ऑर्गेनिक फल-सब्जियों का समर्थन करते नजर आए संग्राम सिंह, कीटनाशकों से हो रहे खतरे पर जताई चिंता
मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। रासायनिक कीटनाशकों और मिलावटी खाद्य पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे प्रभावों को लेकर भारतीय पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने बात की। मुंबई में आयोजित एक इवेंट में पहुंचे संग्राम सिंह के साथ गुजरात के किसान और व्यवसायी शैलेश जारिया भी नजर आए, जहां वे ऑर्गेनिक खेती और शुद्ध भोजन को अपनाने की जरूरत पर जोर देते नजर आए।
कार्यक्रम में मौजूद संग्राम सिंह ने भी ऑर्गेनिक भोजन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी में लोग प्राकृतिक और ताजा भोजन से दूर हो गए हैं। बचपन में लोग पेड़ से सीधे फल तोड़कर खाते थे और खेतों से ताजी सब्जियां घर लाते थे, लेकिन अब शहरों में यह सब काफी हद तक खत्म हो चुका है।
संग्राम सिंह ने फिटनेस और स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार पर जोर देते हुए कहा कि ताजे और ऑर्गेनिक फल-सब्जियां शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करती हैं। इससे न केवल शारीरिक ताकत बढ़ती है, बल्कि लंबे समय तक बीमारियों से बचाव भी होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी थाली में प्राकृतिक और शुद्ध भोजन को जगह दें।
इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय एमएमए मुकाबले में हिस्सा लेंगे। वह 5 अप्रैल को अर्जेंटीना में ‘समुराई फाइट लीग’ के तहत फ्रांस के एक फाइटर से भिड़ेंगे।
शैलेश जारिया ने कहा कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश फल और सब्जियां अत्यधिक रासायनिक कीटनाशकों के कारण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण हानिकारक खान-पान और केमिकल युक्त भोजन भी है।
जारिया ने पारंपरिक और ऑर्गेनिक खेती के फायदों पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि यदि किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बजाय प्राकृतिक खाद, जैविक खाद और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करें, तो मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ें ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रह सकें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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ईरान युद्ध से घरेलू LPG संकट गहराया, सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें; क्या होगा आम आदमी का हाल?
Iran war LPG crisis: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध को 17 दिन हो चुके हैं, ताजा बड़ी अपडेट की बात करें तो इसका असर भारत की हर घर की रसोई पर साफ दिखने लगा है. दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित है जिससे दुनिया भर में LPG की सप्लाई चेन बाधित है. हालांकि बीते दिनों विशेष आग्रह पर ईरान ने भारत के जहाजों को निकलने की अनुमति दी है जिससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है.
फिलहाल देशभर में कई शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत बढ़ गई है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है. अब देखना ये होगा कि सरकार के इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदम कितने कारगर होंगे और लोगों को कब एलपीजी किल्लत से राहत मिलेगी.
#WATCH | Gujarat: Latest visuals from Vadinar Port. LPG tanker Nanda Devi, which crossed the Hormuz Strait, will arrive here later today. pic.twitter.com/WFWmSuy2yx
— ANI (@ANI) March 17, 2026
होर्मुज संकट से क्या परेशानी, किसको हो रही परेशानी ?
भारत अपनी 85-90% LPG जरूरतें मिडिल ईस्ट से आयात करता है, और ज्यादातर शिपमेंट होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती हैं. युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस रूट को दुश्मनों के लिए बंद रखा है जिससे सप्लाई में भारी कमी आ गई. सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है लेकिन कमर्शियल सिलेंडर (होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है.
पैनिक बुकिंग से बिगड़ रही स्थिति, LPG डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर लंबी कतारें
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में LPG डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर लंबी कतारें लग रही हैं. कई लोग सुबह 4-5 बजे से लाइन में खड़े हो रहे हैं. कुछ जगहों पर पैनिक बुकिंग भी शुरू हो गई है जिससे स्थिति और बिगड़ रही है.
युद्ध खत्म! ईरान ने उठाया ये बड़ा कदम...
रेस्टोरेंट्स और होटल्स पर क्या असर?
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि कमर्शियल LPG सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है. कई जगहों पर होटल और ढाबे अब कोयला, लकड़ी या इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं. बेंगलुरु और चेन्नई के कुछ पॉपुलर रेस्टोरेंट्स ने ऑपरेशन के घंटे कम कर दिए हैं या कुछ आइटम्स मेन्यू से हटा दिए हैं. सिलेंडर न मिलने से रेस्टोरेंट्स और होटल्स का बिजनेस ठप होने की कगार पर है.
LPG किल्लत पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
- तेल मंत्रालय ने रिफाइनरीज को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया है.
- कुछ राज्यों में पाइप्ड गैस वाले घरों से सिलेंडर सरेंडर करने की अपील की गई है ताकि जरूरतमंदों को मिल सके.
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर की डिप्लोमेसी से दो भारतीय LPG टैंकर (नंदा देवी और शिवालिक) होर्मुज पार कर चुके हैं. ये 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंच रहे हैं, इनमें से एक जहाज भारत पहुंच चुका है और दूसरा आज जल्द ही पहुंचने वाला है.
- सरकार का कहना है कि पैनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में कुछ दिन लग सकते हैं.
आम आदमी पर क्या बोझ?
घरेलू सिलेंडर की कीमत पहले ही बढ़ चुकी है (गैर-सब्सिडी वाले में ₹60 तक की बढ़ोतरी). ऐसे में कई परिवार अब इंडक्शन या इलेक्ट्रिक चूल्हे की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, लेकिन बिजली बिल बढ़ने का डर भी सता रहा है. जबकि ग्रामीण इलाकों में लकड़ी या गोबर के चूल्हे फिर से इस्तेमाल शुरू हो गए हैं.
क्या राहत मिलने की उम्मीद है?
सरकार और तेल कंपनियां 24x7 मॉनिटरिंग कर रही हैं. अगले 72 घंटों में और कई शिपमेंट्स पहुंचने की संभावना है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध जल्दी थमा तो स्थिति सामान्य हो सकती है लेकिन फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है.
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FAQ
Q1. LPG सिलेंडर की किल्लत कब तक रहेगी?
उत्तर- अभी कुछ दिनों तक समस्या बनी रह सकती है. दो भारतीय टैंकर जल्द पहुंच रहे हैं, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
Q2. क्या घरेलू सिलेंडर की कीमत और बढ़ेगी?
उत्तर- कीमतें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं. आगे बढ़ोतरी पर सरकार नजर रख रही है, लेकिन अभी कोई नई घोषणा नहीं हुई.
Q3. रेस्टोरेंट्स में खाना बनाना कैसे हो रहा है?
उत्तर- कई जगहों पर कोयला, लकड़ी या इंडक्शन का इस्तेमाल शुरू हो गया है. कुछ रेस्टोरेंट्स ने मेन्यू छोटा कर दिया है.
Q4. क्या पेट्रोल-डीजल पर भी असर पड़ेगा?
उत्तर- LPG की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर अभी कम असर है, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो इनकी कीमतें भी बढ़ सकती हैं.
Q5. आम आदमी क्या कर सकता है?
उत्तर- पैनिक बुकिंग न करें, सिलेंडर सिर्फ जरूरत के हिसाब से बुक करें. बिजली या इंडक्शन चूल्हे का ज्यादा इस्तेमाल करें जहां संभव हो.
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