Riyadh में मिसाइल हमलों को Saudi Air Defence ने किया ध्वस्त, Aramco भवन को मामूली नुकसान
दुबई, आठ नवंबर (एपी) सऊदी अरब ने रविवार को राजधानी रियाद और अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर दागी गईं मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइलों का मलबा गिरने से रियाद के वित्तीय जिले में सरकारी तेल कंपनी अरामको की एक इमारत को नुकसान पहुंचा। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, जो पहले भी इस तरह के हमलों का दावा करते रहे हैं। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा कि उसने ओमान सागर में एक मालवाहक जहाज में आग लगने के बाद चालक दल के 22 सदस्यों को बचा लिया। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए जोखिम बना हुआ है।
रियाद में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार सुबह उन्होंने जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी। उन्होंने कहा कि रियाद के किंग अब्दुल्ला वित्तीय जिले में स्थित अरामको की इमारत की कई मंजिलों को नुकसान पहुंचा है। कुछ मंजिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दीं, जबकि अन्य मंजिलों के बाहरी शीशों को नुकसान पहुंचा।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रविवार तड़के रियाद और अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने वाली दो बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलों को नष्ट कर दिया। गठबंधन ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि हमले के दौरान गिरे मिसाइल के मलबे से इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा।
मंत्रालय ने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने रात में सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया। यह क्षेत्र यमन की सीमा से सटा है और पहले भी हूती विद्रोहियों के हमलों का सामना कर चुका है।
यह घटनाक्रम शनिवार को यमन की राजधानी सना के पास सऊदी अरब के हवाई हमलों के बाद हुआ। सना पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। हूती अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है।
Jharkhand News: रांची में पेड़ों को बचाने की अनोखी मुहिम, रंग-बिरंगी कलाकृतियों से प्रकृति बचाने की अपील
Jharkhand News: रांची के एसईसी सेक्टर-2 इलाके में सड़क को चार लेन से बढ़ाकर 10 लेन करने की तैयारी चल रही है. इसके लिए पेड़ों पर निशान लगाए गए हैं. इससे नाराज स्थानीय लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अनोखी मुहिम शुरू की है. ‘अपनी रांची’ अभियान के तहत लोग पेड़ों पर रंग-बिरंगी कलाकृतियां बनाकर विरोध जता रहे हैं. कहीं फूल-पत्तियों की तस्वीरें बनाई गई हैं, तो कहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पेड़ों को बचाने की अपील की गई है.
विकास के साथ हरियाली भी जरूरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस इलाके में करीब 7 हजार पेड़ हैं. इनमें से कई पेड़ 1984 से 1992 के बीच लगाए गए थे. लोगों का कहना है कि इन पेड़ों को तैयार करने में काफी मेहनत लगी है. पेड़ों की कटाई से गर्मी बढ़ेगी और लोगों की सेहत पर भी असर पड़ेगा.
हर वर्ग के लोग अभियान में शामिल
पेड़ों को बचाने की मुहिम में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. लोगों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हजारों पेड़ों की कटाई मंजूर नहीं है. कलाकृतियों और नारों के जरिए उनका संदेश साफ है कि सड़क का विस्तार हो, लेकिन हरियाली को नुकसान पहुंचाए बिना. जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना जरूरी है.
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