पीठ दर्द और पाचन से हैं परेशान? मयूरासन में छिपा है सेहत का राज
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। आजकल की व्यस्त दिनचर्या, उचित पोषक आहार और व्यायाम की कमी में शारीरिक मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं। इससे पीठ दर्द, कमर दर्द, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में मयूरासन को एक शक्तिशाली और प्रभावी आसन माना गया है, जो शारीरिक समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करता है।
मयूरासन संस्कृत भाषा से लिया गया है, जो की दो शब्दों से मिलकर बना है। मयूर यानी की मोर के समान और आसन का अर्थ होता है मुद्रा। इस योगासन को करने के दौरान शरीर की मुद्रा मोर के समान दिखती है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन के महत्व पर जोर दिया है। उनके अनुसार, यह एक उन्नत आर्म-बैलेंसिंग योग क्रिया है, जो मोर की तरह संतुलन बनाती है। इसको करने के दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखते हुए हथेलियों पर शरीर का वजन संतुलित किया जाता है। इस आसन को करने के दौरान शरीर को जमीन से ऊपर उठाया जाता है, जिसमें कोहनियां पेट के पास होती हैं और पैर पीछे की ओर सीधे रहते हैं।
नियमित रूप से आसन करने से शारीरिक और मानसिक ताकत बढ़ती है तथा एकाग्रता और पूरे शरीर की मजबूती में सुधार होता है। हालांकि, यह आसन शुरुआती लोगों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं, कहा जाता है कि इसे करने से पहले कुछ योगासन अच्छे से करें, जैसे प्लैंक, चतुरंग दंडासन, बकासन, और अन्य हाथ-कलाई मजबूत करने वाले आसनों का अभ्यास जरूर करें। साथ ही, शुरुआत में योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही इसका अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि गलत तरीके से करने पर कलाई या कंधे में चोट लग सकती है।
इसको करने के लिए घुटनों के बल बैठें और दोनों पैरों के पंजों को पीछे मिला लें। सामने झुककर दोनों हथेलियों को जमीन पर रखें, उंगलियां पैरों की तरफ होनी चाहिए। कोहनियों को मोड़ें और उन्हें दोनों ओर पेट के नीचे टिकाएं। धीरे-धीरे शरीर का भार हाथों पर लाते हुए पैरों को पीछे सीधा फैलाएं। सांस बाहर छोड़ते हुए, सिर और पैरों को ऊपर उठाएं, ताकि पूरा शरीर जमीन के समानांतर हवा में रहे। शुरुआती दिनों में 20-30 सेकंड रुकें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
इस योगासन के फायदे तमाम हैं, लेकिन उच्च रक्तचाप, हर्निया, हृदय रोग या पेट के अल्सर वाले लोग इसे न करें।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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ईरान संघर्ष को लेकर ट्रंप पर बरसे डेमोक्रेट हकीम जेफ्रीज, बोले- अमेरिका को बेवजह युद्ध में धकेल दिया
वाशिंगटन, 17 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और घरेलू आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी पर निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रिपब्लिकन नीतियों ने आम अमेरिकी नागरिकों की जिंदगी महंगी बना दी है और देश को ईरान के खिलाफ लापरवाह और बेवजह के युद्ध में धकेल दिया है।
समाचार वार्ता में जेफ्रीज ने कहा कि यह अमेरिका के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण समय है। राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन की नीतियों ने अमेरिकी लोगों की जीवन गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाया है। इन नीतियों के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
जेफ्रीज ने दावा किया कि रिपब्लिकन नीतियों की वजह से स्वास्थ्य सेवा, ईंधन, आवास, बच्चों की देखभाल और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने हाल ही में पारित किए गए कानून का जिक्र करते हुए कहा कि रिपब्लिकनों ने अपने वन बिग अग्ली बिल के जरिए अमेरिकी इतिहास में मेडिकेड पर सबसे बड़ी कटौती लागू की है। इस फैसले के कारण कई अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो रहे हैं, जबकि 2 करोड़ से अधिक कामकाजी अमेरिकी नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम बढ़ गए हैं।
घरेलू आर्थिक मुद्दों को विदेश नीति से जोड़ते हुए जेफ्रीज ने मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, रिपब्लिकन हमें ईरान के खिलाफ एक लापरवाह युद्ध में ले गए हैं। अरबों डॉलर मध्य पूर्व में बम गिराने पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों के लिए जीवन सस्ता बनाने के लिए एक पैसा भी नहीं है।
हकीम जेफ्रीज ने प्रशासन की रणनीति और तैयारी पर भी सवाल खड़े किए। जेफ्रीज ने कहा कि सरकार अब तक अमेरिकी जनता को यह नहीं समझा पाई है कि ईरान में रोजाना बमबारी पर अरबों डॉलर क्यों खर्च किए जा रहे हैं। इस अभियान के लिए कोई स्पष्ट योजना, लक्ष्य या बाहर निकलने की रणनीति नहीं है।
जेफ्रीज ने चेतावनी दी कि इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। खासतौर पर, उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और यहां अस्थिरता बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस संभावित खतरे के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की निकासी की भी कोई ठोस योजना नहीं बनाई।
इस दौरान उन्होंने आंतरिक सुरक्षा विभाग के बजट को लेकर चल रही बातचीत पर भी बात की। जेफ्रीज ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी द्विदलीय समझौते के लिए तैयार है, लेकिन सुधार साहसी, सार्थक और परिवर्तनकारी होने चाहिए। उन्होंने रिपब्लिकनों पर आरोप लगाया कि वे एफईएमए, टीएसए और कोस्ट गार्ड जैसी एजेंसियों के बजट के बजाय जहरीली निर्वासन मशीन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हकीम जेफ्रीज ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय युद्ध के लिए अतिरिक्त फंडिंग की मांग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, अगर प्रशासन और पैसा मांगता है, तो यह इस समय बिल्कुल अनुचित होगा। पहले उन्हें अपने कदमों का ठोस कारण बताना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन लोगों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के बजाय वोटर सप्रेशन कानूनों पर ध्यान दे रहा है। हकीम जेफ्रीज ने कहा, ऐसा लगता है कि उनके लिए आवास, स्वास्थ्य सेवा और किराने के बढ़ते बिल कोई मायने ही नहीं रखते।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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