हिजबुल्लाह का दावा: उत्तरी इजरायल में राफेल रक्षा परिसर पर रॉकेट से किया हमला
बेरूत, 15 मार्च (आईएएनएस)। लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने रविवार को दावा किया कि उसने उत्तरी इजरायल में स्थित एक सैन्य औद्योगिक परिसर पर रॉकेटों की बौछार की।
संगठन के अनुसार, यह हमला इजरायल की सरकारी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स के परिसर को निशाना बनाकर किया गया, जिसे उसने लेबनान और उसके लोगों की रक्षा के लिए की गई कार्रवाई बताया।
हिजबुल्लाह के इस दावे पर फिलहाल इजरायल की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
इससे पहले रविवार को इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा था कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया।
हिजबुल्लाह ने रविवार को इजरायल के कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा भी किया, क्योंकि अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अलग-अलग बयानों में संगठन ने कहा कि ये हमले इजरायली आक्रामकता के जवाब में किए गए, जिसमें बेरूत के दक्षिणी उपनगरों सहित लेबनान के दर्जनों शहरों और कस्बों को निशाना बनाया गया।
संगठन ने यह भी कहा कि उसने उत्तरी इजरायल में नाहरिया नामक इजरायली बस्ती और माअलोट-तारशिहा क्षेत्र में स्थित एक वायु रक्षा प्रणाली पर रॉकेटों की बौछार की।
हिजबुल्लाह के अनुसार, उसके लड़ाकों ने लेबनानी सीमा के सामने स्थित मेइस एल जबल कस्बे के पास जबियाह बिंदु पर इजरायली सैनिकों की मौजूदगी वाले स्थानों पर तथा कफर युवल बस्ती के उत्तर में हद्बत अल-अजल की स्थिति पर भी गोलाबारी की।
संगठन ने कहा कि दक्षिणी लेबनान के सीमा कस्बे अदाइसेह के बाहरी इलाके खल्लेत अल-महाफिर में जमा इजरायली सैनिकों तथा अवीविम बैरकों को भी भारी रॉकेट हमले का निशाना बनाया गया। इसके अलावा, उत्तरी इजरायल के क्रायोट क्षेत्र के उत्तर में स्थित राफेल मिलिट्री इंडस्ट्रीज कॉम्प्लेक्स पर भी हमला किया गया।
हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसने अदाइसेह के पास इजरायली सैन्य वाहनों पर ड्रोन हमला किया और तेल अवीव से लगभग 140 किमी दक्षिण में स्थित पालमाचिम हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया।
तनाव 28 फरवरी के बाद तेज हो गया, जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले किए, जिनमें लगभग 1,200 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल, जॉर्डन, इराक और उन खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
यह संघर्ष लेबनान तक भी फैल गया है। इजराइली सेना ने हमलों का दायरा बढ़ा दिया है, जिसके कारण 2 मार्च से अब तक 800 से अधिक लोग मारे गए हैं और दो हजार से अधिक घायल हुए हैं, जबकि सीमा पार हिजबुल्लाह के साथ लगातार झड़पें जारी हैं।
--आईएएनएस
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झारखंड सरकार नशे के तस्करों पर कसने वाली है नकेल, हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स; जेलों में जैमर की भी तैयारी
Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में शनिवार को राज्य में तेजी से फैल रहे अवैध ड्रग्स कारोबार और युवाओं में बढ़ती नशे की लत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. कई विधायकों ने सरकार से इस गंभीर समस्या पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस पर राज्य के आबकारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि सरकार ड्रग्स के अवैध कारोबार को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है और जल्द ही राज्य के सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा.
कैसे काम करेगी टास्क फोर्स
मंत्री ने बताया कि यह टास्क फोर्स ड्रग्स तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर निगरानी रखेगी और ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान चलाएगी. इसके साथ ही पुलिस और संबंधित विभागों के सहयोग से राज्यभर में सघन अभियान चलाकर ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और राज्य में अवैध ड्रग्स कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है.
मोबाइल नेटवर्क का भी उठा मुद्दा
इसी दौरान जरमुंडी से भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने झारखंड की जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में सरकार ने जेलों में 4G या 5G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाने की बात कही थी, इसलिए इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी जाए.
आबकारी मंत्री ने दिया जवाब
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जवाब देते हुए कहा कि जल्द ही राज्य की जेलों में 4G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य जेल के अंदर मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
छात्रों के लिए भी की अहम घोषणाएं
बता दें कि बीते शुक्रवार,14 मार्च को सदन में झारखंड सरकार की ओर से कमजोर वर्गों के छात्रों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. इनका उद्देश्य बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना था. मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि झारखंड सरकार दिल्ली में एक फ्लैट खरीदेगी, जहां झारखंड के युवाओं को IAS और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग दी जाएगी. सरकार का मानना है कि दिल्ली देश में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का प्रमुख केंद्र है, इसलिए वहां रहकर पढ़ने वाले छात्रों को काफी फायदा मिल सकता है. इस पहल से राज्य के गरीब और प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है.
बनाई जाएगी विशेष कोचिंग संस्थान
इसके अलावा सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एक विशेष कोचिंग संस्थान बनाने की भी योजना बताई. मंत्री ने कहा कि कमड़े में पांच मंजिला कोचिंग संस्थान बनाया जा रहा है, जहां SC वर्ग के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे. इस संस्थान में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि छात्रों को अच्छी पढ़ाई का माहौल मिल सके.
इन छात्रों के लिए भी होगी खास व्यवस्था
वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने घोषणा की कि शहीद निर्मल महतो के नाम पर नगड़ा टोली में JEE और NEET की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर शुरू किया जाएगा. इससे इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को काफी मदद मिलेगी.
शैक्षणिक गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी एक नई योजना की जानकारी दी. मंत्री ने कहा कि राज्य के हर जिले में तीन मंजिला ‘वृहद धुमकुड़िया’ भवन बनाए जाएंगे. इन भवनों के पहले तल पर सांस्कृतिक केंद्र होगा, दूसरे तल पर कोचिंग सेंटर चलाया जाएगा और तीसरे तल पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी. इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति से भी जोड़कर रखना है.
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