झारखंड सरकार नशे के तस्करों पर कसने वाली है नकेल, हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स; जेलों में जैमर की भी तैयारी
Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में शनिवार को राज्य में तेजी से फैल रहे अवैध ड्रग्स कारोबार और युवाओं में बढ़ती नशे की लत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. कई विधायकों ने सरकार से इस गंभीर समस्या पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस पर राज्य के आबकारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि सरकार ड्रग्स के अवैध कारोबार को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है और जल्द ही राज्य के सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा.
कैसे काम करेगी टास्क फोर्स
मंत्री ने बताया कि यह टास्क फोर्स ड्रग्स तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर निगरानी रखेगी और ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान चलाएगी. इसके साथ ही पुलिस और संबंधित विभागों के सहयोग से राज्यभर में सघन अभियान चलाकर ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और राज्य में अवैध ड्रग्स कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है.
मोबाइल नेटवर्क का भी उठा मुद्दा
इसी दौरान जरमुंडी से भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने झारखंड की जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में सरकार ने जेलों में 4G या 5G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाने की बात कही थी, इसलिए इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी जाए.
आबकारी मंत्री ने दिया जवाब
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जवाब देते हुए कहा कि जल्द ही राज्य की जेलों में 4G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य जेल के अंदर मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
छात्रों के लिए भी की अहम घोषणाएं
बता दें कि बीते शुक्रवार,14 मार्च को सदन में झारखंड सरकार की ओर से कमजोर वर्गों के छात्रों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. इनका उद्देश्य बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना था. मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि झारखंड सरकार दिल्ली में एक फ्लैट खरीदेगी, जहां झारखंड के युवाओं को IAS और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग दी जाएगी. सरकार का मानना है कि दिल्ली देश में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का प्रमुख केंद्र है, इसलिए वहां रहकर पढ़ने वाले छात्रों को काफी फायदा मिल सकता है. इस पहल से राज्य के गरीब और प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है.
बनाई जाएगी विशेष कोचिंग संस्थान
इसके अलावा सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एक विशेष कोचिंग संस्थान बनाने की भी योजना बताई. मंत्री ने कहा कि कमड़े में पांच मंजिला कोचिंग संस्थान बनाया जा रहा है, जहां SC वर्ग के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे. इस संस्थान में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि छात्रों को अच्छी पढ़ाई का माहौल मिल सके.
इन छात्रों के लिए भी होगी खास व्यवस्था
वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने घोषणा की कि शहीद निर्मल महतो के नाम पर नगड़ा टोली में JEE और NEET की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर शुरू किया जाएगा. इससे इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को काफी मदद मिलेगी.
शैक्षणिक गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी एक नई योजना की जानकारी दी. मंत्री ने कहा कि राज्य के हर जिले में तीन मंजिला ‘वृहद धुमकुड़िया’ भवन बनाए जाएंगे. इन भवनों के पहले तल पर सांस्कृतिक केंद्र होगा, दूसरे तल पर कोचिंग सेंटर चलाया जाएगा और तीसरे तल पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी. इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति से भी जोड़कर रखना है.
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मॉस्को में दो ट्राम आपस में टकराईं, पांच बच्चों सहित 22 लोग घायल
मॉस्को, 15 मार्च (आईएएनएस)। रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जब दो ट्राम आपस में टकरा गईं। राजधानी की ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हादसा तकनीकी खराबी के चलते एक ट्राम के पटरी से उतरने की वजह से हुआ। हादसे में 22 लोग घायल बताए गए, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना वोडनिकोव स्ट्रीट पर हुई। हादसे के बाद शहर के केंद्र की ओर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया और मौके पर अधिकारी काम कर रहे थे।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार सुबह वोलोकोलाम्स्क हाईवे के बैकअप हिस्से पर दो ट्राम आपस में टकरा गईं।
जानकारी के अनुसार, “वित्याज-एम” ट्रेनों में से एक तकनीकी खराबी के कारण ओवरपास से बाहर निकलते समय पटरी से उतर गई, जिसके बाद सामने से आ रही एक कार उससे टकरा गई।
मॉस्को स्टेट ट्रैफिक इंस्पेक्टर के अनुसार, इस दुर्घटना में कुल 22 लोग घायल हुए, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं।
हादसे में एक ड्राइवर केबिन में फंस गया था, जिसे बचावकर्मियों ने बाहर निकाला।
मॉस्को मेट्रो के प्रतिनिधि दिमित्री बोचकोव ने बताया कि सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि 23 साल के अनुभव वाला एक अनुभवी ड्राइवर ट्राम चला रहा था।
दोनों ड्राइवरों ने यात्रा से पहले अनिवार्य जांच (प्री-ट्रिप इंस्पेक्शन) कराई थी।
दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया गया है।
वित्याज-एम ट्राम (मॉडल 71-931एम) तीन-सेक्शन वाली लो-फ्लोर ट्राम है, जिसे पीके ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स ने बनाया है।
इस मॉडल की ट्रामें 2017 में मॉस्को के रूट नंबर 17 पर शुरू की गई थीं।
ट्राम में कुल 432 किलोवाट क्षमता वाले छह इलेक्ट्रिक मोटर लगे हैं, जिससे यह 14 सेकंड में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।
जरूरत पड़ने पर यह ट्राम बैटरी के सहारे 1500 मीटर तक चल सकती है, जैसे कि संपर्क नेटवर्क में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में।
इस ट्राम को कम से कम 14 मीटर के घुमावदार रास्तों पर चलाया जा सकता है।
रीजनल एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, इससे पहले अगस्त 2025 में रूस के लेनिनग्राद क्षेत्र के लोदेयनोपोल्स्की जिले में एक रेलवे क्रॉसिंग पर पर्यटकों को ले जा रही बस की मालगाड़ी से टक्कर हो गई थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हुए थे।
क्षेत्रीय प्रशासन की प्रेस सेवा के हवाले से टास समाचार एजेंसी ने बताया कि लेनिनग्राद क्षेत्र की स्वास्थ्य समिति के अनुसार, इस टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई और बस में सवार 16 यात्री घायल हो गए।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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