Iran-US War: सऊदी अरब में खड़े पांच अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त, ईरान के मिसाइल हमलों में US को हुआ नुकसान
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर जमीन पर खड़े अमेरिका के वायुसेना के पांच रीफ्यूलिंग विमानों पर हमला हो गया, जिस वजह से वह सभी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. शुक्रवार को अमेरिकी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दो अधिकारियों के हवाले से इस बात की जानकारी दी.
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरानी मिसाइलों ने सऊदी बेस पर खड़े जिन विमानों को निशाना बनाया था, वे क्षतिग्रस्त भले हुए थे पर पूरी तरह से नष्ट नहीं हुए थे, जिस वजह से अब उनकी मरम्मत हो रही है. वर्तमान में हमलों में किसी भी जान नहीं गई.
अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Middle East Tension: इस्राइली सेना ने लेबनान में मचाया हाहाकार, 83 बच्चों सहित 400 लोगों की हुई मौत, IDF ने दी ये चेतावनी
ईराक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ अमेरिकी विमान
इसके अलवा, शुक्रवार को पश्चिमी इराक में अमेरिका सेना का एक KC-135 रीफ्यूलिंग विमान भी क्रैश हो गया था, जिसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई थी. खुद अमेरिकी सेना ने मौत की पुष्टि की थी. वहीं, अमेरिकी सेना का कहना है कि उनका विमान क्रैश जरूर हुआ था लेकिन वह घटना दुश्मन के हमले की वजह से नहीं हुई थी. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है. ईरान के खिलाफ अमेरिका का हमला जारी है.
U.S. Central Command is aware of the loss of a U.S. KC-135 refueling aircraft. The incident occurred in friendly airspace during Operation Epic Fury, and rescue efforts are ongoing. Two aircraft were involved in the incident. One of the aircraft went down in western Iraq, and the…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Middle East Tension: बाल-बाल बचे ईरान के नए सुप्रीम लीडर खामेनेई, अमेरिकी-इस्राइली हमले में हो गए घायल; यहां पर लगी चोट
पत्रकारों से अमेरिकी मंत्री ने की बातचीत
अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेठ शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों से बात की. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान जारी है. युद्ध एक नरक है. युद्ध की वजह से अफरा-तफरी मचती है. हमने जैसे कल KC-135 रीफ्यूलिंग विमान का हादसा देखा, वह दुखद था. लेकिन युद्ध में ऐसी बुरी चीजें हो सकती हैं.
अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Middle East Tension: ईरान के इस छोटे से आईलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं ट्रंप? जानें छोटा सा टापू क्यों इतना खास
विमानों में ईंधन भरने से जुड़े खतरे भी सामने आए
अमेरिका के एक अधिकारी ने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी से कहा था कि हादसे में शामिल दूसरा विमान सुरक्षित ढंग से लैंड कर गया था. दूसरा विमान भी अमेरिकी सेना का ही एक रीफ्यूलिंग विमान था. ईरान के खिलाफ अमेरिका ने हाल के अभियानों में हिस्सा लेने के लिए मध्य-पूर्व में बड़ी संख्या में विमान तैनात किए थे. इस घटना की वजह से सिर्फ अभियानों ही नहीं बल्कि हवा में विमानों में ईंधन भरने से जुड़े खतरे भी सामने आए हैं.
All Crew Members of U.S. KC-135 Loss in Iraq Confirmed Deceased
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 13, 2026
TAMPA, Fla. – All six crew members aboard a U.S. KC-135 refueling aircraft that went down in western Iraq are now confirmed deceased. The aircraft was lost while flying over friendly airspace March 12 during…
अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Middle East Tension: ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनते ही मोजतबा खामेनेई ने दिया कड़ा संदेश, जानें अमेरिका-इस्राइल के लिए क्या कहा?
अमेरिकी कांग्रेस में ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की मांग, डेमोक्रेटिक सीनेटर्स का सवाल-क्या टारगेट चुनते समय एआई का इस्तेमाल हुआ था
वाशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान में एक गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिकी हमले का मामला अमेरिका की संसद में बहस का विषय बन गया है। अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने इस मामले में पेंटागन से जवाब मांगा है और घटना की पूरी जांच की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कम से कम 175 लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं थीं।
28 फरवरी को ईरान के मिनाब शहर में यह हमला ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुआ था। इस दौरान शाजारेह तैय्येबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं।
न्यू मैक्सिको के प्रतिनिधि गैब वास्केज ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को एक पत्र लिखकर इस मामले में विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि अमेरिकी सेना नागरिकों को नुकसान से बचाने और ऐसी घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने के लिए क्या कदम उठा रही है।
वास्केज और अन्य सीनेटरों ने पत्र में लिखा, किसी भी परिस्थिति में नागरिकों और नागरिक ढांचे को हमले का लक्ष्य नहीं बनाया जा सकता। सभी पक्षों को हर हाल में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनाए गए उपायों और इस एयरस्ट्राइक में हुए नुकसान की जांच की मांग की।
वहीं, कांग्रेस सदस्य जेसन क्रो के नेतृत्व में 120 से ज्यादा डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी पेंटागन से इस हमले और ईरान में जारी युद्ध के दौरान नागरिकों की मौतों को लेकर जवाब मांगा है।
सीनेटरों ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता उस घटना को लेकर है, जिसमें एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ। इस हमले में कम से कम 175 लोग मारे गए, जबकि करीब 100 बच्चे और स्टाफ घायल हुए।
सीनेटरों ने पेंटागन से यह भी पूछा है कि हमले के दौरान टारगेट चुनने की प्रक्रिया क्या थी, नागरिकों को नुकसान का खतरा कितना आंका गया था और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सेना ने क्या कदम उठाए? यह भी सवाल उठाया कि क्या लक्ष्य चुनने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। अगर किया गया था, तो क्या हमले की अनुमति देने से पहले इंसानी स्तर पर उसकी जांच और पुष्टि की गई थी।
सीनेटरों ने मांग की है कि स्कूल पर हुए हमले और अन्य नागरिक हताहतों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
इस बीच कुछ वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। इनमें मार्क वॉर्नर, ब्रायन शैट्ज, पैटी मरे, जीन शाहीन, जैक रीड और क्रिस कून्स शामिल हैं।
इन सीनेटरों ने कहा, स्कूल के बच्चों की हत्या किसी भी परिस्थिति में बेहद भयावह और अस्वीकार्य है। इस घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। कमांड स्तर की यह जांच तब तक जारी रहेगी, जब तक इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को पूरी तरह समझ नहीं लिया जाता।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि जांच में हमले की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद उसके नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे। अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।
सांसदों द्वारा भेजे गए पत्रों के अनुसार इस सैन्य अभियान के दौरान अब तक 1,000 से ज्यादा नागरिकों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई है कि कुछ हमले स्कूलों, अस्पतालों, सार्वजनिक जगहों और अन्य नागरिक ढांचों पर भी हुए हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















