बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं, धैर्य रखें रिटेल निवेशक: सेबी प्रमुख
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।
उन्होंने कहा, रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं।
पांडे ने कहा, हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है।
पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।
उन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते।
वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है।
उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।
सेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।
आगे की दिशा पर बात करते हुए सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, संस्थागत निवेशकों की ज्यादा भागीदारी और तकनीकी नवाचार जरूरी होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि निवेशकों की सुरक्षा के लिए सेबी कई कदम उठा रहा है, जिनमें सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी की निगरानी और पीएआरआरवीए जैसे निगरानी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि बाजार में संभावित हेरफेर और गलत जानकारी का पता लगाया जा सके।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इसरो ने सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का 22 टन थ्रस्ट पर किया सफल हॉट टेस्ट
नेल्लई, 14 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नेल्लई जिले के महेंद्रगिरि में स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में 22 टन के थ्रस्ट वाले सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर पर हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किया गया। इससे पहले, नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करके समुद्र-स्तर पर किए जाने वाले टेस्ट 19 टन थ्रस्ट स्तर पर किए जा रहे थे।
सीई20 क्रायोजेनिक इंजन एलवीएम3 लॉन्च व्हीकल के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति देता है। एलवीएम3 व्हीकल की पेलोड क्षमता को बढ़ाने के लिए, एलवीएम3 के भविष्य के मिशनों को एक उन्नत सी32 चरण के साथ संचालित करने की योजना है, जिसमें सीई20 इंजन के लिए 22 टन का थ्रस्ट होगा।
इसे देखते हुए, सीई20 इंजन का फ्लाइट एक्सेप्टेंस टेस्ट भी 22 टन थ्रस्ट स्तर पर किया जाना जरूरी है। इसी कारण, इस मौजूदा टेस्ट ने नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम (एनपीएस) का इस्तेमाल करके, 22 टन थ्रस्ट स्तर पर 165 सेकंड की अवधि के साथ इंजन के समुद्र-स्तर टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरे टेस्ट के दौरान, इंजन और टेस्ट सुविधा दोनों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा।
समुद्र-स्तर पर सीई20 इंजन का टेस्ट करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, जिसका मुख्य कारण इसका उच्च एरिया रेशियो वाला नोजल है, जिसका निकास दबाव लगभग 50 एमबार होता है। समुद्र-स्तर पर टेस्ट के दौरान मुख्य चिंता नोजल के अंदर फ्लो सेपरेशन की होती है, जिससे फ्लो सेपरेशन तल पर गंभीर कंपन और थर्मल समस्याएं पैदा होती हैं, और नोजल को यांत्रिक क्षति पहुंचने की संभावना रहती है।
इस परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए क्रायोजेनिक इंजन ने रिकॉर्ड संख्या में (20 बार) सफलतापूर्वक हॉट टेस्ट पूरे किए हैं। इसकी मदद से एक ही इंजन का उपयोग करके कई अहम तकनीकों का प्रदर्शन संभव हो पाया है। इनमें मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर का उपयोग करके इंजन को प्रज्वलित करना, प्रोपेलेंट टैंक के दबाव और प्री-इग्निशन चैंबर के दबाव की विस्तृत श्रृंखला पर गगनयान के लिए इग्निशन मार्जिन का प्रदर्शन, 20 टन थ्रस्ट स्तर पर गगनयान के लिए इंजन का प्रमाणीकरण, 22 टन थ्रस्ट स्तर पर इंजन के संचालन का प्रदर्शन और प्रमाणीकरण, उड़ान के दौरान इंजन को दोबारा चालू करने में सक्षम बनाने के लिए, बिना किसी स्टार्ट-अप प्रणाली के सीई20 इंजन को बूट-स्ट्रैप मोड में चालू करना, स्वदेशी टर्बोपंप बेयरिंग का प्रमाणीकरण, स्वदेशी सेंसर का प्रमाणीकरण और समुद्र तल पर उच्च क्षेत्र अनुपात वाले नोजल के हॉट टेस्ट के लिए नोजल सुरक्षा प्रणाली का प्रमाणीकरण शामिल है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
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