अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सीमा पर जारी झड़पों को देखते हुए चीन ने अब सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने दोनों पड़ोसी देशों से तत्काल "सीधी बातचीत" करने और टकराव को समाप्त करने का आह्वान किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने यहां प्रेस वार्ता में बीजिंग के मध्यस्थता प्रयासों से संबंधित एक प्रश्न पर कहा कि चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, शीघ्र ही संघर्ष विराम तक पहुचेंगे और संवाद के माध्यम से अपने मतभेदों का समाधान करेंगे।
उन्होंने दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का आह्वान किया।
पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच झड़पें तेज हो गईं।
पिछले सप्ताह के अंत में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशहाक डार और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से टेलीफोन पर बातचीत की और उनसे संघर्ष विराम पर बातचीत करने और संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया।
चीन के विशेष दूत यू शियाओयोंग भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के लिए इस्लामाबाद और काबुल के बीच लगातार यात्रा कर रहे हैं। चीन का पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय संवाद तंत्र है।
इससे पहले, सऊदी अरब, कतर और तुर्किये सहित कई अन्य देशों ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश की थी।
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ईरान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। 'द टेलीग्राफ' की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त मिसाइल हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके बेटे और वर्तमान में ईरान के नए सर्वोच्च नेता माने जा रहे मोजतबा खामेनेई इस हमले में चमत्कारिक रूप से बच गए। 'द टेलीग्राफ' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई, अपने परिसर से बाहर निकलने के कुछ ही सेकंड बाद हुए अमेरिका-इजरायल के मिसाइल हमले से बाल-बाल बच गए।
'द टेलीग्राफ' ने ईरानी अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक के कथित तौर पर लीक हुए ऑडियो का हवाला देते हुए बताया कि इस हमले में उनके पिता, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, के साथ-साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और रिश्तेदार मारे गए। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइलों के परिसर पर गिरने से ठीक कुछ पल पहले ही वह बगीचे में बाहर निकल आए थे।
खामेनेई के कार्यालय में प्रोटोकॉल प्रमुख मज़ाहेर हुसैनी ने कथित तौर पर ईरानी अधिकारियों को एक निजी बैठक में बताया, जिसका हवाला 'द टेलीग्राफ' ने दिया है, "ईश्वर की यही इच्छा थी कि मोजतबा किसी काम से आंगन में जाएं और फिर वापस लौटें।" हुसैनी ने कथित तौर पर कहा, "वह बाहर थे और ऊपर की मंजिल की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने (दुश्मनों ने) इमारत पर मिसाइल से हमला कर दिया।"
मोजतबा मौत से कैसे बचे?
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा के इमारत छोड़ने के तुरंत बाद ही इजरायली बैलिस्टिक मिसाइलों ने परिसर पर हमला कर दिया, जिसमें अली खामेनेई के साथ-साथ दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी और रिश्तेदार मारे गए।
लीक हुए ऑडियो से पता चलता है कि परिसर पर हुए इस हमले में कम से कम तीन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक मिसाइल उस हिस्से पर गिरी, जहाँ अली खामेनेई मौजूद थे, जबकि दूसरी मिसाइल ऊपर की मंजिल पर स्थित मोजतबा के आवास पर गिरी। हुसैनी ने बताया कि मोजतबा इस हमले से केवल पैर में मामूली चोट के साथ बच निकले।
लीक हुए ऑडियो से सामने आए खौफनाक विवरण
लीक हुई रिकॉर्डिंग में हमले के विनाशकारी प्रभाव का भी वर्णन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सैन्य प्रमुख मोहम्मद शिराज़ी भी इस हमले में मारे गए, और हुसैनी ने मिसाइल से हुई तबाही का ब्योरा दिया।
'द टेलीग्राफ' द्वारा उद्धृत ऑडियो में हुसैनी ने कहा, "उनके शरीर के चिथड़े उड़ गए थे – उनका कुछ भी नहीं मिल पा रहा था।" उन्होंने आगे कहा, "आखिर में उन्हें कुछ किलो मांस के टुकड़े मिले, जिनकी पहचान उनके शरीर के रूप में की गई।"
रिपोर्ट में बताया गया है कि परिसर के भीतर ही मोजतबा के बहनोई, मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के आवास पर भी एक और मिसाइल गिरी। हुसैनी ने कहा, "वह मिसाइल इतनी शक्तिशाली थी कि वह नीचे की मंजिल तक जा पहुँची और उनके सिर को दो हिस्सों में काट दिया।"
मोजतबा की हालत पर सवाल
यह रिपोर्ट मोजतबा की हालत को लेकर चल रही अटकलों के बीच सामने आई है, क्योंकि संघर्ष शुरू होने के बाद से नए सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उनका एकमात्र संदेश, जो ईरानी सरकारी टेलीविज़न पर प्रसारित हुआ था, उसमें उन्होंने शहीदों के खून का बदला लेने की कसम खाई थी; जिससे उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर अटकलें और तेज़ हो गईं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी अधिकारी ईरानी नेता की स्थिति के बारे में निश्चित नहीं हैं। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "बहुत से लोग कह रहे हैं कि उनका चेहरा बुरी तरह से बिगड़ गया है, जबकि कुछ अन्य लोग कह रहे हैं कि उनकी मौत हो चुकी है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने उन्हें बिल्कुल भी नहीं देखा है। हमें नहीं पता कि वे जीवित हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है।"
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