मैनचेस्टर सिटी की लगातार तीसरी हार, आर्सेनल ने छह अंक की बढ़त बनाई
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8वें वेतन आयोग पर क्या चल रहा है काम? सैलरी और पेंशन को लेकर जानिए ताजा अपडेट...
8th Pay Commission latest news: 8वां वेतन आयोग कब आएगा? इस पर सरकार क्या काम कर रही है? सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में इन दिनों ये सवाल है. लंबे समय से कर्मचारी और पेंशनर्स इसकी सिफारिशों का इंतजार कर रहे है. कर्मचारियों की चिंता का कारण इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि आयोग के गठन को करीब एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से न तो नई सैलरी का कोई फॉर्मूला सामने आया है और न ही कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर पर सरकार ने कोई ऐलान किया है.
इस बीच कर्मचारियों के संगठन न्यूनतम बेसिक सैलरी 69 हजार रुपये से लेकर 72 हजार रुपये तक करने की मांग कर रहे हैं. वहीं, पेंशनर्स भी अपनी पेंशन में बढ़ोतरी के साथ कई दूसरे बदलाव चाहते हैं. लेकिन सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई ठोस जवाब नहीं दिया है. संगठनों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस बारे में उनके हक में कोई ऐलान करेगी.
8th CPC!
— 8th pay commission (@8thpaycommision) November 3, 2026
One year has passed approximately 66% of the timeline completed. Central Government employees are eagerly waiting for the next big milestones — recommendations, fitment factor and revised pay structure. #8thpaycommission pic.twitter.com/HkSXXXcd8g
2025 में हुआ था आयोग का गठन, जल्द जारी होंगी सिफारिशें
जानकारी के मुताबिक आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स और अलग-अलग संगठनों से सुझाव लेने का काम पूरा कर लिया है. बता दें 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग ने बीते फरवरी में कर्मचारियों, पेंशनर्स, मंत्रालयों और दूसरे संबंधित पक्षों से राय मांगी थी.
फिटमेंट फैक्टर क्या है, इससे कैसे तय होती है नई सैलरी?
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर एक गुणांक होता है, जिसका इस्तेमाल मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित करके नई बेसिक सैलरी तय करने में किया जाता है. जैसे 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. इसी के आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुई थी. यहां बता दें कि नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. वहीं, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने इसे 4.0 रखने की मांग की है.
न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर कितनी हो सकती है?
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है. अब कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 69,000 से 72,000 रुपये तक करने की मांग कर रहे हैं. NC-JCM ने न्यूनतम बेसिक वेतन 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. इन मांगों के पीछे कर्मचारियों का तर्क है कि महंगाई, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाले खर्च को देखते हुए मौजूदा वेतन संरचना में बदलाव जरूरी है.
पेंशनर्स की क्या मांगें हैं?
पेंशनर्स की मांग है कि महंगाई और बढ़ते खर्च को देखते हुए पेंशन की गणना के नियमों में बदलाव किया जाए. भारत पेंशनर्स समाज ने आयोग के सामने न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़ाकर 45,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. संगठन ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन में संशोधन की मांग की है. इसके अलावा अंतिम वेतन का 67 फीसदी पेंशन के रूप में देने और फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50 फीसदी करने का सुझाव भी दिया है.
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब तक आएगी?
आयोग को सरकार को मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं. जरूरत पड़ने पर आयोग किसी विषय पर अपनी सिफारिश पहले पूरी करके अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है. वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी कब से मिलेगी, इसका फैसला सरकार को करना है. बता दें 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की भी है कि क्या कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलेगा. दरअसल, पिछले वेतन आयोगों की तरह 10 साल के अंतराल को देखते हुए 8वें वेतन आयोग का प्रभाव सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना गया था.
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