष 2023-24 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के तौर पर 104.6556 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं, जो 21 अतिरिक्त पात्र डीपी, 106 बीपी और 834 जीपी के लिए हैं।
वहीं, तेलंगाना में 12,702 जीपी को कवर करते हुए, दूसरी किस्त (वित्त वर्ष 2024-25 के लिए) के तौर पर 256.2101 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2022-23 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के तौर पर 151.1856 करोड़ रुपए मिले हैं, जिससे 12 डीपी, 125 बीपी और 324 जीपी को लाभ हुआ है।
आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है और उन्हें एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है। अनटाइड अनुदानों का उपयोग आरएलबी द्वारा स्थान-विशेष की महसूस की गई जरूरतों के लिए किया जाएगा, सिवाय वेतन और अन्य स्थापना लागतों के।
टाइड अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है; इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, मानव मल और फेकल स्लज का प्रबंधन और पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल होना चाहिए।
--आईएएनएस
पीएसके
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अली लारीजानी कौन? खामेनेई के बाद इजरायल की 'हिट लिस्ट' में शामिल, मारे जाने के दावे कितने सही...
Ali Larijani Killed: अली लारीजानी जिंदा हैं या नहीं, बीते कुछ घंटों से ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी लारीजानी के मारे जाने की खबर वायरल है. फिलहाल ईरान ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
अली लारीजानी ईरान की राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली चेहरे हैं, लेकिन हाल की खबरों में उनके मारे जाने की अफवाहें सोशल मीडिया और कुछ अनवेरिफाइड सोर्सेस पर फैल रही हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की वॉरटाइम लीडरशिप में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं.
CONFIRMED: ALI LARIJANI ELLIMINATED IN TEHRAN STRIKE.
— Mossad Commentary (@MOSSADil) March 17, 2026
IDF confirms:
Ali Larijani, senior advisor to Iran’s Supreme Leader and former Speaker of Parliament is dead.
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अली लारीजानी के भाई कौन, जो रह चुके हैं सुप्रीम ज्यूडिशियरी के हेड
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते दिनों हुई Quds Day रैली में तेहरान में हुए विस्फोट में लारीजानी पर हमला हुआ है जिसमें उनके मारे जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. बता दें अली लारीजानी का जन्म 1957 में हुआ. वह ईरान की पॉलिटिकल फैमिली से हैं और उनके भाई सदेक अमोली लारीजानी भी सुप्रीम ज्यूडिशियरी के हेड रह चुके हैं.
अली लारीजानी की पहली तैनाती IRIB में थी
जानकारी के अनुसार अली 2008 से 2020 तक IRIB (इरानियन स्टेट ब्रॉडकास्टर) के हेड रह चुके हैं. वह नेशनल सिक्योरिटी चीफ भी थे और अब बीते कुछ सालों से सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी पर हैं.
2021 में वह प्रेसिडेंशियल इलेक्शन से बाहर हो गए थे अली लारीजानी
ईरानी मीडिया के अनुसार अली लारीजानी ने देश के न्यूक्लियर डील्स में महत्वपूर्ण रोल प्ले किया है. 2021 में वह प्रेसिडेंशियल इलेक्शन से बाहर हो गए थे लेकिन 2025-26 में खामेनेई की मौत के बाद ईरान की इंटरिम लीडरशिप में सबसे अव्वल रोल निभा रहे थे.
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