ईरान युद्ध से घरेलू LPG संकट गहराया, सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें; क्या होगा आम आदमी का हाल?
Iran war LPG crisis: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध को 17 दिन हो चुके हैं, ताजा बड़ी अपडेट की बात करें तो इसका असर भारत की हर घर की रसोई पर साफ दिखने लगा है. दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित है जिससे दुनिया भर में LPG की सप्लाई चेन बाधित है. हालांकि बीते दिनों विशेष आग्रह पर ईरान ने भारत के जहाजों को निकलने की अनुमति दी है जिससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है.
फिलहाल देशभर में कई शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत बढ़ गई है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है. अब देखना ये होगा कि सरकार के इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदम कितने कारगर होंगे और लोगों को कब एलपीजी किल्लत से राहत मिलेगी.
#WATCH | Gujarat: Latest visuals from Vadinar Port. LPG tanker Nanda Devi, which crossed the Hormuz Strait, will arrive here later today. pic.twitter.com/WFWmSuy2yx
— ANI (@ANI) March 17, 2026
होर्मुज संकट से क्या परेशानी, किसको हो रही परेशानी ?
भारत अपनी 85-90% LPG जरूरतें मिडिल ईस्ट से आयात करता है, और ज्यादातर शिपमेंट होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती हैं. युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस रूट को दुश्मनों के लिए बंद रखा है जिससे सप्लाई में भारी कमी आ गई. सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है लेकिन कमर्शियल सिलेंडर (होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है.
पैनिक बुकिंग से बिगड़ रही स्थिति, LPG डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर लंबी कतारें
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में LPG डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर लंबी कतारें लग रही हैं. कई लोग सुबह 4-5 बजे से लाइन में खड़े हो रहे हैं. कुछ जगहों पर पैनिक बुकिंग भी शुरू हो गई है जिससे स्थिति और बिगड़ रही है.
युद्ध खत्म! ईरान ने उठाया ये बड़ा कदम...
रेस्टोरेंट्स और होटल्स पर क्या असर?
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि कमर्शियल LPG सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है. कई जगहों पर होटल और ढाबे अब कोयला, लकड़ी या इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं. बेंगलुरु और चेन्नई के कुछ पॉपुलर रेस्टोरेंट्स ने ऑपरेशन के घंटे कम कर दिए हैं या कुछ आइटम्स मेन्यू से हटा दिए हैं. सिलेंडर न मिलने से रेस्टोरेंट्स और होटल्स का बिजनेस ठप होने की कगार पर है.
LPG किल्लत पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
- तेल मंत्रालय ने रिफाइनरीज को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया है.
- कुछ राज्यों में पाइप्ड गैस वाले घरों से सिलेंडर सरेंडर करने की अपील की गई है ताकि जरूरतमंदों को मिल सके.
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर की डिप्लोमेसी से दो भारतीय LPG टैंकर (नंदा देवी और शिवालिक) होर्मुज पार कर चुके हैं. ये 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंच रहे हैं, इनमें से एक जहाज भारत पहुंच चुका है और दूसरा आज जल्द ही पहुंचने वाला है.
- सरकार का कहना है कि पैनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में कुछ दिन लग सकते हैं.
आम आदमी पर क्या बोझ?
घरेलू सिलेंडर की कीमत पहले ही बढ़ चुकी है (गैर-सब्सिडी वाले में ₹60 तक की बढ़ोतरी). ऐसे में कई परिवार अब इंडक्शन या इलेक्ट्रिक चूल्हे की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, लेकिन बिजली बिल बढ़ने का डर भी सता रहा है. जबकि ग्रामीण इलाकों में लकड़ी या गोबर के चूल्हे फिर से इस्तेमाल शुरू हो गए हैं.
क्या राहत मिलने की उम्मीद है?
सरकार और तेल कंपनियां 24x7 मॉनिटरिंग कर रही हैं. अगले 72 घंटों में और कई शिपमेंट्स पहुंचने की संभावना है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध जल्दी थमा तो स्थिति सामान्य हो सकती है लेकिन फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है.
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FAQ
Q1. LPG सिलेंडर की किल्लत कब तक रहेगी?
उत्तर- अभी कुछ दिनों तक समस्या बनी रह सकती है. दो भारतीय टैंकर जल्द पहुंच रहे हैं, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
Q2. क्या घरेलू सिलेंडर की कीमत और बढ़ेगी?
उत्तर- कीमतें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं. आगे बढ़ोतरी पर सरकार नजर रख रही है, लेकिन अभी कोई नई घोषणा नहीं हुई.
Q3. रेस्टोरेंट्स में खाना बनाना कैसे हो रहा है?
उत्तर- कई जगहों पर कोयला, लकड़ी या इंडक्शन का इस्तेमाल शुरू हो गया है. कुछ रेस्टोरेंट्स ने मेन्यू छोटा कर दिया है.
Q4. क्या पेट्रोल-डीजल पर भी असर पड़ेगा?
उत्तर- LPG की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर अभी कम असर है, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो इनकी कीमतें भी बढ़ सकती हैं.
Q5. आम आदमी क्या कर सकता है?
उत्तर- पैनिक बुकिंग न करें, सिलेंडर सिर्फ जरूरत के हिसाब से बुक करें. बिजली या इंडक्शन चूल्हे का ज्यादा इस्तेमाल करें जहां संभव हो.
Chaitra Amavasya 2026: 18 या 19 मार्च, कब है चैत्र अमावस्या? नोट करें स्नान-दान का समय और शुभ मुहूर्त
Chaitra Amavasya 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल की चैत्र अमावस्या की तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस दिन को आध्यात्मिक पहलू से बहुत खास माना जा रहा है. साथ ही पितरों के आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए भी यह दिन खास है. पितरों के प्रति सम्मा प्रकट करने के लिए भी इस दिन तर्पण किया जाता है. माना जाता है कि इस दिन गंगाजल से स्नान करने से भी व्यक्ति को पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है. अगर आप भी पितृ दोष से मुक्त होना चाहते हैं तो इस दिन सही समय पर पूजा व उपाय कर सकते हैं. आइए जानते हैं मार्च के महीने में चैत्र अमावस्या की सही तिथि और मुहूर्त के बारे मे.
कब है चैत्र अमावस्या?
बता दें की लोगों के बीच 18 और 19 मार्च 2026, दो दिनों के लिए चैत्र अमावस्या की तिथि को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्च में अमावस्या तिथि की अवधि ऐसी ही है. अमावस की तिथि की शुरुआत 18 मार्च 2026 यानी बुधवार की सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर होगी. वहीं, अमावस्या की तिथि का समापन 19 मार्च 2026 को गुरुवार के दिन 6 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 को ही पड़ रही है. स्नान दान के लिए इस दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 05:42 से 07:12 मिनट पर होगा.
पितृ दोष से मुक्ति के लिए चैत्र अमावस्या पर करें ये उपाय
1.गंगा स्नान
इस दिन आपको किसी पवित्र नदी में स्नान करना होता है. इसे अमृत स्नान कहते हैं. अगर आप नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो आपको घर में ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिएय साथ ही आपको ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप भी करते रहना चाहिए.
2.तर्पण और अर्घ्य का महत्व
चैत्र अमावस्या पर पितरों का भी दिन होता है. इस दिन यदि आप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पानी में काला तिल, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर पितरों को अर्घ्य देना चाहिए. इस उपाय को करने से शनि दोष से भी राहत मिलती है.
3.दीपदान का महत्व
अमावस्या तिथि पर शाम के समय पीपल के पेड़ पर जड़ के पास सरसों के तेल का दीया जलाना चाहिए. शास्त्रों में बताया गया है कि पीपल के वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है. इसलिए, अमावस्या पर दीया जलाना चाहिए ताकि उनका आशीर्वाद मिल सके.
4.कालसर्प और ग्रह शांति का उपाय
अगर कुंडली में कालसर्प दोष है तो इस दिन भगवान शिव का दूध और काले तिल से जलाभिषेक करना चाहिए. इस दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा बहते जल में प्रवाहित करना चाहिए.
5.अन्न-वस्त्र दान
चैत्र अमावस्या पर भूखों को भोजन करवाने से भी पुण्य मिलता है. इस दिन तिल, गुड़, फलों और अनाज का दान करना चाहिए. साथ ही जरूरतमंदों को खाना खिलाना चाहिए.
चैत्र अमावस्या पर क्या करें?
- अमावस्या पर तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा और प्याज-लहसुन का परहेज करना चाहिए.
- इस तिथि पर किसी से वाद-विवाद और झगड़ा नहीं करना चाहिए.
- चैत्र अमावस्या पर देर तक सोने से बचना चाहिए और सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और पूजा-पाठ करना चाहिए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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