पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी बढ़ते संघर्ष के बीच नेपाल में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय दरों में वृद्धि और आपूर्ति संबंधी चिंताओं को कारण बताया है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का निर्णय रविवार देर रात नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन की बैठक में लिया गया। पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए एक बड़े सैन्य हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य अड्डों वाले कई खाड़ी देशों पर हमला किया। इस तनाव के बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, में जहाजरानी बाधित हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई है।
नए रेट यहां देखें
निगम द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति प्रबंधन में बढ़ती चुनौतियों के कारण यह कदम आवश्यक हो गया था। संशोधित दरें 16 मार्च को रात 12:00 बजे से प्रभावी हो गईं। नए मूल्य समायोजन के तहत, पेट्रोल की कीमतों में 31 रुपये प्रति लीटर, डीजल की कीमतों में 54 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी की कीमतों में 296 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि के बाद, पेट्रोल की कीमत 188 रुपये प्रति लीटर, डीजल की कीमत 196 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी की कीमत 2,126 रुपये प्रति सिलेंडर तय की गई है। निगम ने कहा कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है।
नेपाल ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के प्रति आभार व्यक्त किया
प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि नेपाल जैसे गैर-पेट्रोलियम उत्पादक देश के लिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में वृद्धि का सीधा और तत्काल प्रभाव पड़ता है। अतीत में भी, वैश्विक परिस्थितियों ने इसी तरह आपूर्ति प्रणाली को बाधित किया था, जिसके कारण कॉर्पोरेशन को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भुगतान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। कॉर्पोरेशन ने वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद नेपाल को पेट्रोलियम उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के प्रति आभार व्यक्त किया है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए, सुचारू और निर्बाध आपूर्ति प्रणाली बनाए रखने के उद्देश्य से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में यह समायोजन किया गया है।
Continue reading on the app
इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर फैल रही अपनी मौत की अफवाहों और 6 उंगलियों वाले दावे का मजाक उड़ाते हुए इन खबरों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विडियो साझा किया, जिसमें दोनों हाथ दिखाकर स्पष्ट किया कि उनके हाथों में सामान्य रूप से 5-5 उंगलिया है। विडियो के साथ उन्होंने लिखा, 'वे कहते है कि क्या मैं हू?' जंग के बीच अफवाह फैलने लगी थी कि नेतन्याहू की मौत हो गई है। सोशल मीडिया पर पिछले एक सप्ताह से नेतन्याहू की सार्वजनिक रूप से अनुपस्थिति को लेकर अटकलें तेज थीं, खासकर तब जब एक वीडियो सामने आया जिसमें नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखीं। इस वीडियो ने अमेरिका-इजराइल के 28 फरवरी के संयुक्त हमले और ईरान की तीव्र प्रतिक्रिया के बीच खाड़ी क्षेत्र में फैले युद्ध की पृष्ठभूमि में नयी बहस और अफवाहों को हवा दे दी।
नेतन्याहू ने अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्हें कॉफी लेने के दौरान कहते सुना जा सकता है, बहुत बढ़िया (कॉफी देने वाले विक्रेता से), धन्यवाद। वीडियोग्राफर से पूछते हुए वह कहते हैं, तुमने मुझसे क्या पूछना चाहते हो?” जब उन्हें बताया गया कि कुछ चैनल यह खबर फैला रहे हैं कि उनकी मौत हो चुकी है तो नेतन्याहू हंसते हुए उत्तर देते हैं, मैं तो कॉफी के लिए ही मर रहा हूं। इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जानते हैं, मैं अपने लोगों के लिए पागल (मरता) हूं। उनका रवैया भी कमाल का है। अगर आप अंगलियों की संख्या गिनना चाहते हैं, तो आप दिखा सकते हैं, यहां (बायां हाथ उठाते हुए), यहां (दायाँ हाथ उठाते हुए)। आपने देखा! यह वीडियो उन खबरों पर व्यंग्य भी प्रतीत होता जिनमें उनकी मौत की अटकलें लगाई जा रही थीं। अटकलें पैदा करने वाले वीडियो में उनके बाएं हाथ में छह उंगलियां दिखी थीं, जिससे छेड़छाड़ की गई प्रतीत होती है। कॉफी उठाते हुए नेतन्याहू ने वीडियो में कहा कि चीयर्स (जीवन के लिए)।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बाहर जाने की इच्छा रखने वाले लोगों को कोई संदेश देना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि वे ताजी हवा के लिए बाहर जा सकते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित आश्रयों के पास ही रहना चाहिए। नेतन्याहू ने कहा कि आप (इजराइल) जिस तरह हमारे साथ खड़े हैं, वह अद्भुत है। यह मुझे ताकत देता है-सरकार को, सेना को, मोसाद (इजराइल की खुफिया एजेंसी) को। हम कुछ ऐसे काम कर रहे हैं जिन्हें मैं अभी साझा नहीं कर सकता। आज भी हम ईरान पर बहुत सख्ती से वार कर रहे हैं।” यह वीडियो उस समय आया है जब दिन में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि वह इजराइल के प्रधानमंत्री को ढूंढ़ निकालेगा।
पूर्व सीआईए प्रमुख और सेवानिवृत्त जनरल डेविड पेट्रेयस ने कहा है कि अमेरिका को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि इस्त्राइल ईरान पर हमला करने की योजना बना रहा है। अमेरिका ने ईरान पर पहले हमला इसलिए किया ताकि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हो जाए और वह इस्त्राइली हमले का प्रभावी ढंग से जवाब न दे सके। इस बयान से अमेरिकी विदेश मत्री मार्को रुबियो की पहले की टिप्पणी को भी बल मिलता है। रुबियो ने कहा था कि अमेरिका को खुफिया जानकारी मिली थी कि इस्त्राइल जल्द ही ईरान पर हमला करने वाला है और इसके बाद ईरान US ठिकानो पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इसी के चलते US ने पहले ही सैन्य कार्रवाई का फैसला किया।
Continue reading on the app