TRP List: अनुपमा से छिन गई नंबर 1 की जगह, तो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' और 'नागिन 7' का हुआ 'बंटाधार'
TRP List: एक तरफ जहां लोग ओटीटी पर फिल्में और वेब शो देखना पसंद करते हैं. तो वहीं, दूसरी ओर टीवी सीरियल्स का भी अलग फैन बेस हैं. टीवी सीरियल्स के लवर्स को हर हफ्ते टीआरपी लिस्ट का इंतजार रहते है. ऐसा हो भी क्यों न, क्योंकि फैंस जानना चाहते हैं कि उनका फेवरेट शो किस नंबर पर है और दर्शकों को कितना पसंद आ रहा है. ऐसे में बार्क इंडिया ने साल 2026 के 9वें हफ्ते की टिआरपी लिस्ट जारी कर दी है. चलिए जानते हैं, किस शो ने बाजी बारी.
टॉप 10 में पहुंचा 'लाफ्टर शेफ 3'
कॉमेडियन भारती सिंह और शेफ हरपाल सिंह का कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ 3' (Laughter Chef) इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है. इस शो में कई जाने माने कलाकार नजर आते हैं, जो अपनी कॉमेडी से शो में चार-चांद लगाते हैं. इस हफ्ते ये शो टीआरपी में 10वें नंबर पर है और इसे 1.4 रेटिंग मिली है. वहीं, सालों से लोगों को हंसाते आ रहा 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) 1.5 रेटिंग के साथ 9वें स्थान पर है. इस शो की दीवानगी ऐसी है कि दर्शक इसे देखना काफी पसंद करते हैं. इतना ही नहीं इस शो के किरदार भी लोगों को पसंद आते हैं.
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' का ऐसा रहा हाल
टीवी शो 'वसुधा' (Vasudha) लोगों को काफी पसंद आ रहा है. ये शो 1.5 रेटिंग के साथ इस हफ्ते 8वें नंबर पर है. सरगुन मेहता का शो 'गंगा माई की बेटियां' (Ganga Mai Ki Betiyaan) इस हफ्ते फिर से नीचे आ गया. शो ने 1.6 रेटिंग हासिल की है, और ये सातवें नंबर पर पहुंच गया है. वहीं, सालों से लोगों का मनोरंजन करता आ रहा राजन शाही का फेमस शो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) काफी समय से टीआरपी में टॉप 5 से बाहर और इस बार भी ये लिस्ट में छठे नंबर पर है, सीरियल ने 1.6 रेटिंग हासिल की है.
ये भी पढ़ें- Bigg Boss 19 के विनर गौरव खन्ना ने किया चौंकाने वाला खुलासा, एक्टर ने कहा अभी तक नहीं मिली प्राइज मनी
नागिन 7 भी नहीं दिखा पा रहा कमाल
एकता कपूर का पॉपुलर सीरियल 'नागिन 7' (Naagin 7) शुरुआत में टॉप पर बना था. शो को काफी पसंद किया जा रहा था. लेकिन धीरे-धीरे इसकी टीआरपी गिरने लगी, शायद लोगों कि शो की कहानी ज्यादा दिलचस्प नहीं लग रही है. इस हफ्ते प्रियंका चाहर चौधरी का ये शो पांचवें नंबर पर है और इसे 1.6 टीआरपी मिली है. 'उड़ने की आशा' (Udne Ki Asha) को इस हफ्ते 1.6 टीआरपी रेटिंग के साथ चौथे नंबर पर है. आर्यवर्धन और अनु का सीरियल तुम से तुम तक (Tum Se Tum Tak) टीआरपी में धाक जमाए हुए हैं और इस हफ्ते शो को 1.7 रेटिंग मिली है और ये तीसरे नंबर पर है.
अनुपमा से छिन गई नंबर 1 की जगह
वहीं, रुपाली गांगुली का शो 'अनुपमा' (Anupamaa) टीआरपी में नंबर 1 पर रहता था. लेकिन अब लग रहा है कि दर्शकों को शो का प्लॉट कुछ पसंद नहीं आ रहा है. ऐसे में अनुपमा के नंबर 1 की पॉजिशन छिन गई है और ये दूसरे नंबर पर आ गया है. शो को 1.9 रेटिंग मिली है. वहीं, पिछले कुछ हफ्तों से टीवी के पॉपुलर सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' (Kyuki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2) ने लोगों का दिल जीत रहा है और इस बार ये 2.1 रेटिंग के साथ नंबर 1 पर है.
ये भी पढ़ें- यूवराज सिंह से सहवाग तक, गौरव-कृतिका की शादी में जमकर नाचे ये क्रिकेटर्स, इनसाइड Video हुआ लीक
ऑस्ट्रेलिया में बिकेगा 'गंदा फ्यूल', बाजार में हर महीने 10 करोड़ लीटर अतिरिक्त सप्लाई का लक्ष्य
कैनबरा, 12 मार्च (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति दबाव को कम करने के लिए एक अहम फैसला लेते हुए देश में ईंधन गुणवत्ता मानकों में अस्थायी ढील देने की घोषणा की है, यानी लोगों को गंंदे ईंधन से काम चलाना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर नीचे की ओर दबाव बनाने में मदद मिलेगी।
ऑस्ट्रेलिया के ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने संसद में बताया कि सरकार 60 दिनों के लिए ईंधन में सल्फर की अधिक मात्रा की अनुमति देगी। आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की गुणवत्ता को लेकर सख्त मानक लागू हैं, जिनमें सल्फर की मात्रा सीमित रखी जाती है ताकि पर्यावरण और वाहनों पर नकारात्मक असर कम हो।
सरकार के अनुसार, मानकों में यह बदलाव ईंधन आपूर्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। इस फैसले के तहत रिफाइनरियों और सप्लाई नेटवर्क को थोड़ी अधिक सल्फर मात्रा वाले ईंधन का उपयोग और वितरण करने की अनुमति होगी, जिससे उत्पादन और आपूर्ति में तेजी लाई जा सकेगी।
सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से हर महीने करीब 100 मिलियन लीटर यानी लगभग 10 करोड़ लीटर अतिरिक्त ईंधन बाजार में उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे परिवहन, उद्योग और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।
ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और 60 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद ईंधन गुणवत्ता के सामान्य मानक फिर से लागू कर दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर भी नजर रखी जाएगी।
ईरान के साथ यूएस-इजरायल सैन्य संघर्ष का ईंधन की कीमतों पर भी असर दिखने लगा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया अस्थायी कदम है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















