PM मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की बधाई, आज जवानों के साथ मनाएंगे त्योहार
PM Modi Diwali Greetings: दिवाली की रौनक के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को खास अंदाज में त्योहार की बधाई दी. उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए दिवाली को अंधकार पर रोशनी की जीत का प्रतीक बताया. लेकिन इस बार पीएम मोदी के संदेश में एक खास बात भी रही. उन्होंने साफ किया कि जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा वह इस साल भी जारी रखेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. पीएम मोदी ने कहा कि दिवाली रोशनी का त्योहार है और यह अंधकार के खिलाफ हमारी लड़ाई और संकल्प को दिखाता है. उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा जारी रखने की बात भी कही. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि सभी को दिवाली की शुभकामनाएं! देशभर में रहने वाले मेरे परिवार के सदस्यों को दिवाली की ढेर सारी बधाई.
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कल शाम को जारी किया था वीडियो संदेश
इससे पहले शनिवार को भी प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को दिवाली की बधाई दी थी. उन्होंने कहा कि दिवाली के मौके पर पूरा देश रोशनी से जगमगा रहा है. यह त्योहार अंधकार के खिलाफ हमारे संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने कामना की कि सभी का त्योहार और आने वाला समय खुशियों, शांति और समृद्धि से भरा रहे.
जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा रखेंगे जारी
पीएम मोदी ने कहा कि वह भी दिवाली का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं. हर साल देश के बहादुर जवानों के बीच दिवाली मनाना उनके लिए एक परंपरा बन गई है. उन्होंने बताया कि इस साल भी वह अपनी इस परंपरा को जारी रखेंगे.
उपराष्ट्रपति से भी की मुलाकात
दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भी मुलाकात की और उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें दिवाली की बधाई दी. बता दें कि पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हुई थी. इसके बाद 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई गई. 8 नवंबर को मुख्य दिवाली और लक्ष्मी पूजन किया जा रहा है. वहीं, 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 10 नवंबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा.
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IRGC ने गिराए 260 अमेरिकी एयरक्राफ्ट, 7 ड्रोन सुरक्षित पकड़े! ईरान ने संभावित हमले के बीच किया बड़ा दावा
US-Iran War: अमेरिका के साथ सैन्य टकराव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत को लेकर बड़ा दावा किया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि उसने अमेरिकी हमलों के दौरान दुश्मन के 260 विमानों को मार गिराया. इतना ही नहीं, ईरान ने सात टोही ड्रोन भी सुरक्षित बरामद करने का दावा किया है. अब ईरान अपनी मिसाइल और ड्रोन तकनीक को लेकर भी नए दावे कर रहा है. उसका कहना है कि उसने जमीन के नीचे मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियां तैयार की हैं, ताकि दुश्मन की बमबारी के बावजूद हथियारों का उत्पादन जारी रखा जा सके. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमताओं को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. IRGC की एयरोस्पेस फोर्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेबी ने शनिवार को कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा तकनीक को काफी मजबूत किया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ संघर्ष के दौरान ईरान की एयर डिफेंस यूनिट्स ने दुश्मन के 260 विमानों को रोका और मार गिराया. इसके अलावा, पिछले एक-दो हफ्तों में सात टोही ड्रोन भी सुरक्षित बरामद किए गए हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
तेहरान के सरचेशमेह कल्चरल कॉम्प्लेक्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहेबी ने कहा कि ईरान ने अपनी तकनीकी क्षमता और भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल करके जमीन के नीचे मिसाइल बनाने और रखने की सुविधाएं विकसित की हैं. उन्होंने बताया कि हाल के सैन्य संघर्षों के बाद देश के एयर डिफेंस नेटवर्क को तेजी से मजबूत किया गया है.
जमीन के नीचे बनाई जा रहीं मिसाइल फैक्ट्रियां
मोहेबी के मुताबिक, ईरान ने दुश्मन की बमबारी के बावजूद मिसाइल और ड्रोन का उत्पादन जारी रखने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. इसके तहत कई उत्पादन केंद्रों को जमीन के ऊपर से नीचे स्थानांतरित किया गया है. उन्होंने कहा कि इससे हमले के दौरान भी हथियारों का निर्माण जारी रखना संभव हुआ है. IRGC के एयरोस्पेस वीक के दौरान इनसे जुड़े कुछ खास सैन्य उपकरण भी प्रदर्शित किए जाएंगे.
सैन्य उपकरणों के निर्यात का भी दावा
प्रवक्ता ने ईरान की सैन्य प्रगति के तीन प्रमुख आधार बताए. पहला, एयरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और वैज्ञानिक विशेषज्ञता विकसित करना. दूसरा, इस तकनीक का इस्तेमाल करके देश में ही सैन्य उपकरणों का उत्पादन करना और तीसरा, हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म करना.
उन्होंने कहा कि पहले ईरान सैन्य हथियारों का आयात करता था, लेकिन अब वह इस क्षेत्र में निर्यातक बन गया है. उनके मुताबिक, अरमान मिसाइल, 358 ड्रोन और खोरदाद-3 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे उपकरण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मोहेबी ने कहा कि अब ईरान अपनी सैन्य जरूरतों के लिए हथियारों और उनके जरूरी पुर्जों की आपूर्ति दूसरे देशों से नहीं लेता. उन्होंने दावा किया कि एयरोस्पेस फोर्स के हथियार पूरी तरह घरेलू तकनीक और विशेषज्ञता से तैयार किए जा रहे हैं.
आगे भी सैन्य ताकत बढ़ाने का दावा
IRGC प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार विकसित कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में फिर कोई युद्ध होता है तो दुनिया को ईरान की एयरोस्पेस फोर्स की नई क्षमताएं देखने को मिलेंगी. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए इन सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है.
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